ऑनलाइन बाज़ार में किसको असली प्रोडक्ट मिल रहा है और किसको नकली प्रोडक्ट मिल रहा है। इस बारें में अभी तक निगरानी नहीं हो रही थी। लेकिन अब अमेजन ने ‘प्रोजेक्ट जीरो’ नाम से प्रोडक्ट जाँच करने का सिस्टम तैयार किया है।

भारत में यह प्रयोग कई देशों के बाद हो रहा है। भारत से पहले कई देशों जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, इटली, स्पेन, जर्मनी और जापान में यह प्रक्रिया अमेजन द्वारा पहले ही पूरी की जा चुकी है।

अब बाज़ार बदल रहा है। ग्राहक अब अपने मोबाइल फोन को ही शापिंग अड्डा बना लिया है। इससे यह हुआ कि ग्राहक को किसी चीज की आवश्यकता होती है तो वह बाज़ार ना जाकर मोबाइल फोन से ही ऑनलाइन शापिंग करना पसंद कर रहे हैं।

ऑनलाइन बाज़ार को ई-कॉमर्स का नाम दिया गया है। ई-कॉमर्स में ग्राहक परिभाषा कुछ इस तरह दी गई है, “इंटरनेट के माध्यम से की गई कोई भी खरीददारी ई-कॉमर्स के अंतर्गत मानी जाएगी।”

मोबाइल से शापिंग के बढ़ते चलन को भापते हुए वर्तमान समय में बहुत सी ऐसी कम्पनियां ई-कॉमर्स वेंचर शुरु कर दिया। फ्लीप्कार्ट और अमेजन पहले से ही ई-कॉमर्स सेगमेंट की दिग्गज कंपनी के तौर पर स्थापित हैं।

ई-कॉमर्स के शुरुवाती दौर में तो ग्राहकों को बेहतर प्रोडक्ट मिले। बेहतर सर्विस होने के कारण अधिक ग्राहक पर ई-कॉमर्स के तरफ आकर्षित हो गये तो कुछ समय से ऐसी सूचना मिलने लगी है कि सामन ऑर्डर कुछ और करने पर कोई और आइटम डिलीवर हो रहा है।

कुछ मामलों में यह भी देखने को मिल रहा था की डिलीवर किया गया प्रोडक्ट नकली होता था। ऐसे में यह चर्चा बहुत समय से चल रही थी की नकली प्रोडक्ट की डिलीवरी और गलत आइटम डिलीवर करने से कैसे रोका जा सकता है।

ई-कॉमर्स में कम्पनियां खुद से कोई प्रोडक्ट नहीं बेचती है बल्कि कंपनी सिर्फ ऑर्डर लेती है। ऑर्डर किये गये प्रोडक्ट को एक निश्चित दूकान से या स्टोर से डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को प्रोडक्ट दिया जाता है। तब जाकर डिलीवरी करने वाला व्यक्ति प्रोडक्ट डिलीवर कर पाता है।

इस बीच प्रोडक्ट बेचने वाले दुकानदार या स्टोर क्या प्रोडक्ट और कैसा प्रोडक्ट देते हैं, इस पर किसी का नियन्त्रण नहीं होता है। क्योंकि डिलीवरी बॉय को जो पैकेट मिलता है वह सीधे पैकेट डिलीवर करता है।

अमेजन ने उठाया नकली प्रोडक्ट रोकने के लिए कदम

जैसा हम सभी जानते हैं कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में अमेजन दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी है। अमेजन ने भारत में अपना ‘प्रोजेक्ट जीरो’ पेश किया है। प्रोडक्ट जीरो के जरिये विभिन्न ब्रांडों को फर्जी या डुप्लिकेट प्रोडक्ट की पहचान पहचान के लिए तरीका मिलगा।

जब अमेजन के जरिये नकली प्रोडक्ट की पहचान हो जाएगी तो सेलर उन्हें अपने प्‍लेटफॉर्म से हटा सकेंगे। प्लेटफॉर्म से नकली प्रोडक्ट को हटाने की मुहिम के तहत कंपनी ने इस तरीके का इजाद किया है

अमेजन इससे पहले इस पहल को इसी साल अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन, जर्मनी और जापान में पेश कर चुकी है। कंपनी ने इसे भारत में ऐसे समय लॉन्च किया है जब सरकार इंटरनेट पर नकली सामान की बिक्री से निपटने के लिए नियम बना रही है।

अमेजन नकली आइटमों की पहचान के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। यह काम ऑटोमैटिक होगा। सर्टिफाइड ब्रांडों को अमेजन डुप्लीकेट प्रोडक्ट को हटाने के लिए अधिकार देगा।