RBI ने बैंकों की बढ़ती गैर-निष्पादित राशि (NPA) पर नियंत्रण के अपने प्रयास के तहत 200 बड़े कर्ज खातों की निगरानी शुरू कर दी है। RBI ने इन कर्ज के एवज में संबंधित बैंक द्वारा किए गए प्रावधानों और उनके दबाव के स्तर के आकलन के लिए इनकी जांच शुरू की है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर इस बात का जानकारी दी।

RBI की नज़र लोन खातों पर

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RBI कर रहा है खातों की जांच-

बैंक अधिकारी ने बताया कि रिजर्व बैंक इस बात की पड़ताल कर रहा है कि विभिन्न बैंकों ने इन परिसंपत्तियों के संबंध में नियमों का पालन किया है या नहीं। अधिकारी ने कहा कि आरबीआई इन ऋणों के संबंध में वर्गीकरण, प्रावधान और ऋण पुनर्गठन का आकलन भी कर रहा है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इनमें वीडियोकॉन, जिंदल स्टील एंड पावर समेत कुछ अन्य बड़े खाते शामिल हैं।

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बैंकों का बढ़ा NPA है चिंता का विषय-

RBI के इस बड़े कदम का मुख्य कारण बैंकों का लगातार बढ़ता हुआ NPA है। आपको बता दें कि बैंकिंग क्षेत्र का सकल NPA बढ़कर 10.3 लाख करोड़ यानी सकल कर्ज का 11.2 प्रतिशत हो गया है। 31 मार्च 2017 को यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ यानी 9.5 प्रतिशत था। पिछले साल की वार्षिक जांच के बाद RBI ने एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक समेत कई बैंकों को एनपीए कम करके आंकते हुए पाया था।

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बैंकों ने कम आंका NPA-

RBI ने पाया था कि एक्सिस बैंक और ICICI बैंक ने अकेले वित्त वर्ष 2015-16 में इस मद में क्रमश: 14,000 करोड़ रुपये और 5,000 करोड़ रुपये कम करके आंका था। इनके साथ ही यस बैंक ने भी दो वित्त वर्षो के दौरान NPA को 11,000 करोड़ रुपये कम करके आंका था। RBI की निगाह इस वक्त बैंकों और उनसे दिए गए लोन्स के ऊपर बनी हुई है। इसी क्रम में इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं।