कपड़े का बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जिसमे कभी मंदी आ ही नहीं सकती है। मतलब कभी ऐसा नहीं हो सकता है कि मांग घट जाए। जब तक यह पृथ्वी रहेगी और इस पृथ्वी पर इंसान जिंदा रहेंगे, तब तक कपड़ों की मांग होती रहेगी। इसीलिए कपडें का बिजनेस एक सदाबाहर बिजनेस है।

कई बार ऐसा होता है कि लोग बिजनेस करना तो चाहते हैं लेकिन वह यह डिसाइड नहीं कर पाते हैं कि उन्हें किस चीज का बिजनेस करना चाहिए। अगर ऐसी स्थिति में आप भी हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप असमंजस की स्थिति से निकल सकते हैं।

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इस आर्टिकल में हम कपड़ों के बिजनेस में बताने जा रहे हैं। इस आर्टिकल में बतायेंगे कि कपड़ों का बिजनेस कितने तरह का होता है? कपडें का बिजनेस कैसे शुरु किया जा सकता है? कपडें का बिजनेस करने के लिए माल कहां से मिलता है?

बिजनेस करने में अगर धन कमी है तो पैसों का इंतजाम कहां से हो सकता है? कपडें के बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन कहां से मिलता है और कपडें के बिजनेस में मुनाफा कितना होता है? मतलब इस आर्टिकल में कपडें के बिजनेस से संबंधित सभी जानकारी दी जाएगी।

कपड़ा कितने तरह का होता है?

  1. ऊनि कपड़ा
  2. चमड़े वाला कपड़ा
  3. सूती कपड़ा
  4. रेशम का कपड़ा
  5. जींस का कपड़ा
  6. लिनन का कपड़ा
  7. जर्जट का कपड़ा
  8. शिफॉन का कपड़ा
  9. हथकरघा वाला कपड़ा
  10. सिंथेटिक फाइबर:पॉलिएस्टर का कपड़ा
  11. प्राकृतिक फाइबर कपड़ा: कपास, प्राकृतिक रेशम, सनी, और ऊन
  12. सिंथेटिक फाइबर कपड़ा: नायलॉन, ऐक्रेलिक, रेयान, डेक्रोन
  13. मिश्रित तंतुओं का कपड़ा: आधा प्राकृतिक और आधा कृत्रिम

कपड़े का बिजनेस कितने तरह का होता है?

जब कपडें का बिजनेस का नाम आता है तो अधिकतर लोगों के दिमाग में सिर्फ एक चीज होती है। वह है तैयार कपड़ा। बात भी सही है। लेकिन कपड़े का बिजनेस मुख्य रुप से 4 प्रकार का होता है। कपड़े के बिजनेस का चारों प्रकार निम्न हैं:

  1. कपड़े बनाने करने का बिजनेस
  2. कपड़े को रंगने का बिजनेस
  3. कपड़ों की सिलाई करने का बिजनेस
  4. तैयार कपड़ा का पीस बेचने का बिजनेस
  5. रेडीमेड कपड़ों को बेचने का बिजनेस

कपड़े बनाने करने का बिजनेस क्या होता है?

जिस प्रकार हम खाना खाते हैं तो हमें यह जानकारी नहीं होती है कि हम जो खा रहे हैं, वह उगाया कहां गया है। ठीक इसी प्रकार हम जो कपडें कम पहन रहे होते हैं, उसके बारें में हमें यह जानकारी नहीं होती है कि यह कपड़ा बनाया कहां गया है।

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कपडें बनाने का बिजनेस से तात्पर्य कपड़ा तैयार करने से है। ऊपर बताये गये कपड़े के सभी प्रकार के कपड़े को बनाने के बिजनेस को कपड़ा मैनुफैक्चरिंग का बिजनेस कहते हैं। जब कपड़ा बनता है तभी कपड़ा का विभन्न डिजाइन के अनुसार वस्त्र तैयार किया जाता है।

कपड़े को रंगने का बिजनेस

जब कपड़ों की मैनुफैक्चरिंग प्रोसेस पूरा होता है तब सभी कपड़े एक जैसे होते हैं। मतलब जो आप रंग – बिरंगे कपड़े देखते हैं, वह सभी रंगें गये कपडें होते हैं।

कपड़े बनाने वाले कारोबारी से कपड़ों की लट कपड़ा रंगने वाले वाले बिजनेसमैन के यहां आता है। फिर ऑर्डर के अनुसार सभी कपड़ों पर रंग चढ़ाया जाता है।

कपड़ों की सिलाई करने का बिजनेस

जब कपड़ों को ऑर्डर के अनुसार रंग दिया जाता है तब इसके बाद कपड़ों की सिलाई का काम होता है। यह सिलाई छोटे स्तर पर होने के साथ – साथ बड़े स्तर पर भी होती है।

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कपड़े सिलने का बिजनेस करने के लिए एक बड़े हाल की जरूरत होती है। इस हाल में कम से कम 50 सिलाई करने वाली मशीने लगाना होता है। इसके साथ जिला उद्योग कार्यालय में रजिस्ट्रेशन भी कराना होता है।

तैयार कपड़ा का पीस बेचने का बिजनेस

जब कपड़ा बनकर, रंगकर और सिलकर तैयार हो जाता है तो उसकी अलग – अलग लट बनती है। कपड़ों की लट को सप्लायर को बेचा जाता है। सप्लायर खुदरा यानी रिटेल कारोबारियों को कपड़ों की लट बेचते हैं। रिटेल दुकानदार उन कपड़ों को ग्राहकों की जरूरत के अनुसार बेचते हैं।

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अगर आप रिटेल दुकानदार बनकर कपड़े का पीस बेचना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले यह पब्लिक प्लेस में दूकान लेना होगा। दूकान में कपड़े रखकर उसे ग्राहकों को बेचना होगा।

रेडीमेड कपड़ों को बेचने का बिजनेस

रेडीमेड कपड़ों का कारोबार सदाबहार बिजनेस है जो हमेशा चलता है। शादी और त्योहार के सीजन में रेडीमेड कपड़ों की सेल सबसे ज्यादा होती है। रेडीमेड कपड़े एक बेसिक जरूरत की तरह है।

रेडीमेट कपड़ों का व्यवसाय सदाबहार बिजनेस है। जिसकी मांग बाजार में हमेशा रहती है। मंदी के दौर में भी लोग वस्त्र खरीदना बंद नहीं करते हैं। इस कार्य को व्यवसाय के रूप में चुनना एक सही निर्णय हो सकता है।

आज के दौर में सभी को जल्दी है। हर कोई चाहता है कि तुरंत कपड़े खरीदे और नया कपड़ा पहन ले। ऐसे में रेडीमेड कपड़ों को मांग दिन – प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।

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रेडीमेड कपड़े का अर्थ है – पहले से बना बनाया तैयार कपड़ा। रेडीमेड कपड़े के कारोबारी सीधे बना – बनाया कपड़ा खरीदते हैं और उसको दुकान पर रखकर ग्राहकों को बेचते हैं। जब आप दुकान खोलकर रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोलते हैं तो आपको कस्टमर की जरूरत और उनके बजट का ध्यान रखना चाहिए।

आप किस तरह के रेडीमेड गारमेंट बेचना चाहते हैं तो खरीदने से पहले अपने कस्टमर की पॉकेट को ध्यान में रखें, इससे बेचना आसान होगा। यदि अगर आपका कस्टमर 2,000 रुपए के रेडीमेड गारमेंट खरीदने के बजट वाला है तो वैसा स्टॉक रखें। 500 से 1,000 रुपए वाले कस्टमर है तो उसके हिसाब से स्टॉक खरीदे।

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कपड़े की दुकान खोलने के लिए आपको जीएसटी नंबर चाहिए होगा। जीएसटी नंबर ऑनलाइन रेडीमेड गारमेंट ऑनलाइन बेचने के लिए भी चाहिए। कपड़ो पर 5 फीसदी से 12 फीसदी जीएसटी लगता है। – अगर किराए की दुकान पर कारोबार कर रहे हैं तो रेन्ट एग्रीमेंट चाहिए होगा। एमसीडी से दुकान चलाने का लाइसेंस भी लेना होगा।

मुद्रा योजना से लीजिये दुकान खोलने के लिए धन

केन्द्र सरकार द्वारा देश के एमएसएमई कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना शुरु की गई है। यह सरकारी योजना भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यगो मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है।

मुद्रा योजना के तहत देश के एमएसएमई कारोबारियों को तीन कैटेगरी में 10 लाख तक का बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखे प्रदान किया जाता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि मुद्रा लोन योजना के तहत बेहद कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन मिलता है।

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मुद्रा लोन योजना को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के नाम से भी जाना जाता है। मुद्रा लोन योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) है। यह एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है।

मुद्रा योजना के तहत मिलने वाले तीन कैटेगरी में 10 लाख तक के बिजनेस लोन का विवरण निम्न है:

  • शिशु लोन – 50 हजार तक का बिजनेस लोन
  • किशोर लोन – 50 हजार से 5 लाख तक का बिजनेस लोन
  • तरुण लोन – 5 लाख से 10 तक का बिजनेस लोन

मुद्रा लोन लेने के लिए क्या करना चाहिए

जिस भी कारोबारी को मुद्रा लोन चाहिए, उन्हें सबसे पहले मुद्रा लोन लेने की पात्रता जांचना चाहिए। मुद्रा लोन प्राप्त करने की पात्रता दो तरह से डिसाइड होती है। बेसिक पात्रता और अनिवार्य पात्रता।

मुद्रा लोन की बेसिक पात्रता निम्न है:

  • मुद्रा लोन के लिए अप्लाई करने वाला कारोबारी की नागरिकता भारतीय हो।
  • मुद्रा लोन का उपयोग गैर-कृषि कारोबार के लिए किया जाना हो।
  • जिस भी कारोबार के लिए मुद्रा लोन लेना हो, वह कॉरपोरेट संस्था नहीं होनी चाहिए।
  • बिजनेसमैन के पास मुद्रा लोन का उपयोग करने का प्रोजेक्ट तैयार हो।

मुद्रा लोन इस तरह के बिजनेस को मिल सकता है:

  • प्रोपराइटरशिप फर्म
  • पार्टनरशिप फर्म
  • छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
  • सर्विस सेक्टर कंपनी
  • दुकानदार
  • फल-सब्जी विक्रेता
  • ट्रक/कार ड्राईवर
  • होटल मालिक
  • रिपेयर शॉप
  • मशीन ऑपरेटर
  • छोटे उद्योग
  • फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट
  • ग्रामीण एवं शहरी इलाके का कोई अन्य ग्रामोद्योग

जिन भी कारोबारियों का बिजनेस उपरोक्त में से कोई एक बिजनेस है, वह मुद्रा लोन पाने की पात्रता रखते हैं। जब कारोबारी मुद्रा लोन के लिए पात्र हो जाते हैं, तब उन्हें मुद्रा लोन के लिए अप्लाई करते समय कुछ जरूरी कागजी दस्तावेजों की दरकार होती है।

मुद्रा लोन लेने के लिए इन डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है

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  • पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि में से किसी एक की फोटोकॉपी । यहां इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप जो भी पहचान पत्र की फोटोकॉपी दे रहे हैं उसपर खुद का हस्ताक्षर करके ही देना होता है।
  • पता प्रमाण पत्र के लिए सरकार द्वारा जारी कोई भी प्रमाण पत्र जिससे यह साबित होता है कि आप उस पते पर रहते हैं, जैसे- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बिजली बिल, पानी की बिल इत्यादि। इस कॉपी पर भी खुद का हस्ताक्षर करना होगा।
  • बैंक स्टेटमेंट की कॉपी – यह कम से कम 3 महीने की होना चाहिए
  • जाति प्रमाण पत्र की कॉपी (अगर आप आरक्षित जाति से हैं और उसका लाभ उठाना चाहते हैं तब इसकी जरूरत पड़ेगी)
  • कारोबार के पता का प्रमाण पत्र – कारोबार का पहचान व पते का प्रमाण अपने कारोबार से संबंधित लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या अन्य कोई दस्तावेज जमा करना होगा। यह इस बात का प्रमाण है कि आप उस बिजनेस के मालिक हैं।
  • इन्वेंटरी खरीद करने का बिल की कॉपी (यह तब लागू होता है, कारोबार बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन लिया जाता है)

मुद्रा लोन लेने के लिए इन सभी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। जो भी कारोबारी इन सभी प्रक्रियाओं को फ़ॉलो कर लेता हैम उन्हें बहुत आसानी से प्रधानमंत्री मुद्रा लोन मिल जाता है।

ZipLoan से लीजिये बिजनेस बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन

फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) ZipLoan द्वारा कारोबारियों की आर्थिक समस्या को समझा जाता है।

कारोबारियों की आर्थिक जरूरत को देखते हुए ZipLoan द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के कारोबारियों को सिर्फ 3 दिन* में बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

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आपके जानकारी के लिए बता दें कि ZipLoan कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से रजिस्टर्ड कंपनी है। ZipLoan कंपनी द्वारा वर्तमान तक 6 हजार से भी अधिक कारोबारियों को बिजनेस लोन प्रदान किया जा चुका है।

यह संख्या निरंतर आगे बढ़ रही है। अगर आपका सवाल है कि ZipLoan से कितना बिजनेस लोन मिल सकता है तो इस सवाल है उत्तर – ZipLoan कंपनी से पात्र कारोबारी को 1 से 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन मिल सकता है।

इसी के साथ आपको बता दें कि ZipLoan कंपनी के यहां 2.5 लाख तक की टॉप – अप लोन की सुविधा भी उपलब्ध है।

टॉप – अप लोन की सुविधा उन सभी कारोबारियों को मिलती है जो कारोबारी अपने लोन की न्यूनतम 9 EMI सफलतापुर्वक भुगतान कर देते हैं। जानिए बिजनेस लोन के फायदों के बारें में:

बिजनेस लोन के फायदें निम्न हैं:

बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन: ZipLoan द्वारा प्रदान किया जाने वाला बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी होता है। यानी ZipLoan से बिजनेस लोन प्राप्त करने के लिए कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है।

सिर्फ 3 दिन में बिजनेस लोन: ZipLoan द्वारा कारोबारियों को पैसों की जरूरत को समझा जाता है। इसीलिए कारोबारियों को सिर्फ 3 दिन* में बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

न्यूनतम कागजातों पर लोन: सरकारी बैंक और एनबीएफसी कंपनियों में ZipLoan एक ऐसी कंपनी है जहां से सिर्फ 4 कागजातों पर बिजनेस लोन मिलता है। ये 4 कागजी दस्तावेज निम्न हैं:

  1. पैन कार्ड
  2. पिछले 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट
  3. आईटीआर की कॉपी
  4. घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक के मालिकाना हक का प्रूफ (यह ब्लड रिलेटिव जैसे माता – पिता, भाई – बहन, पति – पत्नी, पुत्र – पुत्री में से किसी के नाम पर होगा तो भी मान्य किया जाता है।

न्यूनतम पात्रता पर बिजनेस लोन: ZipLoan कंपनी इस बात को समझती है कि लोन की पात्रता शर्ते अधिक लगाने से जरूरतमंद कारोबारी बिजेनस लोन प्राप्त करने से वंचित रह जायेंगे। इसीलिए ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते न्यूनतम रखी गई हैं। शर्ते निम्न हैं:

  • बिजनेस 2 साल से अधिक पुराना होना चाहिए।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर 10 लाख से अधिक होना चाहिए।
  • सालाना आईटीआर 1.5 लाख से अधिक फाइल होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए। (यह ब्लड रिलेटिव जैसे माता – पिता, भाई – बहन, पति – पत्नी, पुत्र – पुत्री में से किसी के नाम पर होगा तो भी मान्य किया जाता है।)

प्री-अप्रूव्ड टॉप-अप लोन सुविधा: ZipLoan कंपनी से 1 से 7.5 लाख तक बिजनेस लोन मिलता है। लेकिन 2.5 लाख तक प्री-अप्रूव्ड लोन सुविधा भी प्रदान करता है। प्री-अप्रूव्ड लोन की सुविधा उन सभी कारोबारियों को मिलती है  जिनके द्वारा अपने लोन की कम से कम 9 EMI का भुगतान कर दिया गया होता है।

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zipgrow ऐप की सुविधा: ZipLoan द्वारा एक नया मोबाइल ऐप ‘zipgrow’ लाँच किया गया है। zipgrow ऐप एक डिजिटल खाता – बुक है। इस पर कारोबारी अपने दैनिक हिसाब – किताब को दर्ज कर सकते हैं।

zipgrow ऐप पर कारोबारी किसी डिजिटली तरीके से सामान बेचने की बिल काट सकते हैं। किसी ग्राहक का बकाया यानी उधारी को दर्ज कर सकते हैं। ग्राहक द्वारा पैसों चुकाने पर उसका हिसाब दर्ज कर सकते हैं।

साथ ही साथ कारोबारी बिल काटने की रसीद डिजिटली तरीके से ग्राहक के वाट्सऐप पर भेज सकते हैं। ग्राहक को उधारी का भुगतान करने के लिए मैसेज भेज सकते हैं, फोन कर सकते हैं।

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कारोबारियों को zipgrow ऐप इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब कारोबारी ZipLoan से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो उनके द्वारा zipgrow ऐप पर किया गया सभी लेन-देन पक्का लेन – देन माना जायेगा। यह लेन – देन बिजनेस लोन मिलने सहायता करेगा।

इस तरह देखें तो अगर किसी कारोबारी को बिजनेस लोन चाहिए लेकिन उनकी बैंकिंग कम हो रही है तो वह अपने द्वारा zipgrow ऐप पर किया गया लेन – देन दिखा सकते हैं। zipgrow ऐप पर किया गया सभी लेन – देन ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के लिए वैध लेन – देन माना जाता है।

एक कारोबारी के लिए बिजनेस लोन का महत्व

किसी भी कारोबारी के लिए बिजनेस लोन एक संजीवनी की तरह होता है। अक्सर ऐसा होता है कि कोई कारोबारी अपना बिजनेस तो बढ़ाना चाहता है लेकिन उसके पास पर्याप्त धन न होने के कारण वह अपना बिजनेस बढ़ा नहीं पाते हैं।

ऐसे में उन्हें बिजनेस लोन का सहारा मिल जाये तो वह अपना बिजनेस का ठीक समय पर विस्तार करने में सक्षम बन सकेंगे।

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जब कारोबारी सक्षम बनेंगे तो स्वाभविक तौर पर उनका बिजनेस बढ़ेगा और जब बिजनेस बढ़ेगा तो और दूसरे लोगों को काम पर रखेंगे इस तरह उनके साथ कई लोगों को रोजगार प्राप्त हो जायेगा।

इस तरह देखें तो बिजनेस लोन एक ही साथ कई लोगों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर रहा है। बिजनेस लोन से कारोबारी को भी बहुत फायदें होते हैं।

 

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