किसी भी देश में कोई भी कारोबार वहां की सरकार को बिना बताये नही किया जा सकता। कारोबार में दुकान हो, छोटा या बड़ा उद्योग हो सभी के लिए सरकार को टैक्स देना ही होता है। इसी क्रम में अपने कारोबार को सरकार के यहां रजिस्टर्ड और कुछ मामलों में लाइसेंस लेना होता है। सबसे पहले निगम रजिस्ट्रेशन होता है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको से अप्लाई किया जा सकता है। यहीं पर आपके बिजनेस का एरिया कैटेगरी और टैक्स की दरें भी तय होती है। टैक्स भरने के लिए TIN नंबर की जरूरत पड़ती है। आइए जानते है की TIN नंबर क्या है? क्यों जरूरत पड़ती है? और इसे कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है?

किसे कहते है TIN नंबर

TIN नंबर का पूरा नाम ‘टैक्स इन्फोर्मेशन नेटवर्क’ है। जब व्यापारी द्वारा वस्तुओ की खरीद – बिक्री होती है तो, उस बिक्री पर राज्य सरकार द्वारा VAT या सेल्स टैक्स लगाया जाता है। इसी सेल्स टैक्स को भरते समय TIN नंबर की जरूरत पड़ती है। देश के अधिकतर हिस्सों में 10 लाख के वार्षिक खरीद – बिक्री VAT टैक्स फ्री होती है। अगर वार्षिक 10 लाख से अधिक की खरीद – बिक्री होती है तो उसपर VAT टैक्स लागू हो जाता है, जिसके लिए TIN नंबर की जरूरत पड़ती ही है।

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TIN नंबर क्यों जरूरी है?

TIN नंबर ही वह प्रमाण होता है जिसके द्वारा यह साबित होता है की व्यापारी ने अपने खरीद – बिक्री का टैक्स भरा है। यह संख्या में होता है। उदाहरण के लिए किसी दुकान का TIN नंबर JA12345GHP हो सकता है। यह यूनिक होता है, जो सभी व्यापरियों का अलग – अलग होता है। इसे टैक्स भरे समय TIN नंबर के कॉलम में यथावत लिख दिया जाता है। इसके बाद आपको पर्ची मिल जाती है। जैसा जी समय – समय पर वाणिज्य विभाग द्वारा जांच होती रहती है तो जब भी जांच हो व्यापारी उस टैक्स भरने वाली पर्ची को दिखाना होता है।

TIN नंबर प्राप्त करने का तरीका

वर्तमान समय में बिजनेस से जुड़े अधिकतर कार्य ऑनलाइन हो रहे है। TIN नंबर भी व्यापारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है। इसके लिए सिर्फ इतना करना है: अपने राज्य के वाणिज्य (कमर्शियल) टैक्स विभाग या सेल्स टैक्स विभाग के वेबसाइट पर जाकर TIN नंबर प्राप्त करें वाली बटन दबाइए इसके आपके सामने एक फॉर्म आ जायेगा, इसमें आप अपने व्यापार से संबंधित जरूरी सभी जानकारी भरें और सबमिट कर देना होता है। अधिकतर यह प्रक्रिया निशुल्क होती है। लेकिन यह पूरी तरह राज्य सरकारों के नियमों के उपर निर्भर करता है।

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TIN नंबर के लिए जरूरी कागजात

जब आप TIN नंबर के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर रहे होते है तो आपको उसके सपोर्ट में कुछ कागजातों को भी अपलोड करना होता है, आइए जानते है की वह कौन – कौन से कागज होते है:

  • खुद का पहचान प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज की फोटो
  • रिफ्रेंस ऑफ़ सिक्योरिटी
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बिजनेस प्रमाण पत्र
  • PAN कार्ड

क्या GST के बाद TIN में कोई बदलाव हुआ?

GST लागू होने के साथ ही VAT और सर्विस टैक्स जैसे इनडाइरेक्ट टैक्स में से केवल GST ही देना पड़ेगा। इसीलिए GST लागू होने के बाद TIN की स्थान पर सिर्फ GST नंबर की ही आवश्यकता होगी।

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