अभी कुछ महीनों पहले फेसबुक और व्हाट्सएप का डेटा लीक होने की खबर ने पूरे विश्व में तहलका मचा दिया था। वैसी ही एक और धोखाधड़ी सामने आई है। इंटरनेट का दायरा बढ़ने के साथ ही डिजिटल लेन-देन भी आम होता जा रहा है। आज देश का लगभग हर बैंक मोबाइल बैंक‍िंग और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। इसी बात का फायदा उठाकर कुछ धोखाधड़ी करने वाले लोग आपकी निजी जानकारी चुराकर आपको नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं।

SBI

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SBI समेत इन बैंकों का डेटा हो रहा हैक-

IT सिक्योरिटी फर्म सोफोस लैब्स (Sophos Labs) ने दावा किया है, कि गूगल प्ले स्टोर पर SBI, ICICI, Axis, सिटी और अन्य बैंकों के फर्जी ऐप्स मौजूद हैं, जो हजारों बैंक ग्राहकों के निजी डेटा को चोरी कर चुके होंगे। इन फर्जी ऐप्स के जरिये आपका जो पर्सनल डेटा चुराया जा रहा है, आशंका है कि इसमें आपकी बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर समेत अन्य कई अहम जानकारी शामिल हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो इससे आपको बड़ा नुकसान हो सकता है।

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कैसे चोरी हुआ डेटा-

सोफोस लैब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ऐप्स में मौजूद मैलवेयर ने हजारों बैंक ग्राहकों के अकाउंट और क्रेडिट कार्ड के डेटा में सेंध लगा दी होगी। संभावना जताई जा रही है, कि ये ऐप्स आगे भी डेटा चोरी कर सकते हैं। हालांकि इस बारे में सफाई देते हुए बैंकों का कहना है, कि उन्हें इस तरह के किसी डेटा चोरी मामले की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन कुछ बैंकों ने इस मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी है और CERT-In को जानकारी दे दी है। यह संस्था कंप्यूटर सिक्यॉरिटी से जुड़े मामलों पर नज़र रखती है।

इसलिए आप नहीं कर पाते फर्क-

रिपोर्ट में ग्राहक इन फर्जी ऐप्स को क्यों नहीं पहचान पाते हैं, इसका कारण भी बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये फर्जी ऐप इन बैंकों के असली ऐप की तरह ही लगते हैं। इनमें संबंध‍ित बैंक का लोगो लगा होता है। जिसके कारण ग्राहक असली और फर्जी ऐप में फर्क नहीं कर पाते हैं।

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आप कैसे पता करें फर्जी ऐप-

सोफोस लैब्स की इस रिपोर्ट की मानें तो इन फर्जी ऐप को SBI जैसे बैंकों की मोबाइल बैंकिंग ऐप और ई-वॉलेट के तौर पर पेश किया जाता है। इन ऐप में आपको विभिन्न तरह के कैशबैक, फ्री मोबाइल डेटा और बिना ब्याज के लोन दिए जाने की बात कही जाती है। अगर आपको भी ऐसा कोई ऐप दिखे, तो उसे डाउनलोड न करें और अगर डाउनलोड कर लिया है, तो उसे तुरंत ही हटा दें।

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