किसी भी व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए उसका आर्थिक प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। अगर आप एक व्यापारी है तो आपने अक्सर पाया होगा कि कभी-कभी पैसों का ठीक से हिसाब न रखने पर कितनी कठिनाइयाँ सामने आ खड़ी हो जाती हैं।

हम यहाँ आपको कुछ ऐसे कारगर तरीकों से अवगत करा रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपना और अपने व्यवसाय का सुचारु रूप से प्रबंधन कर सकते हैं। इस ब्लॉग को पढ़कर आप सीखेंगे:

  • भविष्य के लिए तैयार रहना।
  • नियमित रूप से अपने खर्चों का आकलन करना।
  • थोड़ी जमा पूँजी हमेशा तैयार रखना।
  • कर योजना बनाना।
  • अपने संसाधनों का सही उपयोग करना।
  • निवेश के लिए पूँजी पहले से तैयार रखना।
  • क्या यह सच में आवश्यक है?

भविष्य के लिए तैयार रहना।

वो कहते हैं ना, कि भविष्य की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। इसीलिए, आपको यह समझ लेना चाहिए कि मार्केट में हमेशा उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं। एक व्यापारी को भविष्य में आने वाली किसी भी एमरजें सी का सामना करने लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। कठिन समय में, सही और सुनिश्चित फाइनेंस प्लानिंग उसका सबसे बड़ा और कारगार हथियार सिद्ध होती है।

नियमित रूप से अपने व्यापार खर्चों का आकलन करना।

एक व्यापारी को अपने व्यवसाय में नियमित रूप से होने वाले खर्चों पर हमेशा नज़र रखनी चाहिए। ऐसा करने से वो फ़िजूल में हो रहे खर्चों पर रोक लगा सकते हैं और अपनी उपलब्ध पूँजी का ठीक प्रकार से उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही, उनके अपनी कंपनी या करोबार की फाइनेंशियल रिपोर्ट्स, जैसे बैलेंस शीट, का भी समय-समय पर आकलन करना चाहिए।

थोड़ी जमा पूँजी व्यापार के लिए हमेशा तैयार रखना।

एक व्यापारी को हमेशा अपनी कुल सम्पति का एक भाग तंगी का सामना करने के लिए बचा कर रखना चाहिए।

कर योजना बनाना।

टैक्स हर किसी की ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और एक नागरिक होने के नाते देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी। ऐसे में एक सुनियोजित टैक्स योजना होना हमारे लिए बहुत ही ज़रूरी है। एक व्यापारी के लिए तो इसकी महत्ता और भी ज्यादा है। ऐसे में उन्हें चाहिए कि वो किसी क्वालिफाइड अकाउंटेंट की मदद से अपने टैक्स और उससे जुड़ी हर बात का प्रबंधन करवाएं।

अपने संसाधनों का सही उपयोग करना

आज के प्रतियोगिता से भरे समय में हर कोई अपना दायरा बढ़ा रहा है और यह काफी हद तक ज़रूरी भी है। पर आपको अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए ही ऐसा करना चाहिए। क्षमता से अधिक लोन लेने से आप परेशानी में भी आ सकते हैं।

निवेश के लिए पूँजी पहले से तैयार रखना

किसी भी व्यापार के लिए निवेश सबसे पहला और मूल तत्व है। ऐसे में, आखिर समय तक निवेश  और निवेशकों का इंतज़ार करना आपके लिए काफी हद तक नुकसान दायक साबित हो सकता है। इस परिस्थिति से बचने के लिए, अतिरिक्त बाहरी संसाधनों से नक़द का इंतेजाम हमेशा करके रखें।

खर्च करने से पहले खुद से प्रश्न कीजियेक्या यह सच मे व्यापार के लिए आवश्यक है?”
यह प्रश्न आपको (और हर व्यापारी) को खुद से तब पूछना चाहिए, जब वह अपने व्यापार की आर्थिक सीमा निर्धारित कर रहे होते हैं। क्योंकि यही प्रश्न आपकी कुल आय और आपके व्यापार का भविष्य सुनिश्चित करता है।