देश में One Person Company (OPC) नामक एक नया ट्रेंड चल रहा है। यह ट्रेंड छोटे स्तर पर व्यापार करने वाले कारोबारियों को बड़ा बिजनेसमैन बनाने का शानदार मौका है। वन पर्सन वन कंपनी के तहत कोई भी व्यक्ति खुद के नाम कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है की वन पर्सन कंपनी के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले कारोबारियों को अपने कंपनी के लिए कई लोगों को निदेशन नहीं बनाना पड़ता है, बल्कि एक ही व्यक्ति वन पर्सन कंपनी का निदेशक बन सकता है।

वन पर्सन कंपनी का ट्रेंड पहले सिर्फ ग्रेट ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों में ही रहा है। लेकिन, अब यह ट्रेंड धीरे – धीरे ही सही लेकिन भारत में अब व्यापक स्तर पर फ़ैल रहा है। वन पर्सन कंपनी शुरु करने से बिजनेसमैनों को कई फायदे के साथ कुछ नुकसान भी होता है। आइये सबसे पहले फायदों के बारे में जानते हैं।

वन पर्सन कंपनी शुरू करने के फायदे

  • इसमें केवल एक ही व्यक्ति निदेशक बन सकता है।
  • कंपनी की पहचान और कंपनी का मालिक निदेशक बोर्ड नहीं, बल्कि एक ही व्यक्ति होता है, जिसके नाम पर कंपनी का रजिस्ट्रेशन होता है, वही व्यक्ति कंपनी का मालिक होता है।
  • वन पर्सन कपनी पर देनदारी यानी लायबिलिटी बहुत कम होती है।
  • इस तरह की कंपनी के लिए एनुअल जनरल मीटिंग्स, बोर्ड की बैठक इत्यादि करने की जरूरत नहीं होती है।
  • वन पर्सन कंपनी का मालिक अपने बाद जिसे चाहे, उसे कंपनी का उत्तराधिकारी घोषित कर सकता है।
  • एक अन्य यह विशेषता है कि इस तरह की कंपनी के नामकरण के नीचे “एक व्यक्ति कंपनी” दर्ज करना अनिवार्य होता है।
  • कंपनी के सभी शेयरों का मालिक एक ही व्यक्ति होता है।
  • इस तरह की कंपनी शुरु करने के लिए बहुत कम कागजी प्रक्रिया पूरा करना होता है।
  • किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए “एक व्यक्ति, एक कंपनी” बहुत लाभदायक होती हैं।
  • कंपनी की किसी भी फाइनेंशियल रिपोर्ट पर दस्खत करने के लिए एक ही डायरेक्टर मान्य किया जाता है।
  • किसी भी वन पर्सन कंपनी का फाइनेंशियल स्टेटस, एक फाइनेंशियल ईयर समाप्त होने के 6 महीने बाद तक जारी किया घोषित किया जा सकता है।
  • वन पर्सन कंपनी शुरु करने के लिए बहुत अधिक धन की जरूरत नहीं होती है, मात्र एक लाख रुपये से भी वन पर्सन कंपनी की शुरुवात की जा सकती है।
  • 2013 में The Companies Act, 2013 के तहत शुरुआत हुई है वन पर्सन कम्पनी – One Person Company (OPC) के ट्रेंड का। इससे देश के युवाओं का बहुत लाभ मिलता है। पहले जहां किसी को अगर कोई कंपनी शुरु करना होता था तो उसे पहले निदेशन बोर्ड में कई लोगों को रखना पड़ता था, अब सिर्फ सिंगल व्यक्ति भी खुद के नाम से अपनी कंपनी शुरु कर सकता है।
  • कंपनी का मालिक एक होने के चलते उसे इतनी स्वतंत्रता मिलती है कि वह कंपनी के लिए जो चाहे, वो निर्णय ले सकता है।
See also  रेपो रेट 2019: RBI ने फिर घटाया रेपो रेट, अब लोन की EMI होगी कम

वन पर्सन कंपनी से नुकसान क्या होता है?

  • “एक व्यक्ति, एक कंपनी” का रजिस्ट्रेशन कराना जरा मुश्किल होता है।
  • सबसे बड़ा नुकसान यह है कि जो व्यक्ति एक बार वन पर्सन कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा लेता है, वह दोबारा फिर से किसी और “एक व्यक्ति, एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकता है।
  • जो भी नॉन बैंकिंगफाइनेंशियल लेनदेन होता है, उसमे वन पर्सन, वन कंपनी शामिल नहीं हो सकता है।
  • जब वन पर्सन, वन कंपनी का रजिस्ट्रेशन हो जाता है, उसके बाद उस कंपनी को किसी प्राइवेट लिमिडेट कंपनी के रुप में बदला नहीं जा सकता है।

वन पर्सन कम्पनी (OPC) का रजिस्ट्रेशन इस तरह होता है

एक व्यक्ति, एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए व्यक्ति के पास कुछ जरूरी कागजत होना अनिवार्य होता है। जरूरी कागजात इस प्रकार हैं:

  • निर्देशक और नामांकित व्यक्ति का पैन कार्ड
  • कंपनी के निदेशक का एड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली का बिल, पासपोर्ट में से कोई एक)
  • कंपनी का एड्रेस फ्रूफ (कंपनी अगर किराए पर चल रही है तो किरायेदार का सहमति पत्र )
  • मकान मालिक से एनओसी
  • निदेशक का डिजिटल सिंग्नेचार सर्टिफिकेट
  • निदेशक के पासपोर्ट फोटो

वन पर्सन कंपनी रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया

जो लोग भी वन पर्सन कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं, उनके सबसे अच्छी बात यह है कि वह लोग घर बैठे आसानी से ऑनलाइन तरीके से कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सबसे पहले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की वेबसाइट यानी एमएसएमई की आधिकारिक वेबसाइट लॉग इन करना होता है।

See also  छोटे बिजनेस के लिए बिजनेस लोन कितना सहायक होता है?

वेबसाइट लॉग इन करने के बाद वेबसाइट पर इन्क्यारी फॉर्म भरना होता है। इसके बाद आपके पास फोन आएगा, फोन अपनी कंपनी से संबंधित सभी जानकारी देना होता है। जानकारी के देने के बाद आपका वन पर्सन कंपनी का रजिस्ट्रेशन की प्रकिया शुरु हो जाएगी। यह प्रक्रिया कुल एक सप्ताह तक चलती है। इसके बाद आपके वन पर्सन, वन कंपनी का रजिस्ट्रेशन हो जाता है।

Related Posts

MSME Full FormMSME RegistrationCGTMSE
MSME LoanVAT RegistrationUdyog Aadhaar
GST RegistrationStand Up India SchemeCGTMSE Fee
Shop LoanWhat is CGSTDownload GST Certificate
PM SVAnidhi SchemeCancelled ChequeUPI Full Form
Business Loan EligibilityGST Full FormE-Way Bill Unblocking
CIN NumberGST LoginUAN Number