इस वक्त यानी 24 मार्च 2020 से पूरा भारत बंद है। पूरे देश में लॉकडाउन का आदेश दे दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मार्च 2020 को शाम 8 बजे देश के नाम एक संबोधन दिया और बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन करना बहुत ही जरूरी है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री जी द्वारा देश के नाम संबोधन में 31 मार्च तक लॉकडाउन करने की बात कही गई थी। लेकिन, कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते और देश में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते एक बार फिर से नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश को संबोधित किया गया और यह बताया गया कि देश में एक तरह से मेडिकल इमरजेंसी लागू रहेगी।

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कुछ जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ 14 अप्रैल तक बंद रहेगा। जो व्यक्ति वर्तमान में जहा पर है, उसे वही पर रहने का आदेश/सलाह दिया गया है। इस लॉकडाउन में कुछ जरूरी सेवाएं जैसे: बिजली-पानी, इंटरनेट, बैंकिंग एवं एटीएम की सुविधा जारी रहेगी।

पोस्ट ऑफ़िस खुले रहेंगे। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को काम करने दिया जाएगा। पेट्रोल पंप और सीएनजी या एलपीजी पंप खुले रहेंगे। दवाओं की दुकानें खुली रहेंगी। डेयरी एवं डेयरी से संबंधित दुकाने खुली रहेंगी। जनरल स्टोर/किराना स्टोर भी खोलने का आदेश है।

ऐसे में यह स्थिति उन लोगों के लिए बहुत दिक्कत पैदा करने वाली है, जो लोग अपना घर, गाँव छोड़कर किसी और शहर में काम – धंधा, मजदूरी करते हैं। सभी फैक्ट्रियां बंद हो जाने के कारण मजदूरों को काम से निकाल दिया गया है।

रेल, सड़क सब बंद है। इस स्थिति में मजदूर या कामगार अभी अपने घर भी नहीं जा सकता है। मजदूरों के पास रहने के लिए घर भी नहीं है। इतना पैसा भी नहीं है कि वह घर किराए पर ले सकें। खाने तक की दिक्कत हो रही है।

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मजदूरों, कामगारों और रोजहाई के श्रमिकों को खाने की दिक्कत को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है की वह उत्तर प्रदेश के दैनिक मजदूरों, श्रमिकों को दोनों समय भोजन और कुछ धन दिया जायेगा। मदद करने के लिए नर सेवा, नारायण सेवा योजना की शुरुवात की गई है।

नर – नारायण सेवा के तहत क्या मदद मिल रही है?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा मजदूरों का भरण – पोषण करने के जिम्मेदारी उठाई गई है। मजदूरों की मदद करने के लिए योगी सरकार द्वारा मजदूरों की पहचान कर उनके जनधन बैंक खाता में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1000 – 1000 रुपया यानी एक – एक हजार रुपया सीधे मजदूरों के बैंक खाता में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भेजा जायेगा।

क्या कहा योगी आदित्यनाथ ने?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर – नारायण योजना की घोषणा करते हुए कहा कि, ‘राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूर पंजीकृत हैं। साथ ही चिन्हित 20.37 लाख मजदूरों (रिक्शा वाले, खोमचे वाले, रेहड़ी वाले, फेरी वाले, निर्माण कार्य करने वाले) को भी 1000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। 

योगी आदित्यनाथ ने नर – नारायण योजना को शुरु करते हुए सैकड़ो मजदूरों के बैंक खाता में नर – नारायण योजना के तहत एक हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर करके योजना का शुभारम्भ भी कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार इसके अलावा भी सभी पंजीकृत मजदूरों को भरण पोषण भत्ता दे रही है। अन्य प्रकार दिया जाने वाला भत्ता महत्मा गाँधी रोजगार योजना के तहत दिया जायेगा।

उत्तर प्रदेश में अन्न की भी व्यवस्था की गई है

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा, जिसे लॉकडाउन के दौरान खाने – पीने जैसी चीजों को प्राप्त करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त मिलेगा।

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उत्तर प्रदेश सरकार कर है जरूरी सामान घर पहुंचाने की व्यवस्था 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके जानकारी दिया है कि उत्तर प्रदेश में लोग जरूरी सामन खरीदने के लिए भी सड़क पर न निकले। जरूरी सामान की डिलीवरी घर – घर पहुंचाने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश द्वारा की जा रही है।

मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

समझिये लॉकडाउन क्या होता?

लॉकडाउन एक तरह का आपातकाल यानी इमरजेंसी ही होता है। जिस प्रकार से इमरजेंसी लागू हो जाने के बाद किसी भी शख्स को घर के बाहर निकलने की मनाही होती है, उसी प्रकार लॉकडाउन होने पर भी किसी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की मनाही होती है।

लॉकडाउन में जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है। लेकिन यह सभी अनुमति स्थानीय प्रसाशन के अधीन होती है।

कब – कब किया जा सकता है लॉकडाउन?

किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है।

कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।

अभी तक कितने देश में लॉकडाउन हो चुका है?

कोरोना के चक्र को रोकने के लिए अभी इन देशों में लॉकडाउन किया जा चुका है:

  1. चीन
  2. डेनमार्क
  3. अल सलवाडोर
  4. फ्रांस
  5. आयरलैंड
  6. इटली
  7. न्यूजीलैंड
  8. पोलैंड
  9. स्पेन
  10. भारत

कोरोना वायरस का पहला मरीज चीन के वुहान शहर में पाया गया था। वुहान में सबसे पहले लॉकडाउन किया गया था. इसके बाद पूरे चीन शहर को ही लॉकडाउन कर दिया गया।

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इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।

भारत में अभी भी चीन, इटली या फ़्रांस जैसी स्थिति नहीं है, इसीलिए सरकार द्वारा किया लॉकडाउन कोरोना का चक्र तोड़ने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।