देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाले एमएसएमई सेक्टर की मदद के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी देने की योजना बना रही है। इससे एसएमई को समय पर आसानी से लोन मिलेगा।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग एमएसएमई सेक्टर के सचिव ए के पांडा ने एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छोटे उद्योगों के लिए पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कुछ नए और ठोस निर्णय लिए हैं। पिछले तीन साल से हर वर्ष छोटे उद्योगों को पूंजी उपलब्ध कराने के लिए 19-20 हजार करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी दी जा रही थी। सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के लिए इस साल इसे 40-50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

उन्होंने बताया कि गैर बैकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFC) से लिए गए ऋण को भी क्रेडिट गारंटी योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को लोन उपलब्ध कराने के लिए कुछ उचित सुधार भी किए हैं, जिस वजह से इस साल करीब चार लाख से ज्यादा लोन प्रस्ताव आने की संभावना है।

एमएसएमई सेक्टर

इसके साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी बैंकों और गैर बैकिंग वित्तीय संस्थानों के साथ विचार-विमर्श कर रही है। इस साल करीब 70 हजार नयी कारोबारी इकाइयां स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिनसे लगभग पांच लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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Story credit – ET