एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन इंडिया (EPFO) कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम करने वाली एक ऐसी संस्था है जिसमे कर्मचारियों के सैलरी का एक निश्चित अंश जमा होता है।

सैलरी का एक निश्चित अंश PF या EPS के तौर पर जमा होता है। यह कर्मचारी और उसके संस्थान के ऊपर निर्भर करता है कि वह सैलरी का एक निश्चित अंश किस स्कीम में कटाते हैं।

यहां यह जानकारी देना महत्वपूर्ण है कि कर्मचारी जब चाहें तब अपने अपने PF या EPS अकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं यानी कर्मचारी रिटायर्मेंट से पहले चाहें तो अपने फंड से कुछ निश्चित कार्यों के लिए कुछ धन या कुल जमा धन निकाल सकते हैं।

EPFO से पैसा निकालने का प्रोसेस EPF EPS Withdrawal Process कहलाता है। PF या EPS से पैसा निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) भरना होता है।

अगर कोई व्यक्ति अपनी 5 साल से कम नौकरी के दौरान 50 हजार से अधिक धनराशि निकालने के लिए पैन नंबर सबमिट किया है उस व्यक्ति के द्वारा निकाले जाने वाली राशि पर 10 प्रतिशत टीडीएस कटता है।

प्रोविडेंट फंड से पैसा निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) भरकर जमा करना होता है। यहां यह सावधानी रखना चाहिए कि कंपोजिट फॉर्म भरते हुए कोई गलती न हो। आइये इस आर्टिकल में यह समझते हैं कि PF या EPS से पैसा निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म कैसे भरा जाता है।

कब निकाल सकते हैं EPFO से पैसा?

वर्तमान में लोगों की जरूरतें बढ़ गई हैं। बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए धन की आवश्यता होती है। कुछ लोगों को तत्काल में धन की जरूरत होती है। धन का कहीं से इंतजाम न होने पर लोग ईपीएफओ से पैसा निकालने के लिए सोचते हैं।

इसमें कोई गलत भी नहीं है। ईपीएफओ अकाउंट में भी लोगों का ही पैसा जमा होता है। और यह पैसा कर्मचारी की जरूरत के लिए ही होता है। लेकिन रिटायर्मेंट से पहले पैसा निकालने के लिए कुछ कारण बताना होता है।

रिटायर्मेंट से पहले PF का पैसा कुछ इस तरह के कारणों के लिए निकाला जा सकता है:

  • नौकरी छोड़ने पर
  • घर बनवाने के लिए
  • घर खरीदने के लिए
  • PF फंड की पूरी राशि निकालना
  • ईलाज कराने के लिए

इनमें से कोई भी एक कारण देकर EPFO से पैसा निकाला जा सकता है। आपको यहां जानकारी देना जरूरी है कि पीएफ से पैसा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पैसा निकाल सकते हैं।

क्या पीएफ और ईपीएस के लिए अलग – अलग फॉर्म भरना होता है?

नहीं। पीएफऔर ईपीएस से पैसा निकालने के लिए अलग – अलग फॉर्म नहीं भरना होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएफ और ईपीएस दोनों से ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से अपने अकाउंट का पैसा निकाला जा सकता है।

पीएफ के लिए कौन सा भरना होता है

प्रोविडेंट फंड के अकाउंट का पैसा निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) भरना होता है। अगर आपको घर बनवाने के लिए या किसी दूसरे काम के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट से कुछ पैसे निकालने की सोच रहे हैं। तो आपको कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) भरना होगा।

यहां आपको यह जानकारी होना चाहिए कि कंपोजिट क्लेम फॉर्म दो तरह का होता है:

  • आधार लिंक्ड कंपोजिट क्लेम फॉर्म
  • नॉन-आधार कंपोजिट क्लेम फॉर्म

अगर आपका EPFO अकाउंट आधार से लिंक हैं तो आपको आधार लिंक्ड कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरना होता है। EPFO अकाउंट आधार से लिंक न होने की दशा में नॉन आधार लिंक्ड कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरना होता है।

आधार लिंक्ड कंपोजिट क्लेम फॉर्म कैसे भरा जाता है?

आधार लिंक्ड फॉर्म भरने के लिए आपको कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरा करना होता है। जैसे आपको फॉर्म 11 एम्प्लायर के यहां जमा करना होता है। आधार नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स UAN पोर्टल पर मौजूद दिखना चाहिए। इतना सुनिश्चित होने के बाद आप कंपोजिट क्लेम फॉर्म (आधार) को भर सकते हैं।

CCF फॉर्म को संबंधित EPFO ऑफिस में जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपको एम्प्लायर (कंपनी) से किसी तरह के क्लेम के अटेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) फॉर्म के साथ आपको एक कैंसल चेक भी जमा करना होगा। कैंसल चेक पर लाभार्थी का नाम और अकाउंट नंबर दिखना जरूरी है।

अगर आप अपने PF अकाउंट में से कुछ राशि को घर खरीदने या किसी दूसरे काम के लिए निकालना चाहते हैं, तो आपको कंपोजिट क्लेम फॉर्म बनना होगा। इस आंशिक निकासी को एडवांस कहा जाता है और इसका रिफंड नहीं किया सकता। इसका मतलब आप इसे अपने PF अकाउंट में वापस नहीं डाल सकते और इसे लोन नहीं समझा जाता।

पीएफ – PF फंड से पूरी राशि कैसे निकाल सकते हैं?

नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद पीएफ से कुल पैसा निकालने की अनुमति मिलती है। इसके लिए भी कंपोजिट क्लेम फॉर्म ही भरना होता है।

जबकोई व्यक्ति पीएफ से पूरा पैसा निकालना चाहता है तक उसको CCF फॉर्म पर आपको इसके लिए अपनी नौकरी छोड़ने की तारीख को देना होता है। पैन नंबर बताना होता है। नौकरी छोड़ने का कारण भी बताना होता है।

क्या पीएफ के कुल पैसों पर टीडीएस कटता है?

PF की कुल राशि पर TDS को काटा जा सकता है। EPFO के द्वारा TDS तब काटा जाएगा, जब किसी कर्मचारी का सर्विस पीरियड 5 साल से कम होता है। व्यक्ति ने PAN दिया हुआ होगा तो 10 फीसदी TDS काटा जाएगा। वरना 34.608 फीसदी पर टैक्स लगेगा।