समय के साथ अब कल्चर में बदल रहा है। आज से तकरीबन 15 से 20 साल पहले तक कोई महिला सिंगल मदर बनकर आगे की जिंदगी जीने के बारे में सोचने से भी डरती थी। लेकिन, अब बड़े शहरों में सिंगल मदर का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। महिलाएं अब बहुत जिम्मेदारी के साथ सिंगल मदर का किरदार निभा रही हैं।

हालांकि यह आसान नहीं होता है। सिंगल मदर के रुप में जीवन जीना बहुत चुनौतियों भरा होता है। तमाम तरह की जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है। तमाम उलाहनों के बीच जीवन जीना होता है। इन सबके बीच अगर सिंगल मदर की रेगुलर तौर इनकम नहीं होती है, तो दुश्वारियां और अधिक बढ़ जाती है।

मेट्रो सिटीज में कई ऐसी सिंगल मदर हैं, जो खुद की प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के साथ ही साथ अपने माता – पिता, बच्चों सहित घर की सभी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। ऐसे में सिंगल मदर के लिए दोहरी जिम्मेदारी हो जाती है। एक तो घर को सही तरह से मैनेज करना, घर दूसरे घर की जरूरतों को भी पूरा करना होता है।

इन सभी जिम्मेदारियों के बीच सिंगल मदर के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना सबसे महत्वपूर्ण बन जाता है। आइये इस आर्टिकल में हम समझते हैं कि सिंगल मदर सभी जिम्मेदारियां निभाते हुए कैसे फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकती हैं।

रेगुलर इनकम की व्यवस्था करना

घर चलाने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। पैसों का सोर्स ऐसा नहीं होना चाहिए की एक समय में बहुत खूब पैसा मिले और एक समय के बाद पैसा मिलना बंद हो जाये। पैसों का सोर्स ऐसा होना चाहिए की जिससे रेगुलर तौर पर आमदनी हो।

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रेगुलर तौर पर आमदनी, नौकरी से या खुद के बिजनेस से हो सकती है। ऐसे में सिंगल मदर के लिए यह जरूरी हो जाता है, कि सिंगल मदर कोई नौकरी कर लें या खुद का कोई बिजनेस शुरु कर लें। यह लॉन्ग टर्म के लिए सही विकल्प रहता है।

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खर्च कम करने का प्रयास करना

यह स्वाभाविक ही बात है की अगर खर्च कम रहेगा तो अधिक पैसा कमाने की टेंशन भी कम रहेगी। किसी भी सिंगल मदर के लिए यह बेहद जरूरी होता है की वह कम खर्च में बेहतर जिंदगी जीने की आदत डाले।

अधिक आमदनी होने पर भी अगर खर्च कम रहेगा तो, पैसों की बचत होगी। पैसों की बचत से कुछ अतिरिक्त काम किया जा सकता है या कुछ ऐसे इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है, जिससे भविष्य में कुछ ठोस काम किया जा सके।

घर का बजट बनाना

फाइनेंशियल प्लानिंग में बजट बनाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर बजट बन जाता है, तो बजट के अनुसार ही खर्च होता है। घर का बजट बनाने के लिए सबसे पहले यह अंदाजा लगा लेना चाहिए कि आपका एक महीने का खर्च कितना होगा। जितना पैसा एक महीने में खर्च हो सकता है, उतना पैसा पहले ही निकालकर रख लेना बेहतरीन उपाय होता है।

एक महीने में होने वाले खर्च का पैसा पहले ही निकाल लेने से यह फायदा होगा कि महीने के दौरान किसी तरह से पैसों की दिक्कत नहीं होगी। घर का बजट बनाते समय, इस बात का ध्यान रखना चाहिए की उसी खर्च को महीने की बजट में शामिल करें, जो खर्चे बेहद जरूरी हो और रेगुलर हो।

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जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी फिक्स्ड डिपॉजिट कराना

फाइनेंशियल प्लानिंग में फिक्स्ड डिपॉजिट का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है। फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत एक बार पैसा जमा करने के बाद एक लंबी अवधि के लिए पैसा जमा हो जाता है। बैंकों से उस जमा पैसों पर समान्य तौर पर अधिक ब्याज मिलता है। सिंगल मदर के लिए फिक्स्ड डिपाजिट कराना एक बेहतर विकल्प होता है।

पैसों का सही जगह पर इन्वेस्टमेंट करना

ऐसा कहा जाता है कि पैसा सबकुछ है। यह पूरी तरह से न तो सही है और न ही पूरी तरह से गलत है। पैसों के बारे में यह कहा जा सकता है कि पैसा जिंदगी जीने के लिए बहुत जरूरी चीज है। जिंदगी का अभिन्न अंग है पैसा। ऐसे में पैसों का मैनेजमेंट बहुत जरूरी है।

सिंगल मदर के साथ ही सभी को पैसा, ऐसी जगह पर इन्वेस्ट करना चाहिए, जहां से जितना पैसा इन्वेस्ट किया गया है, उससे अधिक पैसा वापस आये। बहुत अधिक जूलरी नहीं खरीदना चाहिए और न ही बहुत महंगा कोई शौक रखना चाहिए, जिससे पैसों को सही जगह पर इन्वेस्ट किया जा सके।

पैसा इन्वेस्ट करने के लिए प्रॉपर्टी खरीदना सही फैसला हो सकता है या म्यूच्यूअल फंड में पैसा इन्वेस्ट किया जा सकता है। म्यूच्यूअल फंड में पैसा इन्वेस्ट करने से डबल फ़ायदा होता है। एक तो पैसो की वास्तविक पूंजी बनी रहती है, दूसरे पैसे पर ब्याज भी मिलता रहता है।

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संभव हो तो खुद का बिजनेस शुरु करना

खुद का बिजनेस एक ऐसा आय का जरिया है, जिसके जरिये व्यक्ति को यह अहसास नहीं होता है की व्यक्ति के पास कोई काम नही है, या व्यक्ति को पैसों के लिए किसी और के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है। सिंगल मदर के लिए खुद का बिजनेस शुरु करना इनकम का एक बेहतरीन साधन बन सकता है।

कई बार ऐसी भी स्थिति आती है की सिंगल मदर के पास इतने पैसे भी नहीं इक्कठा होते होते हैं, जिससे वह खुद का बिजनेस शुरु आकर सके। ऐसी स्थिति में बिजनेस लोन आम आता है। बिजनेस लोन के जरिये बिजनेस शुरु किया जा सकता है।

केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही रहीं, जिसमे महिलाओं को खुद का बिजनेस शुरु करने के लिए बिजनेस लोन बेहद कम कागजातों और कम ब्याज दर पर दिया जाता है।

इसी के साथ ही देश की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी – एनबीएफसी ZipLoan द्वारा महिला कारोबारियों को 5 लाख तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में दिया जाता है।

ZipLoan से मिलने वाला बिजनेस लोन का उपयोग, बिजनेस का विस्तार करने के लिए किया जा सकता है। ZipLoan से मिलने वाले बिजनेस लोन की विशेषता निम्न है:

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