समर्थ योजना एक ट्रेनिग प्रोग्राम है। यह एक सरकारी योजना है। समर्थ योजना के तहत सिलाई, कढ़ाई क्षेत्र में इच्छुक लोगों को सरकार के सहयोग से नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। सफलतापुर्वक ट्रेनिग पूरा होने के बाद सरकार की तरफ से रोजगार की भी व्यवस्था की जाती है।

भारत की जनसँख्या एक सौ तीस करोड़ से भी अधिक है। इतनी बड़ी जनसँख्या वाले देश के नागरिकों को जीवन की मूलभूत आवश्यताएँ पूरी करना ही होता है। मूलभूत जरूरत में रोटी, कपड़ा और मकान आवश्यक होता है।

देश में ऐसे भी बहुत से नागरिक हैं जो अपनी मुलभुत जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम नहीं होते हैं। ऐसे में वह लोग कैसे अपना जीवनयापन करेंगे? जाहिर सी बात है कि उनकों भी जीवन जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।

माननीय नरेद्र मोदी जब 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने तब से ही हर वर्ग के लिए एक पृथक योजना की शुरुवात की गई। जिससे कि सभी लोगों को जीवन जीने के लिए मुलभुत चीजें प्राप्त हो सके।

मोदी सरकार द्वारा देश की घरेलू महिलाओं को धुवें से बचाने के लिए रसोई गैस देने की योजना – उज्ज्वला योजना शुरु की गई। कारोबारियों को बिजनेस लोन की सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना शुरु हुई।

स्टार्ट-अप शुरु करने के इच्छुक लोगों के लिए स्टैंड-अप योजना का शुभारम्भ हुआ। रोजहाई के मजदूरों के लिए प्रधानमंत्री पेंशन लोन योजना चलाई जा रही है। देश के उन युवाओं के लिए कौशल विकास योजना शुरु की गई जो युवा स्किल सीखकर आगे काम करना चाहते हैं।

तमाम योजनाओं के साथ ही कपड़ा क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों लोगों के लिए समर्थ योजना शुरु की है। समर्थ योजना में उन सभी लोगों को सरकारी व्यवस्था के तहत सिलाई, कढ़ाई और बुनाई का ट्रेनिंग दी जाती है। इस आर्टिकल में समर्थ योजना के बारें जानिए विस्तार से।

समर्थ योजना क्या है?

भारत सरकार के टेक्सटाइल एंड अपैरल मिनिस्ट्री द्वारा देश में ट्रेंड टेलर और कपड़ों के कारीगर उपलब्ध कराने के लिए समर्थ योजना शुरु की गई है। समर्थ योजना को भारत सरकार के आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 20 दिसंबर, 2017 को मंजूरी दी है।

समर्थ योजना का उद्देश्य टेक्सटाइल क्षेत्र में ट्रेंड कारीगर कराना है। इसे हम इस तरह भी कह सकते हैं कि समर्थ योजना क्षेत्र विशेष में क्षमता निर्माण योजना है – Scheme for Capacity Building in Textile Sector (SCBTS)।

इस नई योजना से टेक्सटाइल इंडस्ट्री के साथ ही साथ उन सभी युवाओं को लाभ मिलेगा जो विभन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई, निर्माण करने अपना करियर बनाना चाहते हैं।

समर्थ योजना के तहत सभी इच्छुक लोगों को कपड़े सिलने सिलने का विभन्न प्रकार के गुण, समय प्रबंधन इत्यादि में दक्ष बनाया जाता है। परिधान, बुने हुए कपड़े, धातु हस्तकला, हथकरघा, हस्तकला और कालीन इत्यादि बनाने की ट्रेनिग दी जाती है। खास बात यह है कि यह पूरी ट्रेनिग नि:शुल्क होगी।

इस योजना से एक तरफ जहां लोगों को विभन्न प्रकार के कपड़े सिलने की ट्रेनिंग मिलेगी वहीँ वैश्विक वस्त्र कारोबार में भारत की व्यावसायिक हिस्सेदारी भी बढ़ेगी और अपैरल इंडस्ट्री को भी ट्रेंड कारीगर प्राप्त होंगे।

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18 राज्यों में समर्थ योजना चल रही है

टेक्सटाइल एंड अपैरल मिनिस्ट्री, भारत सरकार द्वारा शुरु की समर्थ योजना जनकल्याण के लिए समर्पित है। देश के अधिकतर राज्य इस योजना को अपने राज्य में लागू करने के लिए और राज्य के युवाओं को कौशल में समर्थ बनाने के लिए टेक्सटाइल एंड अपैरल मिनिस्ट्री, भारत सरकार के साथ समझौता पत्र (एमओयू) कर लिए हैं।

अभी तक देश के 28 राज्य एमओयू पर साइन किये हैं। इन राज्यों में निम्न राज्य शामिल हैं:

  • अरुणाचल प्रदेश
  • जम्मू-कश्मीर
  • केरल
  • मिजोरम
  • तमिलनाडु
  • तेलंगाना
  • उत्तर प्रदेश
  • आंध्र प्रदेश
  • असम
  • मध्य प्रदेश
  • त्रिपुरा
  • कर्नाटक
  • ओडिशा
  • मणिपुर
  • हरियाणा
  • मेघालय
  • झारखंड
  • उत्तराखंड

इन राज्यों में 4 लाख से अधिक युवाओं को कपडें सिलने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी लाभार्थियों को वस्त्र क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कामकाजों में नौकरी का अवसर दिया जायेगा।

महिलाओं के लिए खास है है समर्थ योजना

हमारे देश में देखा जाये तो घरेलू महिलाएं सबसे अधिक काम करती है। लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि घरेलू महिलाओं के कार्य को काम में गिना ही नहीं जाता है। और न ही उनके काम का कोई मेहनताना ही मिलता है।

एक सर्वें में यह बात सामने आई है कि वस्त्र क्षेत्र में काम काम करने वालों में 75 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थियों में भी 70 प्रतिशत महिला कारोबारी ही हैं। यानी जो महिलाएं काम कर रही हैं उनकों प्रोत्साहन देने की जरूरत है।

केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राज्यों के प्रतिनिधियों को केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट सन्देश दिया गया कि महिलाओं के लिए जिलेवार सिलाई अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करें। यानी हर जिले में विशेष अभियान चलाकर महिलाओं को समर्थ योजना का लाभ प्रदान किया जाये।

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एक आंकड़े के मुताबिक, वस्त्र उद्योग में 16 लाख कुशल कामगारों की कमी है। जिसके मद्देनजर अगले तीन साल में 10 लाख और लोगों को समर्थ योजना के तहत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

समर्थ योजना में 3 महीने की नि:शुल्क ट्रेनिग दी जाएगी

इस योजना में स्किल इंडिया मिशन के तहत ट्रेनिग देने का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतगर्त लाभार्थी को 3 महीने की ट्रेनिग दी जाती है। ट्रेनिग के बाद लाभार्थी को अपैरल इंडस्ट्री के उन समूहों से मिलाया जाता है जिनकों करीगरों की जरूरत होती है।

ट्रेनिंग देने और रोजगार की व्यवस्था करने का कार्य राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के द्वारा संपन्न किया जाता है। योजना के तहत 3 साल (2017-20) की अवधि के दौरान 10 लाख लोगों (पारंपरिक क्षेत्र में 9 लाख और गैर पारंपरिक क्षेत्र में 1 लाख) को ट्रेंड करने का लक्ष्य रखता है।

समर्थ योजना का लाभ कैसे मिलता है?

इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। समर्थ योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए समर्थ योजना की वेबसाइट https://samarth-textiles.gov.in/ लॉग इन करना होता है और अप्लाई करना होता है।

समर्थ योजना के तहत ट्रेनिग लेने इस योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए बॉयोमीट्रिक प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, सरकार वास्तविक समय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के साथ एकीकृत उपस्थिति प्रणाली भी तैयार कर रही है।

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