Working Capital किसी कारोबार में लगने वाली रकम की उस जरुरत को बताता है, जो उस कारोबार के दैनिक कार्य के लिए जरूरी होती है। सीधे शब्दों में इसे बिजनेस को चलाने में होने वाले खर्च के रूप में समझ सकते हैं। वर्किंग कैपिटल को हिंदी में कार्यशील पूंजी कहा जाता है यानी कारोबार चलाने में लगने वाली रकम। इस किसी कारोबार के वर्किंग कैपिटल को निकालने का फार्मूला होता है। आइए इस ब्लॉग में वर्किंग कैपिटल फार्मूला के बारे में समझते है।

Working Capital फार्मूला

Working Capital फार्मूला को अगर टेक्निकली भाषा में समझे तो इसे कंपनी या बिजनेस की CURRENT ASSET के टोटल योग से CURRENT LIABILITIES को घटाने के बाद आने संख्या को वर्किंग कैपिटल कहा जाता है।

इसका फार्मूला इस तरह होता है:

Working Capital = Current Assets – Current Liabilities

वर्किंग कैपिटल में करेंट एसेट का मतलब

Working Capital फार्मूला को आसान तरीके से समझने के लिए CURRENT ASSET (करेंट एसेट) का अर्थ जानना जरूरी है। करेंट एसेट का अर्थ है: कैश, बैंक बैलेंस, कस्टमर्स से मिलने वाली बकाया रकम, बिकने से बचे हुए प्रोडक्ट का स्टॉक और बिकने को तैयार प्रोडक्ट।

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वर्किंग कैपिटल में करेंट लाईबिलितिज का मतलब

करेंट लाईबिलिटीज (CURRENT LIABILITIES) का अर्थ है: सप्लायर और अन्य दुसरे लोगो को दी जाने वाली बकाया रकम, लोन इत्यादि।

कारोबार में वर्किंग कैपिटल का महत्त्व

वर्किंग कैपिटल का फार्मूला समझते हुए आपने देखा कि यह कैसे कारोबार को चलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कारोबार छोटा हो या बड़ा उसे चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल का होना बेहद ही जरूरी होता है। यही वह रकम होती है जिससे यह निर्धारित हो सकता है कि कारोबार को अगले कितने समय तक वित्तीय परेशानियों का सामना नही करना पड़ेगा।

अगर कारोबारी को लगता है कि कुछ समय बाद उसके कारोबार को चलाने वाली वर्किंग पूंजी कम हो जाएगी तो वह बिजनेस लोन लेने के बारे में सोचता है।

ZipLoan से मिल सकता है बिना कुछ गिरवी रखे वर्किंग कैपिटल लोन

ZipLoan कारोबारियों की वित्तीय जरूरतों का ख्याल रखते हुए बिना कुछ गिरवी रखे 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन प्रदान कर रहा है। ZipLoan से वर्किंग कैपिटल लोन के लिए शर्ते बेहद मामूली हैं, जैसे- बिजनेस 2 साल पुराना हो, सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख तक हो, पिछले साल भरी है ITR न्यूनतम डेढ़ लाख की हो। अगर इन मामूली शर्तों को कोई कारोबारी पुर्रा करता है तो उसे ZipLoan से प्राप्त होगा 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे और 6 महीने बाद प्री पेमेंट चार्जेस फ्री।

वर्किंग कैपिटल की कमी से हो सकता है कारोबार में घाटा

वर्किंग कैपिटल पर जो कारोबारी ध्यान नही देते या इसको सीरियसली नही लेते उन्हें कुछ समय बाद बिजनेस को कई तरह की मुसीबतों से जूझना पड़ता है। वह अपने ही बिजनेस को काफी उलझा हुआ पाते हैं। कारोबार की जगह पर समय पर किराया नही दे पाते, लाइट, पानी इत्यादि का समय से बिल नही भर पाते। कमर्चारियों को टाइम से सैलरी नही दे पाते जिससे कर्मचारी बिजनेस छोड़कर जाने लगते हैं, सप्लायर भी माल देना बंद कर देते हैं, क्योंकि उनको भी टाइम से पेमेंट नही मिलता।

कैसे करें Working Capital Loan के जरिए अपने बिजनेस का कैश फ्लो ठीक, जानिए विस्तार से

इन सभी मुसीबतों से बचने का सबसे सही तरीका है, Working Capital को बेहतर तरीके से मैनेज किया जाए और जब लगे की वर्किंग कैपिटल में रकम की कमी है तो उसे बिजनेस लोन के जरिए पूरा कर लेना चाहिए। ऐसा करके आप अपने बिजनेस को सफलता की ऊँचाइयों पर पहुंचा सकते हैं।

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