NSIC यानी National Small Industries Corporation जिसे हिन्दी में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) के नाम से जाना जाता है। एनएसआईसी भारत सरकार का एक उद्यम यानी कार्यक्रम है। यह देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का उन्नयन करने, उन्हें सहायता देने तथा उनके विकास में वृद्धि करने का कार्य करता है।

राष्ट्रीय लघु उघोग निगम (National Small Industries Corporation) की स्थापना 1955 में हुई है। NSIC अपने स्थापित वर्ष से ही देश व विदेशों में नए एवं पुराने लघु उद्यमों का उन्नयन का कार्य प्रारंभ कर दिया। साथ ही अपनी फाइनेंशियल कंडिशन, मार्केटिंग, कच्चा माल वितरण स्कीमें व टेक्नोलॉजी   प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम करता है।

राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (NSIC) के माध्यम से अनेक सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग इकाइयों की विकास में सहायता एवं प्रोजेक्ट और प्रोडक्ट बिकवाने में (निर्यात बढ़ाने) सहायता प्रदान करने का कार्य करता है। लघु उद्योग निगम देश भर में फैले अपनी ब्रांच ऑफिसों और टेक्निकल सर्विस केन्द्रों के माध्यम से अपना कार्य सुचारु रूप से करता है।

इन तमाम कार्यों के अलावा NSIC में मुख्य रुप से उद्योग यानी कारोबार करने वाले कारोबारियों की ट्रेनिंग और इंक्यूबेशन करने का कार्य होता है। NSIC द्वारा व्यापक रुप से व्यावसायिक जन-शक्ति के साथ ही उद्योग उद्यम क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार सर्विसेस का पैकेज उपलब्ध कराया जाता है।

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बिजनेस लोन – business loan एनएसआईसी द्वारा कारोबारियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं

  • राष्ट्रीय लघु उघोग निगम (NSIC) लघु उद्योगों (छोटे एवं मध्यम कारोबार) को किराए और खरीद पर देशी और विदेशी मशीनें उपलब्ध कराने में मदद करता है।
  • लघु उद्योगों (छोटे एवं मध्यम कारोबार) को विभिन्न योजनाओं के द्वारा फाइनेंशियल सहायता करता है,
  • कैड सहित प्रोडक्ट का डिजाइन प्राप्त करने में सहायता।
  • तकनीकी दक्षता हेतु कौशल विकास के लिए क्लास रूम व प्रैक्टीकल ट्रेनिंग उपलब्ध कराना।
  • सरकारी आदेश दिलाने में सहायता: लघु एवं कुटीर उद्योगों (सूक्ष्म एवं लघु उद्योग) द्वारा उत्पादित (बनाए गए) प्रोडक्ट के विक्रय हेतु केन्द्रीय तथा राज्य सरकारों के कार्यालयों में उन प्रोडक्ट की खरीद हेतु आदेश दिलाने में सहायता प्रदान करना।
  • प्रदर्शनी एवं विज्ञापन की व्यवस्था करना: केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर कुटीर एवं लघु उद्योगों के लिए प्रदर्शनी एवं सरकारी खर्च पर विज्ञापन की व्यवस्था की जाती है। NSIC लघु एवं मध्यम उद्योगों की बिक्री बढ़ाने के लिए एवं उनके प्रचार- प्रसार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न प्रदर्शनियों एवं विज्ञापन की व्यवस्था करता है।
  • चयनित केन्द्रों पर ऊर्जा तथा पर्यावरण सर्विस प्रदान करना।
  • नई तकनीकों को अपनाने के लिए परामर्श देना।
  • बड़ी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करना: एक आम धारणा होती है की प्रोडक्ट बड़ी कंपनी का है तो बेहतर हो होगा। इससे बिक्री बढ़ती है। NSIC लघु उद्योग (स्माल बिजनेस) और बड़े उद्योग (बड़ी कंपनी) के बीच समन्वय स्थापित करता है ताकि लघु उद्योग के प्रोडक्ट बड़े उद्योगों के प्रोडक्ट के साथ बेचे जा सके। यह तरीका छोटे एवं मध्यम कारोबारियों को बिक्री बढ़ाने में काफी सहायक होता है।
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कुल मिलाकर देखें तो राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) लघु एवं मध्यम (स्माल एंड मीडियम) उद्योगों के लिए बनाई विशेष योजनाओं का लाभ लघु उद्योगों को पूर्ण रूप से दिलाने में मदद करने वाली संस्था है। NSIC योजनाओं के सेट के साथ लघु उद्यमों को सहायता देने के अपने मिशन को आगे बढ़ाता है, जिससे ये लघु उद्योग एक प्रतियोगी (कम्पटीटर) बन सकें तथा लाभ की स्थिति में पहुंच सकें। इन योजनाओं में मार्केटिंग सहायता, बिजनेस लोन सहायता, टेक सहायता के साथ ही अन्य सर्विसेस भी शामिल हैं।

एनएसआईसी की ब्रांच शाखाएं एवं सर्विस केन्द्र

ब्रांच का नाम सर्विस केन्द्र एरिया
चेन्नई चमड़ा व फुटवियर
हावड़ा जनरल इन्जिरिंग
हैदराबाद इलेक्ट्रॉनिक तथा कम्प्यूटर एप्लीकेशन
नई दिल्ली मशीन टूल्स व उनसे जुड़े कार्य
राजकोट् ऊर्जा, ऑडिट तथा ऊर्जा संरक्षण कार्यकलाप
राजपुरा घरेलू बिजली के उपकरण
अलीगढ़ ताला क्लस्टर तथा डाई एवं टूल मेकिंग
नीमका जनरल इंजीनियरी

एनएसआईसी (NSIC) में रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

लघु एवं मध्यम उद्योग को NSIC से जुड़ने के लिए दो तरीके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन।

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एनएसआईसी का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

NSIC में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले एनएसआईसी की वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट खुलने के बाद ऑनलाइन अप्लाई करने के बटन पर क्लिक करना होगा। अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन का फॉर्म खुल जायेगा। अब सिर्फ आपको फॉर्म में मांगी गई जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरकर और जरूरी कागजातों को अटैच करके सबमिट कर देना होता है।

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एनएसआईसी का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म भरकर और जरूरी दस्तावेजों को नत्थी करके राष्ट्रीय लघु उघोग निगम के नजदीकी कार्यालय में जमा करना होता है। फॉर्म पाने के लिए क्लिक करें

एनएसआईसी रजिस्ट्रेशन की फीस

राष्ट्रीय लघु उघोग निगम (NSIC) में उद्योग का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए फीस देना होता है। फीस इस प्रकार है:

  • 1 करोड़ टर्नओवर वाले कारोबार के लिए Single Point Registration scheme में रजिस्ट्रेशन के लिए 5 हजार की फीस देना होता है।
  • कारोबार का टर्नओवर 1 करोड़ से अधिक होने पर, पहले 1 करोड़ के लिए 5 हजार और बाकि के लिए प्रति 2 हजार करोड़ रजिस्ट्रेशन फीस लगती है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस में शामिल नहीं होत, इसलिए टैक्स ले पैसे अलग से जुड़ते हैं।
  • रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद किसी भी तरह के एडिट या संशोधन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस के रुप में दी गई रकम की आधी रकम फीस के रुप में फिर से देना होता है।
  • अगर आप अपने NSIC सर्टिफिकेट को रिन्यू कराना चाहते हैं तो उस वक्त रजिस्ट्रेशन फीस का 50 प्रतिशत चार्ज देना होता है।
  • उद्योग का योग्यता प्रमाण पत्र (Competency Certificate) के लिए 5 हजार अलग से फीस देना होता है।
  • एस सी, एस टी वर्ग के लोगों को NSIC रजिस्ट्रेशन की फीस में 20 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • कुटीर (माइक्रो) उद्योगों के निरीक्षण के लिए 6 हजार और लघु (स्माल बिजनेस) के निरीक्षण के लिए 8 हजार फीस देना होता है।

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