हर एक इंसान की दिली ख्वाइश होती है कि वह अधिक पैसे इक्कठा करें। धन इक्कठा करने के लिए व्यक्ति तरह – तरह के उपाय करता है। जो लोग बिजनेस करते हैं वह पैसा किसी स्कीम में इन्वेस्ट कर देते हैं।

प्रॉपर्टी खरीद लेते हैं। नौकरी पेशा लोग अपना पैसा पीएक के रुप में कटाते हैं ताकि रिटायर्मेंट के बाद एक अच्चा अमाउंट उनके बैंक खाते में आ जाये।

क्या आपको पता है कि PPF स्कीम नामक भी एक ऐसी सरकारी बचत योजना है जिसमे एक निश्चित समय के बाद आपके ही द्वारा जमा किया गया पैसे दोगुना होने के करीब हो जाता है।

पीपीएफ योजना यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार की लघु बचत योजनाओं में शामिल लंबी अवधि की बचत का एक लोकप्रिय जरिया है। आप अपने पीपीएफ खाते पर अधिक ब्‍याज पाना चाहते हैं तो प्रत्‍येक महीने की 5 तारीख को अपने खाते में एकमुश्‍त पैसे जमा करवाएं।

इसे भी पढ़े: प्रोविडेंट फंड (पीएफ अकाउंट) का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

PPF स्कीम मेंन सिर्फ इस पर आपको ज्‍यादातर बैंकों के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की तुलना में ज्‍यादा मिल रहा है बल्कि इसमें निवेश कर आप इनकम टैक्‍स में डेढ़ लाख रुपये तक की कटौती का लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।

See also  अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन क्या होता है? जानिए लाभ? What Is Unsecured Business Loan & What Are Its Advantages

आपको बता दें कि मैच्‍योरिटी पर मिलने वाले पैसे भी टैक्‍स फ्री होते हैं। अक्‍टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए इस पर 7।9 फीसद ब्‍याज मिल रहा है। PPF अकाउंट 15 साल में मैच्‍योर होता है।

अगर आप PPF में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ बातें पता होनी चाहिए। इससे आप फायदे में रहेंगे। आइये PPF के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं:

सबसे पहली बात तो यह है कि आप ज्‍वाइंट पीपीएफ अकाउंट नहीं खुलवा सकते।

एक पैरेंट या अभिभावक एक बच्‍चे के नाम से पीपीएफ खाता नाबालिग के गार्जियन के तौर पर खुलवा सकता है। हालांकि, अगर अभिभावक का पहले से ही कोई पीपीएफ खाता है तो वह एक साल में दोनों खाते में कुल मिलाकर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये का ही निवेश कर सकता है।

अगर नाबालिग के पीपीएफ खाते में पैरेंट या अभिभावक की कमाई ये पैसे डाले जाते हैं तो पैरेंट या अभिभावक इनकम टैक्‍स अधिनियम की धारा 80सी के तहत इनकम टैक्‍स में कटौती का लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।

जब नाबालिग बच्‍चा 18 साल का हो जाता है तो एक आवेदन देना होता है कि खाते को नाबालिग से बदल कर व्‍यस्‍क कर दिया जाए। अब, जिस पैरेंट या गार्जियन ने बच्‍चे के नाम से पीपीएफ खाता खुलवाया होता है उन्‍हें उस व्‍यस्‍क हुए बच्‍चे के हस्‍ताक्षर को सत्‍यापित करना होता है। इसके बाद जिस बच्‍चे के नाम से खाता है वह खुद उसका परिचालन कर सकता है।

See also  शुरू कर रहे हैं बिजनेस? जानिए कौन सी जगह आपके लिए है बेस्ट

एक अनिवासी भारतीय PPF अकाउंट नहीं खुलवा सकता। हालांकि, अगर अनिवासी होने से पहले अगर किसी NRI ने खाता खुलवाया था तो वह उसे जारी रख सकता है।

इसे भी पढ़े: किसान विकास पत्र 2019: क्या है और इसका रजिस्ट्रेशन कैसे करते है?

PPF खाते की ब्‍याज की गणना प्रत्‍येक महीने की पांच तारीख से महीने के अंत तक की जाती है।

अगर आप अपने पीपीएफ खाते पर अधिक ब्‍याज पाना चाहते हैं तो प्रत्‍येक महीने की 5 तारीख को अपने खाते में एकमुश्‍त पैसे जमा करवाएं।

अपने पीपीएफ अकाउंट से आप सातवें वित्‍त वर्ष से आंशिक निकासी कर सकते हैं। दिलचस्‍प बात यह है कि आंशिक निकासी से मिले पैसों पर भी टैक्‍स नहीं लगता है।

अगर आप 15 साल के बाद भी अपने पीपीएफ खाते को चालू रखते हैं तब भी आंशिक निकासी कर सकते हैं।

अगर आप अपने पीपीएफ खाते को 15 साल बाद भी बिना पैसे दिए चालू रखना चाहते हैं तो ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप 15 साल बाद पीपीएफ में अपना योगदान जारी रखना चाहते हैं तो आपको फॉर्म एच भरकर जमा करवाना होगा।

Related Posts

MSME Full FormMSME RegistrationCGTMSE
MSME LoanVAT RegistrationUdyog Aadhaar
GST RegistrationStand Up India SchemeCGTMSE Fee
Shop LoanWhat is CGSTDownload GST Certificate
PM SVAnidhi SchemeCancelled ChequeUPI Full Form
Business Loan EligibilityGST Full FormE-Way Bill Unblocking
CIN NumberGST LoginUAN Number