एमएसएमई- MSME उद्योग यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग-udyog aadhar आधार उद्योग। सामान्य भाषा में इसे छोटे एवं मध्यम कारोबार भी कहा जाता है। इसी उद्योग क्षेत्र के लिए उद्योग आधार योजना- udyog aadhar चलाई जा रही है।

udyog aadhar आधार उद्योग योजना में मिलता है लोन

एमएसएमई क्षेत्र में कारोबार करने के लिए उद्योग रजिस्ट्रेशन- MSME registration कराना पड़ता है। उद्योग आधार योजना का लाभ लेने के लिए उद्योग आधार योजना में अपने कारोबार का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है- udyog aadhar registration. उद्योग आधार पंजीकरण के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ कारोबारियों को मिलता है।

देश की अर्थव्यवस्था में MSMEs का है अहम योगदान

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) क्षेत्र पिछले पांच दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था में एक अत्यधिक जीवंत एवं गतिशील क्षेत्र के रूप में उभरा है। इस क्षेत्र ने भारत की अर्थव्यवस्था को आर्थिक  मंदी के समय मंदी में फंसने से बचाया था। कुल मिलाकर यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी(बैक बोन) जैसा भूमिका निभा रहा है।

MSME उद्योग किसे कहते हैं- MSME udyog

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (msme udyog) अपने देश में रोजगार एवं अर्थव्यवस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास बिल- 2005 (जो 12 मई, 2005 को संसद में प्रस्तुत किया गया था) को राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद msme-2006 अधिनियम बना दिया गया। इस अधिनियम को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 नाम दिया गया है।

MSME विकास अधिनियम 2006 में बना-

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 बन जाने के बाद इसके स्वरूप में व्यापक बदलाव आया। नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 2018 में इसमें फिर एक व्यापक परिवर्तन किया गया। पहले जहां MSME उद्योग की परिभाषा में “प्लांट और मशीनरी में निवेश” लागू किया जाता था 2018 में बदलाव के बाद परिभाषा में प्लांट और मशीनरी में निवेश की जगह पर “प्रतिवर्ष टर्न ओवर” जोड़ दिया गया।

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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) सेक्टर पिछले पांच दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र ने भारत की अर्थव्यवस्था को आर्थिक  मंदी के समय मंदी में फंसने से बचाया था। कुल मिलाकर यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी (बैंक बोन) जैसी भूमिका निभाया है।

किसको कहा जाता है सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग

MSME कारोबार के लिए 7 अप्रैल, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए परिभाषा के अनुसार “प्लांट और मशीनरी” में निवेश की जगह “टर्नओवर” के आधार पर MSMEs की कैटेगरी बनाई जाएगी। परिभाषा कुछ इस तरह है-

मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में MSME की परिभाषा

सूक्ष्म उद्योग: जिन मैनुफैक्चरिंग उद्योग का सालना टर्न ओवर सालाना 5 करोड़ से कम है वह सभी सूक्ष्म उद्योग/कुटीर उद्योग- micro business के अंतर्गत आते हैं।

लघु उद्योग: जिन मैनुफैक्चरिंग उद्योग में सालाना टर्न ओवर 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच होता है उसे लघु उद्योग- small business कहा जाता है।

मध्यम उद्योग- जिन कारोबार में सालाना टर्न ओवर 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच होता है उन्हें मध्यम उद्योग- medium size business कहा जाता है।

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सर्विस (सेवा) सेक्टर में MSME उद्योग की परिभाषा

सूक्ष्म उद्योग- जिन सर्विस बिजनेस का सालना टर्न ओवर सालाना 5 करोड़ से कम है वह सभी सूक्ष्म उद्योग/कुटीर उद्योग- micro business के अंतर्गत आते हैं।

सूक्ष्म उद्योग– जिन सर्विस उद्योग में सालाना टर्न ओवर 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच होता है उसे लघु उद्योग- small business कहा जाता है।

मध्यम उद्योग- जिन कारोबार में सालाना टर्न ओवर 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच होता है उन्हें मध्यम उद्योग- medium size business कहा जाता है।

भारत की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम- MSME उद्योग का योगदान

  • वर्तमान समय में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र में लगभग 36।1 मिलियन इकाइयाँ कार्य कर रही हैं।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग द्वारा रोजगार की बात करें तो उस सेक्टर में लगभग 120 मिलियन लोगों को रोजगार प्राप्त है।
  • भारत के कुल निर्यात के 45% का योगदान MSME सेक्टर द्वारा है।
  • भारत की जीडीपी में 11% का योगदान है। सर्विस सेक्टर की जीडीपी में 25% का योगदान है।
  • इस सेक्टर की वार्षिक वृद्धि कर 10 फीसदी है।
  • MSME सेक्टर में रोजगार के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं का पलायन रुका हुआ है।

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सरकार द्वारा इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उद्योग आधार योजना (udyog aadhar)चलाई जा रही है। उद्योग आधार योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। आइए उद्योग आधार (udyog aadhar) योजना के बारे में समझते हैं।

udyog aadhar आधार उद्योग योजना

देश के उद्योग की वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए 2006 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम अमल में लाया गया। इस अधिनियम का लक्ष्य देश के उद्योगों के बीच प्रतियोगिता की भावना विकसित करना और देश के प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना है। MSME (Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना द्वारा नए कारोबारियों को उद्योग आधार योजना (udyog aadhar) के जरिए बिजनेस लोन के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

MSME लोन के लिए अप्लाई करें

udyog aadhar योजना को आधार योजना के नाम से भी जाना जाता है। उद्योग आधार योजना में कारोबारी अपने कारोबार का रजिस्ट्रेशन करवाकर (udyog aadhar registration) कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

ZipLoan से मिलता MSME कारोबारियों को सिर्फ 3 दिन में बिजनेस लोन

फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC कंपनी ‘ZipLoan’ द्वारा कारोबारियों की सहायता के लिए 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जा रहा है। ZipLoan से बिजनेस लोन लेने की शर्तें बेहद आसान है जैसे- बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना होना चाहिए, बिजनेस का सालाना टर्न ओवर कम से कम 5 लाख तक का होना चाहिए, पिछले साल भरी गई ITR कम से कम डेढ़ लाख की होनी अनिवार्य है और घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए। अगर कोई कारोबारी इन आसान शर्तों को पूरा करते हो और अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं तो आज ही 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें।

क्या MSME बिजनेस के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है? जानिए पूरा विवरण

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