एमबीए मारकेटिंग का कोई भी स्टूडेंट आपको 4P के बारे में अच्छे से समझा देगा. दरअसल इसका मतलब होता है प्राइस, प्रोडक्ट, प्रमोशन, और प्लेस. हालांकि कई बिजनेस लास्ट वाले P यानि प्लेस को ज्यादा प्राथमिकता नहीं देते हैं. बोलचाल की भाषा में इसे बिजनेस ऑफिस लोकेशन के नाम से भी जान सकते हैं. हम यहां आपके बिजनेस ऑफिस लोकेशन्स के प्रभाव के बारे में समझेंगे. ऐसे कौन कौन से फैक्टर हैं जो आपके ऑफिस लोकेशन को सीधा प्रभावित करते हैं.

प्रतियोगिता

एक परफेक्ट ऑफिस लोकेशन में कॉम्पीटीशन की मुख्य भूमिका होती है. यहां कुछ ऐसे लोग हैं जो ये चाहते हैं आपका बिजनेस वहां तरक्की करे जहां किसी तरह का कोई कॉम्पीटीशन न हो. वहीं कुछ ऐसे लोगों का ग्रुप ऐसी भी हैं जिन्हें ये लगता है कि आप अपने फील्ड के सबसे शक्तिशाली खिलाड़ी के आगे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. अगर आप अच्छे बिजनेस के लिए विज्ञापन पर खर्च कर रहे हैं तो आपको विज्ञापन पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपके प्रतियोगी पहले ही ग्राहकों को अपने स्थान पर आकर्षित करने के लिए अपना लक आजमा चुके हैं. वहीं आप अच्छे दर पर ग्राहकों को आकर्षित कर अपने क्लाइंट्स बना सकते हैं.

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टैक्स लाभ

भारत में कुछ ऐसे औद्योगिक क्षेत्र हैं जहां किभी भी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना होता है. वहीं कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां ग्राहकों को लुभाने के लिए सरकार की तरफ से टैक्स हॉलिडे मिलता है ऐसा इसलिए ताकि उनके क्षेत्र में और इंडस्ट्रीज आएं, उनका क्षेत्र तरक्की करे. इस तरह के लोकेशन को चुनकर आप टैक्स के बोझ से बच सकते हैं. दूसरा ये कि, ऐसी लोकेशन को चुनकर आप कई अन्य लाभ भी उठा सकते हैं. बिजनेस ऑफिस लोकेशन के लिए टैक्स लाभ एक महत्वपुर्ण फैक्टर है. भारत के MSME यूनिट को बेशक इस लिस्ट में लिया जा सकता है.

ग्राहक

दुनिया की कोई भी इंडस्ट्री बिना ग्राहक के नहीं चल सकती. ऐसे में इंडस्ट्री को अच्छी लोकशन पर बनाना आपके लिए अच्छा साबित होगा. इससे आपका ग्राहक आपको आसानी से ढूंढ़ सकता है. ऐसे में आप अपनी बिजनेस लोकेशन को चुनने से पहले यह तय कर लें कि क्या आपके ग्राहकों के लिए सुविधाजनक है?

प्राइस फैक्टर

दुनिया भौतिकवादी है, ऐसे में आपको हर कदम पर अपना लाभ देखकर चला होगा. अगर आप अपने लाभ की जनगणना करते हैं तो उसे प्रभावित करने वाले कई फैक्टर हैं. जिनमें कई तरह के खर्च शामिल हैं जैसे, ट्रांसपोर्ट, ग्राहकों से संपर्क, रेंट इत्यादि. अगर आपके इंडस्ट्री का लोकेशन किसी महंगी जगह पर है तो आपके लिए कई हानियां है. हालांकि कुछ कंपनियां महंगी जगह को ही प्राथमिकता देने में गर्व की बात समझती हैं लेकिन इसमें कोई चतुराई नहीं.

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अन्य सुविधाएं

अगर आप बिजनेस के लिए लोकेशन तलाश रहे हैं तो कई और भी फैक्टर हैं जिन्हें आपको ध्यान में रखने की जरूरत है. जैसे आपका बिजनेस लोकेशन मारकेट के नजदीक हो, आपका बैंक आसानी से आपकी पहुंच में आ जाए. आपके ऑफिस से संपर्क करने में दिक्कत न हो, निवेशक के लिए ये जगह आकर्षक और सुविधाजनक हो और आपका कर्मचारी के भी पहुंच में हो.

निष्कर्ष

इस प्रकार हमने देखा कि कौन कौन से फैक्टर आपके ऑफिस लोकशन को प्रभावित करते हैं. अब आपको भी समझ आ गया होगा कि 4P में प्लेस यानि लोकेशन क्यों महत्वपुर्ण है. लाभ और उत्पादन दोनो के हिसाब से आपके बिजनेस ऑफिस लोकेशन की एक मुख्य भूमिका होती है.

नोट

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