कुछ समय पहले तक दुकानदार के पास लोग छुट्टा पैसा न होने का बहाना देते थे। जिसके चलते दुकानदार का फुटकर के रुप मे बहुत अधिक पैसा बकाया रह जाता था। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। शहरों और मध्यम शहरी ईलाको में तो ऐसा नहीं ही है। क्योंकि, अब दुकानदार यूपीआई पेमेंट का ऑप्शन रखने लगे हैं।

अक्सर आपने भी देखा होगा कि दुकानों पर पेटीएम, गूगल पे, फोन पे, और अमेज़न पे का एक छोटा सा स्टैंड खड़ा दिख जाता है। जिस पर एक स्कैन छपा होता है। ग्राहक अपने मोबाईल से उस स्कैन छाप को स्कैन कर के बहुत आसानी के साथ पेमेंट कर देते हैं। इसे ही यूपीआई कहते हैं। आइये आपको यूपीआई के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

यूपीआई क्या है और UPI की शुरुआत किसने की?

UPI का फूल फॉर्म Unified Payments Interface (UPI)- यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) है। यूपीआई को विकसित करने का श्रेय राष्ट्रीय भुगतान निगम – National Payments Corporation of India (NPCI) है। यूपीआई, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा विकसित एक तत्काल वास्तविक समय भुगतान प्रणाली है, जो अंतर-बैंक लेनदेन की सुविधा प्रदान करती है।

एनपीसीआई वह फर्म है जो RuPay पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी वीजा और मास्टरकार्ड को संभालती है। यह विभिन्न बैंकों को इंटरकनेक्ट और फंड ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) भी NPCI की एक पहल है। UPI को IMPS का उन्नत संस्करण माना जाता है। पेमेंट का इंटरफ़ेस भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित किया जाता है और मोबाइल प्लेटफॉर्म पर दो बैंक खातों के बीच तुरंत धनराशि स्थानांतरित करने का काम करता है।

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भारत में यूपीआई

भारत में यूपीआई का महत्व तब लोगों को पता चला, जब 2008 में भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 की नोटों को तत्काल बंद कर दिया गया और नोट बदलने के लिए आदेश दे दिया गया। तब अधिकतर लोगों ने कैशलेस पेमेंट का नाम सुना। उसी वक्त पेटीएम ने विज्ञापन दिया कि पेटीएम मोबाईल ऐप पर यूपीआई सुविधा उपलब्ध है, जिससे पेनेंट करने पर तत्काल पैसा ग्राहक के बैंक खाता में पहुंच जाता है। इसके बाद तो लोगों में बहुत तेजी से यूपीआई अपनाने का प्रचलन बढ़ा।

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भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के आगमन के साथ कैशलेस अर्थव्यवस्था को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है। भुगतान का नया मॉडल आपको अपने स्मार्टफ़ोन को वर्चुअल डेबिट कार्ड के रूप में उपयोग करने की अनुमति देता है। इसने तत्काल धन भेजने और प्राप्त करने को भी संभव बनाया है। क्यूआर कोड की अवधारणा ने डिजिटल पेमेंट का दायरा बहुत अधिक बढ़ा दिया है।

UPI कैसे काम करता है?

UPI ने मनी ट्रांसफर प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। आपको रिसीवर का खाता नंबर, खाता प्रकार, IFSC और बैंक का नाम याद नहीं रखना होगा। इसके बजाय, आप केवल बैंक खाते, या यूपीआई आईडी के साथ पंजीकृत अपने आधार नंबर, मोबाइल फोन नंबर को जानकर धन हस्तांतरण कर सकते हैं।

आप UPI सेवा का समर्थन करने वाले ऐप में से एक पर UPI ID सेट कर सकते हैं। अधिकतर, एक UPI, ID आपके मोबाइल नंबर से शुरू होती है, जिसके बाद ’@’ चिन्ह होता है और आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे ऐप के साथ समाप्त होता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका मोबाइल नंबर 90xxxxxx60 है और यदि आप पेटीएम ऐप का उपयोग कर रहे हैं, तो UPI आईडी be 90xxxxxx60 @ पेटीएम ’हो सकती है।

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ऐप पर अपने बैंक खाते का विवरण प्रदान करके आईडी स्थापित की जा सकती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप एक अधिकृत व्यक्ति हैं, ऐप आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजेगा। एक बार जब आप ओटीपी दर्ज करते हैं, तो आपको यूपीआई आईडी के लिए एक पिन बनाने के लिए कहा जाएगा। पंजीकरण पूरा करने पर, आप अपने संपर्कों से कोई भी मोबाइल नंबर चुन सकते हैं और पैसे भेज सकते हैं। आप अपनी संपर्क सूची में किसी से भी पैसे का अनुरोध कर सकते हैं।

यूपीआडी ID और पिन क्या है?

यूपीआई ID एक बैंक खाते के लिए एक विशिष्ट पहचान है जिसका उपयोग धन भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। UPI पिन एक 4-अंकीय व्यक्तिगत पहचान संख्या है जिसे UPI के माध्यम से धन के हस्तांतरण को अधिकृत करने के लिए दर्ज किया जाना चाहिए। पिन को खाताधारक द्वारा चुना जा सकता है। यूपीआई पिन को जब चाहें तब ग्राहक बदल भी सकते हैं। यूपीआई पिन के साथ आपको यूपीआई पर एक ट्रांसफर कोड भी बनाना होता है। जब आप पेमेंट रिसीवर का चुनाव कर लेते हैं तो आपको ट्रांसफर कोड एंटर करना होता है। इसके बाद पेमेंट सफलतापूर्वक हो जाता है।

UPI का उपयोग करने की विशेषताएं और लाभ क्या हैं?

यूपीआई का उपयोग करने से आपको निम्नलिखित लाभ प्राप्त होता है-

  • त्वरित भुगतान कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।
  • ऑनलाइन भुगतान सरल हैं। आपको बैंक नहीं जाता होता है।
  • तत्काल सेवा हस्तांतरण के लिए UPI भुगतानों के साथ आपकी यूटिलिटी सेवाओं जैसे फूड का पेमेंट, बिजली बिल का पेमेंट, पेट्रोल-डीजल का पेमेंट, मोबाईल बिल पेमेंट इत्यादि का भुगतान आप त्वरित और आसानी के साथ कर सकते हैं।
  • निकटतम रेस्तरां, किराने की दुकानों, और डिपार्टमेंटल स्टोर्स पर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
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क्या यह सुरक्षित है?

UPI लेनदेन अत्यधिक सुरक्षित एन्क्रिप्शन प्रारूप का उपयोग करते हैं। जिसके साथ छेड़छाड़ करना आसान नहीं है। NPCI का IMPS नेटवर्क हर दिन लगभग 8000 करोड़ रुपये के लेनदेन को संभालता है। यह UPI तकनीक के साथ तेजी से वृद्धि की उम्मीद है। यह हर लेनदेन की पुष्टि के लिए OTP के समान दो-कारक प्रमाणीकरण पद्धति का उपयोग करता है। हालांकि, सत्यापन के लिए ओटीपी के स्थान पर यूपीआई पिन का उपयोग किया जाएगा।

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यूपीआई सुविधा का लाभ देने वाले बैंक

UPI सेवाओं का लाभ देने वाले प्रमुख बैंक निम्न हैं:

  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI पे)
  • आईसीआईसीआई बैंक (आईमोबाइल)
  • एचडीएफसी बैंक (एचडीएफसी बैंक मोबाइलबैंकिंग)
  • एक्सिस बैंक (एक्सिस पे)
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र (महायूपीआई)
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूनाइटेड UPI)
  • विजया बैंक (विजया UPI)
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूनियन बैंक UPI)
  • फेडरल बैंक (लोटज़ा)
  • यूको बैंक (UCO-UPI)
  • यस बैंक (यस पे)
  • कर्नाटक बैंक (KBL Smartz)
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB UPI)
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (बड़ौदा एमपी)
  • दक्षिण भारतीय बैंक (SIB एम-पे)

क्या ऐप्स द्वारा UPI उपयोग की अनुमति मिलती है?

यूपीआई भुगतान करने वाले कई ऐप आते हैं, जैसे कि Google पे, फोनपे, फ्रीचार्ज, मोबिक्विक और अन्य। लेनदेन शुरू करने से पहले आपको ऐप पर UPI ID जनरेट करने के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी सत्यापित करनी होगी।

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