देश में पिछले कुछ वर्षों से बेरोजगारी बढ़ी है। बढ़ती बेरोजगारी को कम/खत्म करने लिए कुछ ठोस उपाय करने की जरुरत महसूस की जा रही थी। केंद्र सरकार द्वारा रोजगार के विकल्प के रुप में स्वरोजगार के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना 2019 शुरु किया गया है।

मजेदार बात यह है कि प्रधानमंत्री बिजनेस लोन 2019 नाम की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। लेकिन, बढ़ती बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री के नाम पर कई योजनाएं चलाई जा रही है इसीलिए, इसे प्रधानमंत्री लोन योजना: 2019 के नाम से जाना जाता है।

प्रधानमंत्री लोन योजना 2019 में सरकार द्वारा दो तरह की योजनाएं चलाई जा रही है

अपने देश की आबादी 1 सौ 30 करोड़ से भी अधिक है। 1 सौ 30 करोड़ जनसंख्या में कुछ आबादी बहुत अधिक शिक्षित है तो कुछ आबादी कम पढ़ी लिखी या सिर्फ साक्षर है। लेकिन, जिन्दगी जीने के लिए सभी को कुछ न कुछ रोजगार तो चाहिए होता है। सभी को सरकारी नौकरी मिल जाए ऐसा कभी संभव नही हो सकता। स्वरोजगार का विकल्प बेहतर साबित हो सकता है।

दो तरह की योजनाएं – 

  • प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMRPY)
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

PMRPY योजना क्या है?

बहुत से ऐसे लोग होते है जो नौकरी तो कर रहे होते है लेकिन अपनी नौकरी से खुश नहीं होते है। ऐसे लोगो चाहत होती है की अपना खुद का कारोबार शुरु करें । ऐसे ही लोगों के लिए प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMRPY) चलाई जा रही है। इस योजना में कारोबार में लगे कर्मचारियों का EPF और EPS का वह हिस्सा (12%) सरकार 3 साल तक देती है, जो हिस्सा कारोबार के मालिक को कर्मचारियों के लिए जमा करना होता है।

PMRPY के जरिए कारोबार शुरु करने वाले लोगों के लिए अपने कर्मचारियों के EPF और ESI की रकम सरकार से मदद के रूप में मिलती है।

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प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMRPY) 2017 में  शुरु की गई है। वर्तमान में इस योजना द्वारा 31 लाख लोग  लाभान्वित हो चुके है। इस योजना में लगने वाली रकम की बात करें तो अभी तक सरकार प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान कर चुकी है।

SME सेक्टर के लिए शुरु हुई है योजना

इस योजना को 2016-17 के बजट के दौरान ही पेश किया गया था। तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने उस समय बजट पेश करते हुए कहा था, “SME सेक्टर में काम करने वाले नए कर्मचारियों के लिए सरकार अपनी तरफ से योगदान देगी।”

योजना के तहत कर्मचारी पेंशन भविष्य निधि संस्थान (EPFO) में अकाउंट खोलने वाले नए कर्मचारी के लिए EPS में सैलरी का 8।33 प्रतिशत योगदान सरकार करेगी। इससे SME सेक्टर में नए इम्पलॉई रखने और उन्हें पेंशन फण्ड का लाभ देने में बिजनेस मालिकों की रुचि बढ़ेगी।

MSME loan

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) 2019

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: 2019, कारोबारियों को आर्थिक मदद प्रदान करने के उद्देश्य शुरु हुई योजना है। प्रधानमंत्री लोन योजना के तहत मुद्रा स्कीम को 2015 में शुरु हुई है। मुद्रा स्कीम के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबार के लिए लोन के रूप में बैंकों द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है। मुद्रा स्कीम में दो तरह के लोन प्रदान किये जाते है- नया कारोबार शुरु करने के लिए और पुराने कारोबार का विस्तार करने के लिए लोन

सरकार स्वरोजगार को देना चाहती है बढ़ावा 

केंद्र सरकार का मानना है की आसानी से लोन मिलने पर बड़ी संख्या में लोग स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे बढ़ेंगे। पहले लोगों द्वारा लोन न लेने का बड़ा कारण लोन की रकम के बदले घर या दुकान के पेपर गिरवी रखना और बहुत सारी औपचारिकताएं पूरी करना होता था। इस कारण लोग लोन लेने से लोग डरते थे और लोन के बारे में सोचने से भी पीछे हटते थे। जब देश में अधिक संख्या में कुटीर या मध्यम उद्योग स्थापित होंगे तो स्वाभाविक तौर पर अधिक लोगों को रोजगार मिलना संभव हो सकेगा और इससे देश में बेरोजगारी की समस्या कम/खत्म होने में मदद मिलेगी।

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PMMY का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) है। 2018- 19 में मुद्रा योजना के जरिए 39701047 लोगों को लोन मिल चुका है। मुद्रा योजना के जरिए लोन प्रदान की जाने वाली रकम 321722.79 करोड़ है (मुद्रा योजना से संबंधित सभी डाटा, मुद्रा वेबसाइट से लिए गए हैं)

प्रधानमंत्री लोन योजन 2019 / मुद्रा योजना में दिए जाते हैं 3 प्रकार के लोन

इस योजना में 3 प्रकार के लोन प्रदान किए जाते हैं:

  • शिशु लोन
  • किशोर लोन
  • तरुण लोन

शिशु लोन: शिशु लोन योजना में 50 हजार तक की रकम मिलती है। यह रकम कुटीर उद्योग शुरु करने के लिए प्रदान की जाती है।

किशोर लोन:  किशोर लोन योजना में 50 हजार से 5 लाख तक की रकम लोन के रुप में मिलती है। किशोर लोन योजना में लघु उद्योग शुरु करने के लिए और पुराने कारोबार का विस्तार करने के लिए लोन प्रदान किया जाता है।

तरुण लोन: तरुण लोन योजना में 5 लाख से 10 लाख तक रकम लोन के रुप में प्रदान की जाती है।

पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गठित एक समिति ने एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में मुद्रा योजना इ तहत प्रदान की रही वर्तमान रकम को दोगुनी करने की बात कही गई है।

कारोबार बढ़ाने के लिए ZipLoan से मिलता बेहद कम शर्तों पर बिजनेस लोन

प्रधानमंत्री लोन योजना 2019 के अतिरिक्त फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी ‘ZipLoan’ द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए लोन बेहद कम शर्तों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख तक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे हैं

  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन के घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 6 महीने से लेकर 36 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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