RBI ने आज इस साल की तीसरी मौद्रिक नीति (क्रेडिट पॉलिसी) समीक्षा जारी की। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई थी। जिसके बाद बुधवार को RBI बड़ा झटका देते हुए रेपो रेट में 0.25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी। इसके साथ ही RBI ने रिवर्स रेपो रेट में भी बदलाव कर दिया है।

RBI ने बढ़ाई रेपो रेट

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बैंक बढ़ा देंगे ब्याज दरें-

आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बदलाव करने से इसका असर तुरंत देखने को मिलेगा। इस बढ़ोतरी का बोझ बैंक ग्राहकों पर डाल सकते हैं जिसकी वजह से लोगों के लिए बिजनेस लोन लेना काफी महंगा हो जाएगा। बैंक सभी प्रकार के लोन पर ब्याज दरों को बढ़ा देंगे।

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क्या होता है रेपो रेट-

जब भी बैंकों के पास फंड की कमी होती है, तो वे इसकी पूर्ति करने की खातिर केंद्रीय बैंक से पैसे लेते हैं। RBI से बैंकों को जो भी फंड दिया जाता है, वह एक फिक्स्ड रेट पर दिया जाता है। इसी रेट को रेपो रेट कहा जाता है। रेपो रेट में कटौती या बढ़ोतरी करने का फैसला मौजूदा और भविष्य में अर्थव्यवस्था के संभावित हालात के आधार पर लिया जाता है। रेपो रेट पर फैसला RBI ही करता है।

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RBI की रेपो रेट का आप पर असर-

रेपो रेट बढ़ने की वजद से है, बैंकों के लिए RBI से फंड लेना महंगा हो जाता है। इस दबाव को बैंक ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। इसकी वजह से आपको मिलने वाला कर्ज महंगा हो जाता है। जब भी यह रेट कम होता है, तो बैंकों को ज्यादा लोन देने का मौका मिलता है और वे आप से कम ब्याज वसूलते हैं।

Source:- Reserve Bank of India

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