देश में स्वरोजगार और उद्योग की संख्या बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार हर वह प्रयास कर रही है जिससे देश के कारोबारियों का भला हो सके। ऐसे में कई ऐसी सरकारी योजना चलाई जा रही है जिसमे उद्यमियों को बिजनेस लोन मिलता है।

केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकारी लोन योजना में मुद्रा लोन योजना, स्टैंड अप इंडिया लोन योजना, आधार उद्योग रजिस्ट्रेशन योजना इत्यादि जैसी योजनाओं के जरिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम कारोबारियों (एमएसएमई व्यापारी वर्ग) को बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

भारत में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना अति महत्वपूर्ण योजना है। मुद्रा योजना की शुरुवात 2015 में हुई है। मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) है।

किसी भी को भी इस तथ्य को जानकार हैरानी हो सकती है कि Mudra Bank नही है बल्कि मुद्रा योजना के जरिये अन्य फाइनेंशियल संस्थाओं से बिजनेस लोन मिलता है। आइये मुद्रा लोन योजना के रिपोर्ट कार्ड की कसौटी पर परखते हैं और पता लगाते हैं कि भारत में मुद्रा लोन योजना कितनी सफल है।

मुद्रा योजना रिपोर्ट कार्ड – कितना सफल है मुद्रा योजना?

मुद्रा योजना में लोन कौन देता है?

जैसा कि पहले बता चुके हैं कि मुद्रा कोई फाइनेंशियल कंपनी नही है बल्कि एक एजेंसी है और इसका काम जरूरतमंद उद्योगों को बिजनेस लोन प्रदान करना है। आपको बता दें कि मुद्रा लोन योजना के तहत लोन देने के लिए 27 सरकारी बैंक, 17 प्राइवेट बैंक, 31 ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रो फाइनेंस कंपनी और 25 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) अधिकृत यानी परमिट किये गये हैं।

मुद्रा योजना के जरिये लोन लेने का प्रोसेस

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के जरिये लोन लेने के लिए कारोबारी को कुछ प्रोसेस का कम्पलीट करना होता है।

  • सबसे पहले अपने नजदीकी उस बैंक या फाइनेंशियल कंपनी के बारे में पता लगाये जहां से मुद्रा लोन मिलता हो।
  • जब बैंक या फाइनेंशियल कंपनी का चयन हो गया हो तो इसके कारोबारी की मुख्य जिम्मेदारी है कि वह उस बैंक या फाइनेंशियल कंपनी में जाये और ब्रांच मैनेजर से मिलकर मुद्रा लोन फॉर्म मांगे। मुद्रा लोन फॉर्म लेने के साथ ही लोन के लिए क्या जरूरी कागजात लगाये जाने हैं इसकी भी एक सूची बना लें।
  • मुद्रा लोन के लिए जिन कागज़ी दस्तावेजों की जरूरत है उसको इक्कठा करें। कागजातों में अगर प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मांग की गई हो तो कारोबारी से यह उम्मीद की जाती है कि वह एक बेहतर प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाए।
  • अब बारी है मुद्रा लोन फॉर्म को ध्यान से भरने की। अब कारोबारी मुद्रा लोन फॉर्म को बहुत ध्यान से भरें।
  • जब फॉर्म पूरी तरह से भर दिया जाये तो अब फॉर्म के साथ सभी जरूरी कागजात फॉर्म इ साथ अटैच करके उसे बैंक की ब्रांच या फाइनेंशियल कंपनी में ले जाकर जमा करना होता है।
  • लोन फॉर्म जमा होने के बाद कारोबारी को रेगुलर तौर पर अपने मुद्रा लोन एप्लिएक्शन के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहने होता है।

मुद्रा लोन आवेदन पत्र कैसे भरें

अब तक दिया गया मुद्रा बिजनेस लोन

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना – PMMY के लिए बनाई गयी वेबसाइट के अनुसार 23 मार्च 2018 तक मुद्रा योजना के तहत 228144 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किये जा चुके हैं। सरकार ने मुद्रा लोन योजना के तहत मार्च 2019 तक 220596 करोड़ रुपये के मुद्र लोन बांटे हैं।

इस तरह देखें तो मुद्रा योजना के तहत अब एक बड़ी रकम बिजनेस लोन के रुप में वितरित किया जा चुका है। अगर मुद्रा लोन के जरिये उद्योगों की बढ़ोतरी की बात करें तो बढ़ोतरी का आंकड़ा वर्ष 2016 और 2017 के मध्य देखें तो देश में करीब 25 प्रतिशत तक लघु और मध्यम उद्योगों में बढ़ोतरी हुई है।

वर्ष 2016 में जहां रजिस्टर्ड एमएसएमई कारोबार की कुल संख्या 4 करोड़ 53 थी वही 2017 तक बढ़कर 6।33 करोड़ हो गई। इस तरह हम कह सकते है कि मुद्रा लोन योजना का लाभ कारोबारियों को रहा है।

मुद्रा लोन का एनपीए

सबसे पहले एनपीए शब्द का अर्थ समझ लेते हैं। एनपीए शब्द अंग्रेजी भाषा का शब्द है। एनपीए का अर्थ होता है – नॉन परफोर्मिंग एसेट यानी वह सम्पंती जिसके वापस आने की कोई संभवना न हो। एक तरह से इसे डूबा हुआ पैसा भी बोल सकते हैं।

मुद्रा लोन में एनपीए हुई रकम की बात करें तो मार्च 2019 तक मुद्रा योजना के तहत बांटे गए 17,250.73 करोड़ रुपये के लोन NPA घोषित किये जा चुके हैं। मार्च 2018 तक देश के सरकारी बैंकों का 7,277.32 करोड़ रुपया NPA की कैटेगरी में था।

संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मुद्रा लोन योजना में 2313 मामले धोखाधड़ी के भी सामने आये हैं। मुद्रा योजना की शुरुआत से अब तक 19 करोड़ लोन बांटे जा चुके हैं।

इस तरह देखें तो प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में 120% तक लोन एनपीएस की कैटेगरी में आ गया है। इस बात के लिए केन्द्र सरकार की तारीफ करना चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में एनपीएस होते हुए भी बैंकों और एनबीएफसी को लोन देने के लिए 90 हजार करोड़ रूपये राहत के तौर पर प्रदान किया है।

मोदी सरकार देश में स्वरोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर प्रयास करती दिखाई दे रही है। मुद्रा योजना उन प्रयासों में से एक बेहतरीन प्रयास है।

अन्य सरकारी योजनायें :

  1. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
  2. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
  3. क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम