भारतीय अर्थव्यवस्था का सफल संचालन करने में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई सेक्टर ) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छोटे और मध्यम कारोबार की विशेषता यह होती है कि इनका इनका संचालन आवश्यक संसाधनों में भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

कमर्शियल संस्थाओं का हिसाब – किताब रखने वाली संस्था सिडबी के हालिया आकड़ों के अनुसार अगले वर्ष के लिए एमएसएमई की वृद्धि दर 8.80 प्रतिशत है।

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संबंध में बात करें तो एमएसएमई सेक्टर ने जीडीपी में 29 प्रतिशत योगदान दिया है।

आईएमएफ के अनुसार, एमएसएमई की वृद्धि के साथ अगले वित्त वर्ष के लिए संरक्षित विकास दर लगभग 7.80% रहेगी।

जो कारोबारी नया कारोबार शुरु करते हैं उनकी हमेशा यह चाहत होती है कि उनको कहीं से आर्थिक सहायता के रुप में बिजनेस लोन मिल जाये तो उनका बिजनेस बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है।

एमएसएमई कारोबारियों को आर्थिक सहायता दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाता है बिजनेस लोन। बिजनेस लोन की सहायता से कारोबारी अपने बिजनेस का अपने मनमुताबिक विस्तार कर पाते हैं और लंबे समय के लिए योजना बना पाते हैं।

अब सवाल है कि कारोबारियों को बिजनेस की सहायता कहाँ से मिलती है? इस सवाल का उत्तर है: वर्तमान समय कई ऐसी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी – एनबीएफसी हैं जहां से एमएसएमई सेक्टर के कारोबारियों को बिजनेस की सुविधा मिल जाती है।

सरकारी सुविधा की बात करें तो केन्द्र सरकार द्वारा ऐसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनसे छोटे और मध्यम कारोबारियों को बिजनेस लोन की सुविधा मिलती है। सरकारी योजना में मुद्रा लोन योजना प्रमुख है। आइये एमएसएमई लोन के बारे में समझते हैं:

एमएसएमई लोन क्या होता है?

इसे अगर एक लाइन में कहें तो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग यानी छोटे और मध्यम कारोबार के विस्तार करने के लिए या नया कारोबार शुरु करने के लिए दिए जाने वाले बिजनेस लोन को एमएसएमई लोन कहते हैं।

MSME का मतलब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से है जो छोटे व्यवसाय मालिकों द्वारा चलाए जाते हैं। यह दो प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित है – मैनुफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर। इन कारोबार द्वारा विभन्न के प्रोडक्ट बनाएं जाते हैं और विभन्न प्रकार की सर्विस प्रोवाइड की जाती है।

  • एमएसएमई लोन एक प्रकार का लोन है जो छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ाने के लिए और नया कारोबार शुरु करने के लिए दिया जाता है।
  • इस तरह का बिजनेस लोन शार्ट टर्म लोन होता है। एमएसएमई लोन मुख्यतः 12 महीने से 24 महीनों के लिए दिया जाता है।
  • इस प्रकार के लोन से बिजनेस को बढ़ाने में सहायता मिलती है।

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल बैंकिंग कंपनी से एमएसएमई लोन

कारोबारियों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए एनबीएफसी कंपनियां कारोबारियों को बहुत तेजी से और न्यूनतम कागजी दस्तावेजों पर बिजनेस लोन प्रदान कर देती हैं।

देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan द्वारा कारोबारियों को 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है। ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्तें बेहद आसान हैं:

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना होना चाहिए।
  • कारोबार में सालाना टर्नओवर 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • कारोबार के लिए फाइल की गई ITR न्यूनतम 1 लाख 50 हजार तक की होनी चाहिए।
  • घर या कारोबार की जगह में से कोई एक खुद कारोबारी के नाम पर हिना चाहिए। अगर कोई एक ब्लड रिलेटिव जैसे माता – पिता, भाई – बहन, पुत्र – पुत्री, पति – पत्नी के नाम पर हो तो भी मान्य किया जायेगा।

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एमएसएमई लोन के लिए कैसे अप्लाई करें?

छोटे और मध्यम बिजनेस के लिए एमएसएमई लोन पाने के लिए बहुत अधिक मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। एमएसएमई लोन अप्लाई करने के लिए 2 तरीके हैं:

  • ऑनलाइन
  • ऑफलाइन

एमएसएमई लोन लोन के लिए अप्लाई करते समय महत्वपूर्ण जानकरी

  • अप्लाई करने वाले का नाम
  • कारोबार का नाम
  • पैन कार्ड नंबर
  • कारोबार स्टार्ट होने की डेट
  • कारोबार का रजिस्टर्ड एड्रेस
  • बिजनेस में पार्टनर्स के नाम
  • बिजनेस की वर्तमान स्थिति
  • बिजनेस जिस राज्य में है उस राज्य का नाम

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ZipLoan से मिलता है बेहद कम डोक्युमेन्ट्स पर बिजनेस लोन

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पिछले 9 महीने की बैंक स्टेटमेंट
  • ITR फाइल होने की कॉपी
  • बिजनेस या घर का पता

इस तरह से निष्कर्ष करें तो एमएसएमई लोन के मामले में ZipLoan कंपनी सबसे तेजी से बिजनेस लोन प्रोवाइड करने का कार्य कर रही है। इस कंपनी विशेषता यह भी है कि यहां से बिजनेस लोन लेने के बाद कारोबारी चाहें तो 6 महीने बाद लोन की रकम बिना किसी प्री पेमेंट चार्जेस के वापस भी कर सकता है।