बदलते दौर में कारोबार करने का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। जहां पहले लोग महीने में या 15 दिन में एक बार खरीदारी करने के लिए मुश्किल से समय निकाल पाते थे वहीं अब हर दिन घर बैठे ऑनलाइन खरीदारी कर पा रहे हैं। यह सुविधा संभव हुई है ऑनलाइन कारोबार के जरिए।

अगर पिछले 15 वर्षों पर नजर दौड़ाए तो पाएंगे की अब मार्केट ही पूरी बदल गई है। अब ग्लोबल मार्केट का दौर शुरु हो गया है। ऑनलाइन बिजनेस को ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय अमेज़न, जबांग, स्नेपडील और फ्लिपकार्ट इत्यादि जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को जाता है।

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ई-कॉमर्स की कंपनियों ने भारत में खरीदारी करने का एक नया अनुभव दिया। अब लोगों को घर बैठे अपनी मोबाइल या लैपटॉप के जरिए खरीदारी करते देखे जा सकते हैं। कंपनियों की प्रतिस्पर्धा में ग्राहकों को कुछ छूट और सामान को कम मूल्य पर प्राप्त करने ग्राहकों का ही फायदा है।

अगरआप भी कारोबार करते हैं और अपने कारोबार को ऑनलाइन ले जाना चाहते हैं लेकिन इसके बारे में कम जानकारी होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं तो अब आपको इस विषय में अधिक विचार करने की आवश्यकता नहीं । क्योंकि, इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें।

ऑनलाइन बिजनेस क्या होता है?

इंटरनेट (Internet) के द्वारा होने वाला कोई भी लेनदेन इंटरनेट बिजनेस के दायरे में आता है। इंटरनेट (Internet) के मध्यम से हुई कोई भी खरीदारी ई-कॉमर्स (E-Commerce) के दायरे में आती है। ऑनलाइन मध्यम से की गई खरीदारी के लिए व्यक्ति को एक जीमेल अकाउंट और इंटरनेट कनेक्शन होना अनिवार्य होता है। ग्राहक अपने मोबाइल या लैपटॉप/कम्पयूटर पर अपनी पसंद का प्रोडक्ट्स चुनता है उसे खरीदने के लिए ऑर्डर प्लेस करता है। यहां पर ग्राहक को प्रोडक्ट की कीमत चुकाने के दो तरीके समाने होते हैं। 1- ऑनलाइन पेमेंट 2- ऑनलाइन पेमेंट यानी जब प्रोडक्ट्स की डिलीवरी होगी तब ग्राहक पैसे चुकाएगा।

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ऑनलाइन बिजनेस: ई-कॉमर्स की शुरुवात कब हुई?

भारत में ई-कॉमर्स की शुरुवात की बात करें तो यह तकरीबन 1998 के आसपास शुरु हुई। सन 2000 तक ई-कॉमर्स का भारत में कुल कारोबार 43 अरब डॉलर के आसपास का कारोबार हुआ करता था। भारत में पहली बार हिमाचल प्रदेश में इंटरनेट से बिजनेस की शुरुवात हुई और पहली ऑनलाइन तरीके से बेचीं गई किसी प्रोडक्ट की बात करें तो यह प्रोडक्ट सेब (एप्पल) था। लेकिन, आज बिजनेस और खरीदारी का मध्यम सबसे अधिक प्रचलित है। आइए जानते हैं इससे संबन्धित 5 महत्वपूर्ण जानकारियां।

प्रोडक्ट का चुनाव बहुत सोच- समझकर करना चाहिए

ऑनलाइन बिजनेस में ग्राहक किसी दुकान पर नहीं जाता बल्कि वह अपने मोबाइल या लैपटॉप/कम्पयूटर की स्क्रीन पर चीजों को देखकर खरीदते है। ऐसे में कारोबारियों को चाहिए कि वह उन्हीं प्रोडक्ट को अपने इंटरनेट बिजनेस में रखें जिसपर लोगों को भरोसा हो और जिसका लोग उपयोग करते हों। अगर किसी भी तरह की गड़बड़ प्रोडक्ट रखे गए तो आगे से दिक्कत हो सकती है आपको ग्राहक मिलने में।

लोगों की सुविधाओं का रखे पूरा ख्याल

कस्टमर्स भीड़ और दुकानदारों की दूसरी तरह की दिक्कतों से बचने के लिए ई-कॉमर्स पर आते हैं। ऐसे में ग्राहकों की चाहत होती है कि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी। आपको बता दे कि ई-कॉमर्स में एक निश्चित समय के बीच प्रोडक्ट को ग्राहक द्वारा वापस भी किया जा सकता है। ऐसी सुविधा देना बहुत जरूरी है। दूसरी बात पेमेंट को लेकर होती है। सामान वापस करने पर ग्राहकों को उनके पूरे पैसे वापस करने होते हैं। इस बात ध्यान रखा जाना चाहिए। तीसरी चीज आपकी वेबसाइट यूजर फ्रेंडली होनी चाहिए, इससे ग्राहक को चीजें ढूंढने के लिए इधर- उधर स्क्राल नहीं करना पड़ेगा।

 प्रोडक्ट का विवरण रखना होता है आवश्यक

ग्राहक जिस भी प्रोडक्ट को खरीदना चाहता है, उसके बारे में पहले अच्छे से पूरी जानकारी प्राप्त कर लेना चाहता है। अब ऐसा तो होगा नहीं कि जिस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए ग्राहक आपके साइट पर आया है और उस प्रोडक्ट के बार में जानकारी प्राप्त करने के लिए वह गूगल करें या किसी से पूछताछ करें।

किसी भी ऑनलाइन विक्रेता का यह कर्तव्य बनता है कि वह जिस भी प्रोडक्ट को दिखाएं उसके बारे में वहीं पर और भी जानकारी प्रदान करें। इससे ग्राहक को संतुष्टि मिलती है। ग्राहक जब किसी और चीज की जरूरत होती तो वह दुबारा से आपके साइट पर आएगा।

प्रोडक्ट कैटलॉग का कर सकते हैं इस्तेमाल

कैटलॉग यानी लिस्ट। अगर कोई यूजर आपके साइट पर आता है और उसे साइट पर पहुंचते ही प्रोडक्ट कैटलॉग लिस्ट मिल जाती है तो इससे वह बहुत खुश होगा। क्योंकि, यहीं पर उसे पता चल जायेगा की जो सामान वह ढूंढ़ रहा है वह उसे मिलेगी या नहीं।

ऑफर निभाते हैं खास भूमिका

ऑफर नाम एक शब्द होता है जिसको सुनते ही हर व्यक्ति को लगता है की कुछ फ्री में मिलने वाला है। यह तरकीब बिक्री और मुनाफा बढ़ाने में बहुत सहायक होती है। ई-कॉमर्स शुरु करने वाले कारोबारियों को चाहिए की वह इस तरकीब का इस्तेमाल कर अपने ऑनलाइन बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं।

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