पैन कार्ड, टैन नंबर और टिन नंबर (PAN Card, TAN Number और TIN नंबर) के बारे में सबसे बड़ी बात यह तीनों ही अलग- अलग चीजें है। आइए इनके बारे में विस्तार से समझते हैं:

क्या होता है PAN कार्ड

फाइनेंशियल लेनदेन के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां होती है जिनके बारे में सभी को पता होना चाहिए। पैन कार्ड एक ऐसा दस्तावेज़ है जो बैंक में खाता खुलवाना हो या फिर अपनी पहचान का प्रमाण पत्र देना हो यह हर काम में इस्तेमाल होता है। पैन कार्ड का पूरा नाम (Full Form of PAN Card) पर्मानेंट अकाउंट नंबर है। पैन कार्ड आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर (कर-दाता) की पहचान उनके स्थायी खाता संख्या यानी कि (PAN) से करता है। PAN एक 10 अंकों वाली अल्फान्यूमेरिक (Alpha Numeric) संख्या होती है। एक व्यक्ति को उसके पूरे जीवन में पैन नंबर (PAN नंबर) एक बार मिलता है।

पैन नंबर का उपयोग

यह एक बेसिक डॉक्यूमेंट है जिसके जरिए कई तरह की सुविधाएं मिलती है। पहचान पत्र के तौर पर दिखाने  के काम आता है इसके अलावा इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय भी पैन नंबर का उपयोग किया जाता है।

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TAN नंबर क्या होता है?

टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर यानी TAN नंबर। TAN नंबर पैन नंबर की ही तरह 10 संख्या का एक नंबर होता है। टैन कार्ड उन सभी व्यक्तियों रखना आवश्यक होता है जो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203ए के अंतर्गत टैक्स भरने या टैक्स रिटर्न प्राप्त करने के योग्य हैं। TAN नंबर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी निम्न है:

  • कारोबारियों के लिए है जरूरी दस्तावेज़: नया कारोबार शुरू करने वाले कारोबारियों के लिए TAN नंबर प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
  • TAN नंबर सभी तरह की कटौती और संग्रह के लिए अकेले पर्याप्त दस्तावेज़ है।
  • इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जारी करता है। TAN का मतलब होता है- टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर। इसे टैक्स कलेक्शन अकाउंट नंबर के नाम से भी जाना जाता है।
  • जो लोग सभी सोर्स पर टैक्स कटौती (TDS) या सोर्स पर टैक्स संग्रह करते हैं, उन्हें टैन लेना पड़ता है।
  • जो लोग अचल संपत्ति का ट्रांसफर करते हैं उनको पैन का विवरण देने की जरूरत होती है।
  • टीडीएस रिटर्न ऑनलाइन फाइल किया जाए या ऑफलाइन लेकिन TDS रिटर्न फाइल के लिए TAN अनिवार्य है।
  • PAN यानी पर्मानेंट अकाउंट नंबर की तरह एक से अधिक TAN रखना भी गैर-कानूनी है। ऐसा करने पर आपराधिक मामला बनता है।

Know your Pan? जानिए कैसे कर करते हैं पैन कार्ड में करेक्शन

TIN नंबर क्या होता है?

कभी- कभी ऐसा होता है की लोग TIN और TAN के बीच फर्क नहीं समझ पाते। कभी ऐसा भी होता है की TIN को PIN भी समझ लिया जाता है। लेकिन यह न तो TAN है और न ही किसी चीज का PIN है। TIN अपने आप में स्वतंत्र है। TIN का पूरा नाम टैक्स इन्फार्मेशन नेटवर्क होता है (Tax Information Network)। राज्य सरकार द्वारा वस्तुओं के खरीद- बिक्री पर VAT या सेल्स टैक्स लगाया जाता है। जिसके लिए टिन नंबर की आवश्यकता होती है।

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TIN नंबर एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। इस यूनिक नंबर का उपयोग पूरे देश में टैक्स से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता। VAT कानून के तहत किसी डीलर की पहचान के लिए भी TIN का ही उपयोग किया जाता है।

बिजनेस के लिए क्यों जरूरी है TIN Number और इसे कैसे प्राप्त करें? जानिए तरीका

देश के अधिकतर राज्यों में 5 से 10 लाख तक की सालाना इनकम करने वाले कारोबारियों पर VAT नहीं लगाया जाता है। TIN तभी जरूरी होता है, जब सेल की छूट सीमा अधिक हो। इसके अलावा यह उस राज्य पर भी निर्भर करता है कि वहां पर अधिकतम कितनी सालाना आय के बाद VAT लगाया जाता है। कभी-कभी कारोबार के दौरान माल खरीदने पर विक्रेता को भी TIN नंबर देना होता है।

क्या GST लागू होने के बाद भी TIN नंबर की जरूरत है?

एक देश एक कर की नीति पर पूरे देश में एक समान टैक्स लागू कर दिया गया है। GST लागू हो जाने के बाद से VAT, सर्विस टैक्स जैसे अप्रत्यक्ष कर में से केवल GST ही लगेगा। इसलिए GST लागू हो जाने के बाद से TIN की जगह केवल GST नंबर या रजिस्ट्रेशन की ही जरुरत पड़ती है। जिन कारोबारियों के पास TIN नंबर है उनके TIN नंबर जीएसटी में कन्वर्ट करके जीएसटी नंबर प्रदान कर दिए जाएंगे।

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कारोबार बढ़ाने के लिए ZipLoan से मिल जायेगा सिर्फ 3 दिन में बिजनेस लोन

ZipLoan फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को लोन दिया जाता है। कारोबार बढ़ाने के लिए बेहद कम शर्तों पर 1 से  7.5 लाख तक का बिजनेस लोन  सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है।

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  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 10 लाख तक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे हैं

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  • लोन के घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 6 महीने से लेकर 36 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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