नरेंद्र मोदी जी जब पहली बार 2014 में देश का प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने भारत को विकसित देशों की कैटेगरी में खड़ा कर देने की बात कहा था।

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद सभी का साथ, सभी का विकास नारा के साथ आगे बढ़े और सभी वर्गों का विकास योजनाबद्ध तरीके से करने का प्रयास किया।

जिन वर्गों के लिए वर्तमान तक कोई विकास योजना नहीं, उन वर्गो के लिए नरेंद्र मोदी जी नई विकास योजना लाये। लोगों को योजनाओं के बारे में जागरूक किया।

सरकारी योजनाओं का वितरण होने में लगने वाला समय और प्रक्रिया को कम किया, जिससे लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ बहुत सहज और सरल तरीके से मिल सका।

नरेंद्र मोदी जी पहले टर्म के प्रधानमंत्री काल में जिन योजनायों में जनता को सीधे लाभ प्राप्त हुआ उन योजनायों में, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, स्टार्ट-अप इंडिया लोन योजना जैसी योजनाएं प्रमुख रही।

इसे भी जानिए: नरेंद्र मोदी से सीखिए बिजनेस के ये 5 मंत्र

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में गरीबी रेखा से नीचे का जीवनयापन करने वाली महिलाओं को एक गैस सिलेंडर सेट केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की 75:25 नीति के तहत प्रदान किया गया।

मुद्रा लोन योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों यानी एमएसएमई कारोबारियों को तीन कैटेगरी में 10 लाख तक का बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखे देने की व्यवस्था की गई है।

स्टार्ट-अप इंडिया लोन योजना में उन सभी स्टार्ट-अप को सरकार की तरफ से टैक्स में छूट दी जाती है, जिन स्टार्ट-अप की उम्र 5 साल से कम होती है। इसके साथ ही स्टार्ट – अप्स को बिजनेस लोन देने की भी व्यवस्था की गई है।

ये सभी योजनाएं बेहद सफल रही हैं और अभी भी चल रही हैं। जब 2017 में लोक सभा का चुनाव हुआ, तब फिर से लोगों ने भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताया और बीजेपी को भारी बहुमत से विजयी बनाया।

अब नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद पर दूसरी बार काम करने का मौका मिला था। प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र मोदी जी द्वारा की कई सरकारी पेंशन स्कीम को शुरुवात करने की सहमती प्रदान की गई।

इन सरकारी योजनाओं में प्रधानमंत्री पेंशन योजना (Pradhan Mantri Pension Yojana), प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना (Pradhan Mantri Kisan Pension Yojana), प्रधानमंत्री मानधन योजना (Pradhanmantri Mandhan Yojana) प्रमुख हैं।

इन योजनाओं को मोदी योजना (Modi Yojana) या सरकारी पेंशन योजना के नाम से भी जाना जाता है। आइये इस आर्टिकल में इन तीनों योजनाओं के बारे में विस्तार से समझते हैं।

प्रधानमंत्री पेंशन योजना क्या है?- Pradhan Mantri Pension Yojana (PMVVY)

आगे की जानकारी देने या आगे बढ़ने से पहले इस बता दें कि यह योजना देश के बुजुर्गों के लिए है। इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री वय वंदना योजना – PMVVY(Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana) है।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को प्रधानमंत्री पेंशन योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी के याद में शुरु किया है, इसलिए इस योजना को अटल पेंशन योजना के नाम से भी जाता जाता है।

इसे भी पढिये: अटल पेंशन योजना के फायदे क्या हैं ? इससे किस उम्र में और कैसे जुड़ा जा सकता है?

इस योजना के तहत निर्धारित दर के हिसाब से बुजुर्ग नागरिकों को गारंटीड पेंशन मिलती है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना भारत सरकार और भारतीय जीवन बिना निगम के संयुक्त उपक्रम से चल रही है।

इस योजना में लाभार्थी एक निश्चित धनराशि हर महीने प्रीमियम के तौर पर जमा करता है, और उतनी ही धनराशि सरकार की तरफ से लाभार्थी के खाता में जमा की जाती है। जब लाभार्थी की उम्र 60 साल हो जाती है तब लाभार्थी को हर महीने एक निश्चित धनराशि पेंशन के तौर पर मिलती है।

इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है?

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ सभी भारतीय नागरिक उठा सकते हैं। इस योजना में रजिस्ट्रेशन करने के लिए लाभार्थी की उम्र 18 साल से अधिक और 50 साल से कम चाहिए। आपको जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2020 है।

वय वंदना योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए कागजात क्या चाहिए

प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत वय वंदना योजना का लाभ उठाने के लिए निम्न कागजातों की जरूरत पड़ती है:

  • पैन कार्ड की कॉपी
  • एड्रेस प्रूफ की कॉपी (आधार, पासपोर्ट आदि)
  • चेक की कॉपी या बैंक पासबुक के पहले पेज की कॉपी ताकि आपके इस अकाउंट में पेंशन के पैसे आ सकें

वय वंदना योजना की खास बातें क्या हैं?

  • यह एक एलआईसी की तरह योजना है। • अगर पेंशन पाने वाले व्‍यक्ति की मृत्‍यु PMVVY खरीदने के 10 साल के भीतर हो जाता है तो खरीद की कीमत (जमा राशि) नामित व्‍यक्ति को रिफंड कर दी जाती है।
  • यह एक इन्वेस्टमेंट योजना है।
  • इस योजना में यह सुविधा है कि लाभार्थी चाहे तो पेंशन को एक महीने, तीन महीने, छः महीने या सालाना के तौर पर भी ले सकता है।
  • इस योजना में जमा पैसों पर सरकार द्वारा 8.5% का ब्याज दिया जाता है।
  • वय वंदना योजना में लाभार्थी न्यूनतम एक हजार रुपया और अधिकतम 15 हजार रुपया महिना जमा कर सकता है।
  • प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) में निवेश करने के 10 साल बाद पेंशन के अंतिम भुगतान के साथ ही जमा राशि भी वापस लौटा दी जाती है।
  • अगर पेंशन पाने वाले व्‍यक्ति की मृत्‍यु PMVVY खरीदने के 10 साल के भीतर हो जाता है तो खरीद की कीमत (जमा राशि) नामित व्‍यक्ति को रिफंड कर दी जाती है।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) में रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

प्रधानमंत्री पेंशन योजना की तहत प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन तरीके लाभ लेने के लिए आपको अपने नजदीकी एलआईसी एजेंट से संपर्क करना होगा और उनसे कहना होगा कि आपका प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में रजिस्ट्रेशन करके खाता खोल दें। आप अपने नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जाकर भी अपना प्रधानमंत्री वय वंदना योजना खाता खुलवा सकते हैं।

इसे भी जानिए: सरकारी योजना: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना (PMSYM)

प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत वय वंदना योजना का लाभ लेने के लिए आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको इस लिंक https://onlinesales.licindia.in/eSales/liconline;jsessionid=8DE013D0999F95CCF47637AFE57E7582 पर क्लिक करना होगा। इस लिंक पर क्लिक करते ही प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का फॉर्म खुल जायेगा। फॉर्म सही तरीके भरकर, जरुरी कागजात अटैच करके सबमिट बटन पर क्लिक कर देना होगा। याद रखें, 31 मार्च 2020 अंतिम तिथि है।

क्लिक कर जानिए: Sarkari Yojna 2020- सरकारी योजना 2020: मोदी सरकार की योजना लिस्ट एक जगह