सौभाग्य – SAUBHAGYA योजना में उन सभी लोगो को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाता है जिन लोगों का नाम वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना में है. यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि सौभाग्य (SAUBHAGYA) योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन और लाभार्थी को मंथली खर्च बिजली का भुगतान करना होता है.

जब 1947 में भारत को अंग्रेजो से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी तब देश की माली हालत कई मायनों में ठीक नही थी. देश में उस समय बेरोजगारी, कुपोषण और गरीबी से घिरा हुआ था. तो ऐसी स्थिति में देश के सभी नागरिकों को दो टाइम का भोजन मिल जाता यह हुई बहुत था.

लेकिन आज़ादी के 40 साल बाद से ही चीजें काफी बदल गई. देश तरक्की की रह पर तेजी से बढ़ा. 1990 का दौर आते – आते भारत में आर्थिक क्रांति का दौर शुरु हो चुका था. इंटरनेट और सूचना क्रांति अपना दायरा बढ़ा चुका था.

साल 2000 आते – आते देश हर तरह से बदलने लगा. जहां इससे पहले चुनावों में रोटी- कपड़ा और मकान का मुद्दा जोर पकड़ता था वहीं अब चीजें इससे आगे बढ़ने लगी. अब इलेक्शन में नेताओं के भ्रष्टाचार का मुद्दा छाने लगा.

2014 के लोकसभा चुनाव में देश की राजनीति पूरी तरह बदल गई. कांग्रेस पार्टी की हाथ से देश की सत्ता चली गई. सत्ता बदल गई. देश के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी जी.

नरेंद्र मोदी जी गुजरात राज्य के पहले ही 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके थे. ऐसे में उन्हें एक विकसित राज्य की सत्ता चलाने का कुशल अनुभव था. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश कई ऐसी योजनाओं को शुरु किया गया जो जनसरोकार की थी.

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योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए कड़े मापदंड स्थापित हुए और आधार कार्ड का साहारा लिया गया. जनसरोकार की योजना में एक योजना थी सौभाग्य योजना.

सौभाग्य योजना के बारे में जानकारी देने से पहले आपको बता दें कि इस योजना में सामाजिक – आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को बिजली कनेक्शन मुफ्त दिया जाता है. आइये आपको इस आर्टिकल में सौभाग्य योजना के बारे बताते हैं कि सौभाग्य योजना क्या है सौभाग्य योजना का लाभ कैसे मिलता है?

सौभाग्य योजना क्या है?

यह मुफ्त बिजली कनेक्शन योजना है. इस योजना के तहत बिजली का कनेक्शन मुफ्त में दिया जाता है. लेकिन सिर्फ एक लाइन में सौभाग्य योजना का विवरण नही दिया जा सकता है. जानिए विस्तार से.

देश के जिन इलाके में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां (SAUBHAGYA योजना के तहत सरकार हर घर को एक सोलर पैक देगी, जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा. बिजली से वंचित देश के चार करोड़ घर के हिसाब से सरकार ने SAUBHAGYA योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है. SAUBHAGYA योजना के तहत सरकार मिट्टी के तेल का विकल्प बिजली को बनाएगी.

सौभाग्य योजना में सरकारी कंपनियां भी सहयोग करेंगी

SAUBHAGYA स्कीम में योगदान सरकारी कंपनी ओएनजीसी (ONGC) की ओर से नवोन्मेष (इन्नोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप के लिए भी बड़ा फंड रखा गया है.

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सरकार चाहती है कि युवा घरेलू काम में आने वाले और कम ऊर्जा खपत वाले बिजली के उपकरण बनाने की पहल करें. सरकार SAUBHAGYA के तहत खुद गरीब परिवार के घर पर आकर बिजली कनेक्‍शन देने की पहल कर रही है. जिस बिजली कनेक्‍शन के लिए गरीब लोगों को मुखिया और सरकारी दफ्तरों में चक्‍कर लगाने पड़ते थे, उन्हें अब आसानी से बिजली कनेक्‍शन मिलेगा.

सौभाग्य (SAUBHAGYA) योजना का बजट

SAUBHAGYA योजना के लिए सरकार ने 16,320 करोड़ रुपये का कुल बजट आवंटित किया था. सरकार ने सौभाग्य योजना में 12,320 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता का भी प्रावधान किया है. बजट को दो हिस्से में विभाजित किया गया है:

  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,025 करोड़ रुपये.
  • 50 करोड़ रुपये शहरी क्षेत्रों के लिए.

आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना को बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, पूर्वोत्तर के राज्य आदि में ही सौभाग्य योजना का लाभ दिया जा रहा है.

सौभाग्य योजना का लाभ किसको मिल सकता है?

जिन लोगों का नाम 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना में है उन्हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। हालांकि जिन लोगों का नाम सामाजिक आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बिजली का कनेक्शन 500 रुपए में मिल सकता है और यह 500 रुपए भी वह दस आसान किस्तों में दे सकते हैं।

– इस योजना के तहत सरकार ने तय किया है कि जिन इलाकों में बिजली नहीं पहुंची है वहां इसके तहत हर घर को एक सोलर पैक दिया जाएगा, जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा।

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– बिजली से वंचित 4 करोड़ घर के हिसाब से सरकार ने सौभाग्य योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपए का बजट रखा है। सौभाग्य योजना के तहत सरकार मिट्टी के तेल का विकल्प बिजली को बनाएगी।

सौभाग्य योजना के लिए अप्लाई कैसे करते हैं?

सौभाग्य योजना में बिजली कनेक्शन के लिए योजना का फार्म भरकर संबंधित डिवीजन या सब डिवीजन में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ में आधार कार्ड, फोटो, मकान के दस्तावेज, बीपीएल या फिर एपीएल कार्ड की फोटोकॉपी लगानी होगी। जिसके बाद निगम की टीम सत्यापन करेगी और बिजली कनेक्शन जारी करने पर मुहर लगाएगी।

सौभाग्य योजना के बारे में महत्वपूर्ण बातें

साल 2011 की सामाज‍िक- आर्थिक जनगणना में ज‍िन लोगों का नाम है, उन्‍हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में ब‍िजली कनेक्‍शन दिया जाएगा।

ज‍िन लोगों का नाम 2011 की सामाज‍िक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए 500 रुपये देने होते हैं। इसे दस आसान किस्तों में भी चुकाया जा सकता है।

इस योजना के तहत सरकार गांवों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को एक सोलर पैक देगी जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा। सरकार ने इस योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।

सरकार ने इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के आसपास का बजट है जबकि बाकी का रकम शहरी क्षेत्रों के ल‍िए है।