कारोबार में विभिन्न प्रकार के उपकरण और मशीनों की जरूरत होती है। कारोबार जब मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में हो तो मशीनों और उपकरणों की आवश्यकता अनिवार्य बन जाती है। सर्विस सेक्टर के बिजनेस में उपकरणों और वाहनों की जरूरत होती है।

चूंकि उपकरण हो या मशीनरी या वाहन हो इनको  खरीदने के लिए एकमुश्त पैसा देना होता है। ऐसे में अगर तत्काल धन नहीं उपलब्ध होता है तो बिजनेस चलाना जरा कठिन हो जाता है। बिजनेस बढ़ाने के बारे में कारोबारी सोच भी नहीं पाते हैं।

हम कहें कि करोबारी के पास खुद का एकमुश्त धन न होने पर भी जरूरी उपकरण, मशीनरी और वाहन खरीदा जा सकता है तो आप क्या कहेंगे? हो सकता है आप आश्चर्य में पड़ जाएं और पूछे कि यह कैसे संभव है? तो इसका उत्तर है – इक्विपमेंट लोन के जरिए आप अपने बिजनेस में जरूरी उपकरण, मशीन और वाहन खरीद सकते हैं। आइए इस ब्लॉग में जानते है कि इक्विपमेंट लोन क्या होता है और कैसे मिलता है?

क्या होता है इक्विपमेंट लोन – What is an equipment loan?

यह एक प्रकार का बिजनेस चलाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता है। यह आर्थिक सहायता बिजनेस लोन के रुप में मिलती है। आपका सवाल होगा कि यह सहायता कौन देता है? तो इस सवाल का उत्तर है- इक्विपमेंट लोन रुपी आर्थिक सहायता सरकारी बैंक और एनबीएफसी संस्थाएं प्रदान करती हैं।

एनबीएफसी संस्थाओं से जो लोन अपरिचित हो उनको बता दें कि इन एनबीएफसी का पूरा नाम नॉन बैंकिंग फाइनेसियल कंपनी है। यह संस्थाएं भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के रजिस्टर्ड होती है। एनबीएफसी संस्थाओं का काम बैंको से जरा अलग होता है। यह संस्थाएं सिर्फ लोन देने का काम करती हैं।

इक्विपमेंट लोन के तहत किसी भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग यानी कारोबार में आवश्यक उपकरण, मशीनरी और वाहन को खरीदने के लिए या उनकी मरम्मत कराने के लिए 100 प्रतिशत तक का लोन मिलता है। इक्विपमेंट लोन की खास बात यह होती है कि यह बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखें मिलता है, जिसपर मार्केट रेट की अपेक्षा कम ब्याज दर लगती है।

यह लोन भी बिजनेस लोन के तहत ही प्रदान किया जाता है। इक्विपमेंट लोन शार्ट टर्म लोन के अंतर्गत आता है। लोन को चुकाने का समय 12 महीने से 24 महीने का समय होता है। कुछ एनबीएफसी कंपनियां प्री पेमेंट फ्री की सुविधा भी देती हैं।

आपको बता दें कि प्री पेमेंट फ्री का मतलब होता है कि अगर कोई कारोबारी 24 महीने का लोन करवाता है लेकिन कारोबारी के पास 6 महीने बाद ही पर्याप्त पैसा आ जाता है तो वह चाहें तो सातवें महीने में ही अपना इक्विपमेंट लोन चुका कर 18 महीने की ब्याज देने से बच सकता है।

यहां यह भी बता देना उचित होगा कि कुछ ही कंपनियां हैं जो प्री पेमेंट फ्री का ऑप्शन देती हैं। ZipLoan कंपनी 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री का ऑप्शन देने वाली प्रमुख एनबीएफसी है। ZipLoan से बिना कुछ गिरवी रखे बेहद कम ब्याज दरों पर बिजनेस लोन मिलता है।

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उद्योगों को इक्विपमेंट लोन की जरूरत कब पड़ती है?

कब किसे और कहां पैसे की जरूरत पड़ सकती है, कहा नहीं जा सकता है। कारोबारी कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे बिजनेस लोन की आवश्यकता पड़ती ही है। विश्व के जितने भी बड़े उद्योगपति हैं, उन सभी लोगों ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपना बिजनेस लोन लेकर ही आगे बढ़ाया है।

छोटे और मध्यम कारोबारियों को अपने बिजनेस में समय – समय उन्नत यानी नई टेक्नोलॉजी वाले उपकरण और मशीनें लगाना होता है। पुरानी मशीनों को अपग्रेड कराना होता है संभव है कि माल सप्लाई करने के लिए गाड़ी भी खरीदना पड़ सकता है।

ऐसे में जरूरी नहीं कि कारोबारी के पास इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल में पैसा उपलब्ध हो। यह भी हो सकता है कि कारोबारी का पैसा मार्केट में लगा हो और पेमेंट में देरी हो। तो ऐसे में काम आता है बिजनेस लोन।

उद्योग में नई मशीन, उपकरण और माल सप्लाई गाड़ी खरीदने के लिए इक्विपमेंट लोन लेने का फैसला बेहतरीन साबित हो सकता है। इससे कारोबारी को अपने बिजनेस में जरूरत के उपकरण भी जायेंगे और कारोबारी को पैसों का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

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इक्विपमेंट लोन की पात्रता क्या होती है?

पात्रता की जांच करना यानी यह देखना कि किसको इक्विपमेंट लोन मिल सकता है और किसको नहीं मिल सकता है। यह बेहद महत्वपूर्ण होता है। उद्योग दो सेक्टर में बटा हुआ है। एक है मैनुफैक्चरिंग और दूसरा है सर्विस सेक्टर।

मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में ऑटोमोबाइल पार्ट्स निर्माता, फूड प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, फूड एंड बेवरेज प्रोडक्शन, मेडिसिन प्रोडक्शन, एग्रीकल्चर इत्यादि जैसे कारोबार आते हैं। इन सेक्टर में मशीनरी, उपकरण और ट्रक, ट्रैक्टर इत्यादि जैसे गाड़ियों की जरूरत पड़ती है।

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सर्विस सेक्टर में होटल, रेस्टोरेंट, टूरिज्म, कुरियर इत्यादि जैसे वह सभी कारोबार आते हैं जिनमें सर्विस के बदले पैसा लिया जाता है। इस सेक्टर में अधिकतर उपकरण और वाहन की जरूरत पड़ती है। कुछ बिजनेस में मशीन की भी आवश्यकता होती है।

दोनों सेक्टर के लिए इक्विपमेंट लोन की पात्रता अधिकांश एक ही तरह की होती है। बिजनेस में सालाना टर्नओवर दोनों सेक्टर का अलग – अलग मांगा जाता है।

इक्विपमेंट लोन की पात्रता

  • अप्लाई करने वाले व्यक्ति की उम्र 21 साल से अधिक और 65 साल से कम हो
  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • पिछले साल फाइल की गई ITR 1 लाख 50 हजार से अधिक की हो।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद अप्लाई करने वाले के नाम पर हो या ब्लड रिलेटिव में से किसी के नाम पर हो।

यह पात्रता प्राथमिक है। इस पात्रता की मांग लगभग सभी कंपनियां करती हैं। जब भी आप किसी कंपनी से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें तो पहले पात्रता जरूरत जांच लें।

इक्विपमेंट लोन के लिए जरूरी कागज़ी दस्तावेज

  • नवीनतम पासपोर्ट आकार की तस्वीर,
  • पहचान पत्र जैसे वोटिंग कार्ड
  • पैन कार्ड
  • कंपनी के केवाईसी दस्तावेज
  • पिछले तीन वर्षों के फाइनेंसियल रिपोर्ट
  • पिछले दो वर्षों के दौरान फाइल की गई आईटीआर की कॉपी
  • कारोबार में खरीदी जाने वाली मशीन का विवरण

जरूरी कागजातों की लिस्ट प्राइमरी है। कुछ बैंक और एनबीएफसी कंपनी इन्हीं कागजातों के आधार पर इक्विपमेंट लोन दे देती हैं। ध्यान देनी वाली बात है कि जब भी आप बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें तो वहां से जरूरी कागजातों की लिस्ट जरुर पता कर लें।

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