भारत में स्टील उद्योग के अच्छे दिन आने वाले हैं। मंगलवार को स्टील उद्योग के वैश्विक संगठन ‘वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन’ ने कहा कि GST और नोटबंदी के दोहरे झटके से उबरने के बाद भारत में स्टील की मांग फिर से तेज वृद्धि के रास्ते पर लौटने की उम्मीद है। अक्टूबर महीने के ‘अल्पावधि परिदृश्य’ में संगठन ने कहा, ‘‘GST और नोटबंदी क्रियान्वयन के दोहरे झटके से भारत उबर रहा है।

स्टील उद्योग

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इस कारण देश में स्टील की मांग के फिर तेजी से वृद्धि के रास्ते पर लौटने का अनुमान है। मांग को निवेश सुधार तथा ढांचागत संरचना क्षेत्र के कार्यक्रमों से भी समर्थन मिलेगा। हालांकि सरकारी लोन में नरमी और कॉरपोरेट ऋण से परिदृश्य पर दबाव पड़ सकता है।’’

यह होगी वैश्विक स्टील मांग-

संगठन ने कहा कि 2018 के दौरान वैश्विक स्टील मांग का पूर्वानुमान 165.79 करोड़ टन बताया है। जो 2017 की मांग की तुलना में 3.9 प्रतिशत अधिक है। संगठन का कहना है कि विकसित देशों में स्टील की मांग अच्छी रहने का अनुमान है, जबकि विकासशील देशों में चुनौतियां होने के बाद भी मांग में सुधार का अनुमान है।

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चीन के साथ व्यापार में जोखिम-

चीन के साथ व्यापार के बारे में संगठन ने कहा, ‘‘चीन में मांग के समक्ष अंदरुनी और बाहरी दोनों जोखिम हैं। बाहरी जोखिम अमेरिका के साथ जारी व्यापारिक तनाव तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी के कारण है। हालांकि, यदि चीन की सरकार वहां की अर्थव्यवस्था में नरमी के संकट को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, तो 2019 में स्टील की मांग बढ़ सकती है।’’ संगठन ने कहा कि इसके साथ ही 2018 में चीन को छोड़ के बाकि एशियाई देशों में स्टील की मांग 5.9 प्रतिशत और 2019 में 6.8 प्रतिशत बढऩे का अनुमान है।

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