हम आपको भाइयों रमेश और दिनेश की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने एक साथ अपना कारोबार शुरु किया। दोनों भाइयों ने एक ही कारोबार शुरु किया। रमेश और दिनेश का कारोबार मैनुफैक्चरिंग का था यानी  प्रोडक्ट बनाने का बिजनेस।

कुछ साल बाद एक भाई रमेश ने अपने कारोबार में जरूरत अनुसार मशीनरी खरीद लिया और अपना बिजनेस बहुत बड़ा लिया। बिजनेस बढ़ा तो मुनाफा भी बढ़ा। यानी रमेश अपने कारोबार के बदौलत ठीकठाक धन इक्कठा कर लिया।

वहीं दूसरा भाई दिनेश अभी जहां से अपना कारोबार शुरु किया था वह वहीं के वहीं था। मतलब वह अपना कारोबार बढ़ा नहीं पाया। मशीनरी नहीं खरीद पाया जिसके वजह से अपनी आमदनी बढ़ा नहीं पाया।

अब हम उस फैक्टर को फैक्टर को ढूँढेंगे जिससे एक भाई अपना कारोबार बढ़ा लिया था लेकिन दूसरा भाई अभी भी अपने शुरुवाती दिनों की तरह ही था। एक भाई के बिजनेस बढ़ने के पीछे का फैक्टर था – मशीनरी लोन।

जिस भाई का बिजनेस बढ़ा उसमे जरूरत पर मशीनरी लोन लिया और अपने कारोबार की जरूरत को पूरा किया। इसके वजह से उसका बिजनेस ग्रोथ कर गया। कभी मशीनरी के चक्कर में कोई रुकावट नहीं आई।

दूसरा भाई मशीनरी लोन लेने से पीछे हटता था। डरता था तो उसका कारोबार बढ़ नहीं पाया और वह जहां से शुरु किया था 4 साल बाद भी वहीं था।

इस छोटी सी कहानी से यह निष्कर्ष निकलता है कि एक ही कारोबार होते हुए, एक ही प्रोडक्ट का उपयोग करते हुए भी एक भाई का कारोबार ग्रोथ कर गया जबकि दूसरे का कारोबार बढ़ नहीं पाया।

अगर कारण पर चर्चा करें तो यह निकलकर आएगा कि वित्त की सही समझ न होना, सही समय पर मशीनरी खरीदने का निर्णय लेना न लेना और रिस्क उठाने की क्षमता का न होने से दिनेश का कारोबार पिछड़ गया।

See also  PPF में पैसा लगाने से पहले जानिए ये 10 महत्वपूर्ण बातें नही तो बाद में पड़ेगा पछताना

सही टाइम से कारोबार में मशीनरी न आने से दिनेश के कारोबार में प्रोडक्ट का प्रोडक्शन रुक गया और मुनाफा नहीं हुआ। कुछ लोगों का यह भी कहना हो सकता है कि मशीनरी खरीदने के लिए दिनेश के पास पर्याप्त पैसे नहीं रहे होंगे।

यह सही भी हो सकता है लेकिन दिनेश मशीनरी लोन का उपयोग कर मशीनरी खरीद कर अपने कारोबार में बेहतर मुनाफा कमा सकता था।

आज के समय में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मशीनरी लोन बहुत ही बेहतरीन विकल्प है। मशीनरी लोन के जरिए कारोबारी मशीनरी और अन्य जरूरी उपकरण खरीद सकते हैं और अपना कारोबार बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं मशीनरी लोन कैसे मिलता है और किन कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।

मशीनरी लोन क्या होता है?

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (मैनुफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर) के लिए अगर सबसे अधिक महत्वपूर्ण कुछ होता है तो वह है – मशीनरी और उपकरण। बिना मशीन और उपकरण के उद्योग का कारोबार में कुछ भी प्रोडक्शन करना मुश्किल होता है।

वर्तमान समय अत्यधिक प्रतिस्पर्धा का दौर है। हर रोज नई टेक्नोलॉजी आ रही है और तकनीक उन्नत हो रही है। ऐसे में सिर्फ पुरानी मशीन के भरोसे रहना कारोबार के लिए बेहद खतरनाक होता है। आपका प्रतियोगी उन्नत मशीनों का इस्तेमाल करके अधिक प्रोडक्शन कर सकता है और आपका कारोबार पीछे जा सकता है।

नई मशीनों से गति बढ़ती है। जब गति बढ़ती है तो प्रोडक्शन अपने – अपने बढ़ जाता है। जब प्रोडक्शन बढ़ता है तो मुनाफा भी बढ़ता है यानी यह एक सर्किल होता है।

See also  सिबिल स्कोर: इस तरह की गलतियाँ करने से खराब होता है क्रेडिट स्कोर - Mistakes Affecting CIBIL Score

बिजनेस लोन 2019: जानिए उपयोगिता

ऐसे में अगर किसी कारोबारी का यह कहना हो कि उसके पास इतना पैसा नहीं है कि वह नई मशीनरी खरीद सके या पुरानी मशीन में नया पार्ट्स लगवा सके। तो यहां पर काम आता है मशीनरी लोन।

एनबीएफसी कंपनियों और कुछ सरकारी बैंकों द्वारा मशीनरी खरीदने के लिए और पुरानी मशीन में नए पार्ट्स लगवाने के लिए लोन दिया जाता है।

इस तरह कारोबारी के पास पूरा पैसा न होते हुए भी नई मशीन आ जाती है या पुरानी मशीन में नए पार्ट्स लग जाते है तो मुनाफा बढ़ जाता है। मुनाफा से बाद में कारोबारी बिजनेस लोन की रकम को चुका देते हैं।

बिजनेस बढ़ाने में मशीनरी लोन कैसे मदद करता है?

मशीनरी लोन से कारोबारी को कई प्रकार से फायदा हो सकता है। आइए कुछ प्रमुख फायदों पर नजर डालते हैं:
प्रोडक्शन में वृद्धि होना

मशीन नई टेक्नोलॉजी से लैस होगी तो उसमे प्रोडक्शन क्षमता अधिक होती है। जब मशीन अधिक तेज गति से काम करती है तो कम समय में प्रोडक्शन भी अधिक होता है। इसका सीधा फायदा कारोबारी को मिलता है।

कम समय में अधिक उत्पादन होने से अधिक मुनाफा होता है जिसका सीधे तौर पर कारोबारी को लाभ मिलता है।
गुणवत्ता बेहतर होना या गुणवत्ता में सुधार होना

कारोबार में अगर जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है तो वह है- ग्राहक। ग्राहक को जहां बेहतर गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट मिलता है तो वह उसका स्थाई ग्राहक बन जाता है। ग्राहक को जब चीजों की जरूरत पड़ती है वह उसी दुकान पर जनता है।

बेहतर टेक्नोलॉजी वाली मशीनरी से बेहतर प्रोडक्ट बनने की गारंटी होती है। पहले से बन रहे प्रोडक्ट की क्वॉलिटी में सुधार होता है। इससे जो ग्राहक एक बार प्रोडक्ट खरीदेगा वह हमेशा ही खरीदना चाहेगा।

कारोबार में मुनाफा बढ़ना

जब ग्राहक को बेहतर क्वॉलिटी के प्रोडक्ट मिलेंगे तो जाहिर सी बात है कि वह उसी प्रोडक्ट को बार – बार खरीदेगा। इससे ग्राहक को बेहतर प्रोडक्ट मिलेगा और कारोबारी को बेहतर मुनाफा।

See also  सिबिल स्कोर के बारे में जानकारी - Cibil Score Ke Bare me Jankari

इस तरह देखा जाए तो एक मशीनरी लोन से इतने सारे फायदे हैं। इन फायदों का लाभ सभी कारोबारियों को उठाना चाहिए। अब अगर आपका सवाल है कि मशीनरी लोन कहां से मिलेगा तो इसका उत्तर है मशीन के लिए लोन ZipLoan से मिलेगा।

ZipLoan से मिलेगा 3 दिन में मशीनरी लोन

‘ZipLoan’ फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को मशीनरी लोन दिया जाता है। कारोबार बढ़ाने के लिए बेहद कम शर्तों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं

• बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
• बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
• पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
• घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे हैं

बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
• लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
• बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
• लोन की रकम 12 से लेकर 24 महीने के बीच वापस कर सकते है।

आपको यह लेख पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें। बिजनेस से जुड़ी कोई भी नई अपडेट या जानकारी पाने के लिए हमसे फेसबुक, ट्वीटर और लिंक्डन पर भी जुड़े।