लोगों की बुनियादी जरुरत में शामिल होता है- दवाई, पढ़ाई और खवाई। इन तीनो के होने से मनुष्य अपना जीवन ठीक तरह से जी पाता है। सरकारे भी यह सुनिश्चित करती हैं कि सभी को समान रुप से शिक्षा मिल सके और उचित मूल्य पर सभी को दवा मिले। इसके साथ ही भोजन की गारंटी कानून भी लागू किया जाता है, जिससे जरुरतमंद को भोजन मिलता है। यह तीनों व्यक्ति के सीधे जीवन से जुड़े होने से, इससे संबंधित बिजनेस भी खुब चलता है। जिसमे बेहतर मुनाफा होता है। आज इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं, दवाई से जुड़े फार्मास्यूटिकलबिजनेस के बारे में।

फार्मास्यूटिकल क्या है?

भारत में दवाओं की बिक्री के लिए सरकार द्वारा एक नियम बनाया गया है। जिसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के नाम से जाना जाता है। इसमें बताया गया है कि दवा का बिजनेस करने के लिए कौन से लाईसेंस की आवश्यकता होती है और दवा का बिजनेस कैसे किया जा सकता है।

फार्मास्यूटिकल (pharmaceutical) एक अंग्रेजी शब्द है। जिसका हिंदी में अर्थ- औषधि (दवा) होता है। अगर हम औषध उद्योग (pharmaceutical industry) के बारे में बात करें तो यह औषधि के रूप में उपयोग आने वाले रसायनों का विकास, उत्पादन और वितरण करने वाला उद्योग है। औषध कम्पनियाँ सामान्य दवा (जेनेरिक मेडिसिन) बनातीं हैं या ब्राण्ड वाली दवायें या चिकित्सा उपकरण बनातीं हैं।

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इस तरह से आप देखते हैं कि दवा के क्षेत्र में किये जाने वाले बिजनेस को फार्मास्यूटिकल बिजनेस कहते हैं। भारत में दवा का बहुत बड़ा कारोबार है। और दिन-प्रतिदिन यह बढ़ ही रहा है। अभी हालहिं, में कोरोना वायरस का टीका भारत द्वारा बनाकर दुनिया को चौका दिया गया। आइये बताते हैं कि भारत में फार्मास्यूटिकल यानी दवा का कितना बड़ा कारोबार है।

भारत में फार्मास्यूटिकल बिजनेस

आपको जानकारी के लिए बता दें कि आप अमेरिका और चीन जैसा देश भारत से दवाओं की खरीद करते हैं। जब से भारत मे कोरोना वैक्सीन का निर्माण हुआ है, तब से भारत की धाक पूरे विश्व पर हो गई है। भारत फार्मा क्षेत्र में सुरक्षित, बेहतरीन और गुणवत्तायुक्त दवाओं के बल पर अपनी स्थिति मजबूत करने की राह पर आगे बढ़ रहा है। वर्तमान समय में भारत में फार्मा उद्योग करीब 32 अरब डॉलर का है। यह आंकड़ा सिर्फ जेनरिक दवाओं के बिजनेस का है। इसमें होम्योपैथिक और आयुर्वैदिक दवाओं का बिजनेस शामिल नही है।

फार्मास्यूटिकल सेक्टर मे बिजनेस कैसे कर सकते हैं?

जैसा कि आर्टिकल के शुरुआत मे ही बता दिया गया है कि दवा का बिजनेस हर कोई नही कर सकता है। बल्कि इसके लिए बकायदा भारत सरकार द्वारा नियम बनाया गया है कि कौन लोन – मेडिकल सेक्टर मे बिजनेस कर सकते हैं और उन्हे किस प्रकार का लाईसेंस लेना होगा। ड्रग लाइसेंस के प्रकार जानिए-

ड्रग लाइसेंस के प्रकार

“दवा” – ड्रग की परिभाषा को देखते हुए, भारत में दवा बिजनेस को निम्नलिखित प्रकार के लाइसेंस की आवश्यकता होती है:

मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस – एक बिजनेस को जारी किया जाने वाला लाईसेंस है। यह लाइसेंस एलोपैथिक / होम्योपैथी दवाओं का मैन्यूफैक्चरिंग (निर्माण) निर्माण करने की अनुमति देता है।

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बिक्री लाइसेंस – यह दवाओं की बिक्री के लिए जारी किया जाने वाला लाइसेंस है। यह निम्न पार्ट में बटा हैः

  • थोक दवा (ड्रग) लाइसेंस
  • रिटेल दवा (ड्रग) लाइसेंस
  • प्रतिबंधित दवाएं (ड्रग) बेचने का लाईसेंस

लोन लाइसेंस – एक बिजनेस को जारी किया जाने वाला लाइसेंस है। इस लाईसेंस में जो मैन्यूफैक्चरिंग यूनीट (विनिर्माण इकाई) का मालिक नहीं है, लेकिन वह दूसरे लाइसेंसधारी की मैन्यूफैक्चरिंग (विनिर्माण) सुविधाओं का उपयोग करता है।

आयात लाइसेंस – यह दवाओं के आयात के लिए जारी किया जाने वाला लाइसेंस है।

मल्टी-ड्रग लाइसेंस – यह लाईसेंस उन बिजनेसों के लिए जारी किया जाता है जो एक ही नाम के साथ कई राज्यों में अपने खुद के फार्मेसियों के मालिक हैं।

ड्रग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक शर्तें (जरुरी पात्रता)

  1. फार्मासिस्ट / सक्षम व्यक्ति: रिटेल बिजनेस(खुदरा व्यापार) के मामले में फार्मासिस्ट को योग्य होना चाहिए। ट्रेडर्स (थोक व्यवसाय) के मामले में, व्यक्ति को 1 वर्ष के अनुभव के साथ स्नातक होना चाहिए या 4 वर्ष के अनुभव के साथ स्नातक होना चाहिए।
  2. जगह की आवश्यकता: जगह एक अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकता (पात्रता) है, जो फार्मेसी / इकाई का क्षेत्र है। जगह कुछ इस प्रकार की होना चाहिएः
  3. थोक और खुदरा लाइसेंस दोनों के लिए – 15 वर्ग मीटर।
  4. अन्य सभी मामलों में – 10 वर्ग मीटर।
  5. दुकान जगह (बिक्री परिसर) की स्पष्ट ऊंचाई भारत के राष्ट्रीय भवन संहिता 2005 के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार होना चाहिए।
  6. स्टोररेज सुविधा (भंडारण सुविधा): एकअन्य महत्वपूर्ण आवश्यकता (पात्रता) स्टोरेज (भंडारण) की सुविधा है। क्योंकि कुछ दवाओं को कम तापमान, रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में रखना (संग्रहित) करना आवश्यक होता है।
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ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन

दवा (ड्रग) लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित स्टेप फॉलो करना होता हैः

  • आवेदक को ड्रग (दवा) बिजनेस के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए आवेदक के पास एक वैध ईमेल आईडी और मोबाईल नंबर होना चाहिए।
  • अगले स्टेप में सभी जरुरी कागजी दस्तावेजों को अपडेट रखना है।
  • इसके बाद कागजी दस्तावेजों और फॉर्म को लागू फीस के साथ अपलोड करना होता है।
  • ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर, एक निरीक्षक साइट पर जाएगा और दस्तावेजों की वैधता को सत्यापित करेगा।
  • यदि उपरोक्त सभी चरणों का विधिवत अनुपालन किया गया है, तो प्राधिकरण ड्रग लाइसेंस जारी करेगा।

लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची

दवा (ड्रग) बिक्री लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित आवश्यक कागजी दस्तावेज चाहिए होता हैं:

  • यूनिट (इकाई) का गठन – मेमोरंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए), एक कंपनी के लिए एसोसिएशन (एओए), साझेदारी विलेख, साझेदारी और एलएलपी के मामले में एलएलपी समझौता पत्र।
  • पार्टनर / डायरेक्टर / प्रोपराइटर का आईडी प्रूफ।
  • दवा दुकान परिसर से संबंधित दस्तावेज – संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेजों की कॉपी या जैसा कि मामला हो सकता है।
  • साइट की योजना और परिसर की मुख्य योजना।
  • लाइसेंस प्राप्त करने की अनुमति देने वाले बोर्ड संकल्प की प्रति।
  • कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटर आदि के रूप में भंडारण स्थान की उपलब्धता का प्रमाण।
  • शुल्क जमा करने के प्रमाण के रूप में चालान की प्रति।
  • प्रोपराइटर / पार्टनर / डायरेक्टर और फर्म के गैर-दोषी होने के संबंध में शपथ पत्र।
  • पंजीकृत फार्मासिस्ट / सक्षम व्यक्ति से शपथ पत्र।
  • एक रिटेल सेल (खुदरा बिक्री) पर एक फार्मासिस्ट के लिए निम्न कागजात चाहिए होगा:
  • योग्यता का प्रमाण
  • स्थानीय फार्मेसी परिषद का पंजीकरण
  • नियुक्ति पत्र
क्र. संफॉर्म नंबरकिस कार्य के लिए यह फॉर्म भरना है
1फॉर्म 19शेड्यूल X में प्रदर्षित लोगों के अलावा दवा (ड्रग) बेचने, लाईसेंस रिन्यू करने, किसी और को दवा बेचने का लाईसेंस देने या दवा (ड्रग्स) वितरित करने के लिए के लिए आवेदन किया जाता है।
2फॉर्म 19Aदवा बेचने का लाईसेंस के लिए, प्रतिबंधित दवा बेचने का लाईसेंस के लिए, दवा बेचने का लाईसेंस वीनीकरण के लिए  या रिटेल (खुदरा) विक्रेताओं द्वारा ड्रग्स वितरित करने के लिए जो योग्य व्यक्ति किसी सेवा में संलग्न नहीं होते हैं।
3फॉर्म 19Bबिक्री, स्टॉक या प्रदर्शन या बिक्री के लिए प्रस्ताव, या होम्योपैथिक दवाओं को वितरित करने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन।
4फॉर्म 19Cशेड्यूल  X में वर्णित दवाओं को बेचने का लाईसेंस के लिए, बेचने का लाइसेंस नवीनीकरण करने के लिए, थोक में दवा बेचने का लाईसेंस के लिए आवेदन।
5फॉर्म 24लाइसेंस के अनुदान के लिए या लाइसेंस के नवीकरण के लिए या बिक्री के लिए या दवाओं के वितरण के लिए निर्माण करने के लिए आवेदन [अनुसूची सी, सी (1) और एक्स] में निर्दिष्ट किए गए हैं।
6फॉर्म 24Aअनुसूची सी, सी (1) और X में वर्णित के अलावा अन्य दवाओं के विक्रय या वितरण के लिए एक लोन लाइसेंस या लोन लाइसेंस के नवीकरण के लिए आवेदन।
7फॉर्म 24Bअनुसूची सी और सी (1) में निर्दिष्ट दवाओं को छोड़कर, ड्रग्स की बिक्री या वितरण के लिए लाइसेंस के अनुदान या नवीकरण के लिए आवेदन, अनुसूची Xमें निर्दिष्ट उन लोगों को छोड़कर।
8फॉर्म 24Cहोम्योपैथिक दवाओं की बिक्री के लिए [या वितरण के लिए] लाइसेंस के अनुदान या नवीकरण के लिए आवेदन या फॉर्म २०-सी में लाइसेंस रखने वाले लाइसेंसधारियों द्वारा बैक पोटेंसी से शक्तिशाली तैयारी तैयार करने का लाइसेंस।
9फॉर्म 24Fअनुसूची X में निर्दिष्ट दवाओं के वितरण या बिक्री के लिए और लाइसेंस सी और सी (1) में निर्दिष्ट नहीं करने के लिए लाइसेंस देने के लिए अनुदान या नवीकरण के लिए आवेदन।
10फॉर्म 27अनुसूची सी और सी और बी (अनुसूची 1) में निर्दिष्ट दवाओं को छोड़कर अनुसूची सी और सी (1) में निर्दिष्ट दवाओं के वितरण या बिक्री के लिए निर्माण करने के लिए लाइसेंस के अनुदान या नवीनीकरण के लिए आवेदन

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