बिजनेस लोन लेने वाले कारोबारी के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि अगर बिजनेस  लोन लेने वाले कारोबारी की मृत्यु हो जाए तो क्या बैंक लोन को माफ़ कर देती है? तो इसका जवाब है– “नहीं”। बैंक बिजनेस लोन लेने वाले कारोबारी की मौत के बाद अलग-अलग तरीके से पैसों की वसूली करती है।

बैंकों द्वारा बिजनेस लोन की वसूली-

अगर आप बैंक से बिजनेस लोन लेते वक्त बैंक के Terms and conditions को ध्यान से पढ़ते है, तो आप ये बात अच्छी तरह से समझ जायेगें। बैंक लोन देते समय ही इस बात को सुनिश्चित कर देती है, कि अगर बिजनेस लोन लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उस लोन को आगे कौन चुकाएगा?

यह भी पढ़ें:- ट्रैवल एंड टूरिज्म के बिजनेस को जल्द ही GST में राहत संभव

बैंक इन तरीकों से करता है वसूली-

बिजनेस लोन लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर, बैंक उस लोन को, अलग अलग तरीको से वसूल कर सकता है। आम तौर पर बैंक, लोन लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर, तीन तरीकों से लोन का बचा हुआ पैसा वसूल करता है।

See also  बैंक से बिजनेस लोन लेने वाले हुए परेशान, बैंक मांग रहे चेक, ECS से भी काट रहे पैसा

यह भी पढ़ें:- इन वजहों से नियमित तौर पर चेक करते रहें अपना क्रेडिट स्कोर

पहला तरीका-

बैंक बिजनेस लोन के अमाउंट तक का एक इन्श्योरेन्स कवर पहले ही ले लेते है, जिसका प्रीमियम बिजनेस लोन लेने वाले व्यक्ति से लोन लेने के वक्त ही ले लिया जाता है। ऐसे में अगर लोन के अमाउंट का इन्श्योरेन्स बैंक ने पहले ही ले लिया हुआ है, तो बैंक इन्श्योरेन्स कंपनी से लोन अमाउंट की वसूली कर लेता है।

दूसरा तरीका–

अगर इन्श्योरेन्स कवर नहीं लिया होगा, तो फिर बैंक बिजनेस लोन, के अमाउंट तक का कोई भी सम्पति (सोना, घर या प्लाट के पेपर, शेयर, फिक्स्ड डिपाजिट) अपने पास गिरवी रख लेता है। जिसके बाद लोन लेने वाले कारोबारी कि मौत के बाद बैंक उस सम्पत्ति को बेच कर अपने पैसे की वसूली कर सकता है।

तीसरा तरीका–

अब अगर बैंक ने बिजनेस लोन, के अमाउंट तक का ना तो कोई इन्श्योरेन्स लिया और ना ही कोई सम्पत्ति गिरवी रखी है, तो ऐसे केस में बैंक अपने लोन के पैसों की वसूली इन तीन लोगो से कर सकता है।

पहला व्यक्ति– बिजनेस लोन के guarantee देने वाले व्यक्ति से,

दूसरा व्यक्ति– लोन के Co- Applicant (Husband/Wife/Other) व्यक्ति से,

तीसरा व्यक्ति– लोन लेने वाले व्यक्ति की सम्पति के उत्तराधिकारी बेटे बेटियों या फिर वसीयतनामे के अनुसार लोन लेने वाले व्यक्ति की सम्पतियो के उत्तराधिकारियों से या फिर सम्पतियो और दायित्वों के उत्तराधिकारी से।

See also  सिबिल स्कोर कैलकुलेशन कैसे होता है? जानिए विस्तार से

ध्यान देने वाली बात:-

भारतीय कानून में, वसीयतनामा के अनुसार या कानूनी उत्तराधिकारी जो किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी सम्पत्ति का उत्तराधिकारी होता है, तो वह व्यक्ति उस मृत व्यक्ति के दायित्वों का भी उत्तराधिकारी माना जाता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति लोन लेता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उस लोन को चुकाने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति के उत्तराधिकारी के ऊपर आ जाती है। उत्तराधिकारी आम तौर पर उस व्यक्ति के परिवार वाले ही होते है।

यह भी पढ़ें:- बिजनेस लोन लेते समय इन बातों का रखें ध्‍यान नहीं तो बाद में पछताएंगें

आम तौर पर कोई भी बैंक किसी भी व्यक्ति को दिए गए लोन को उसकी मृत्यु हो जाने के बाद भी माफ नहीं करता है। यही कारण है कि बैंक अपने लोन के पैसों को कानूनी तरीके वसूलता है।

बिजनेस लोन

Ziploan है समाधान-

Ziploan किसी भी व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उस परिवार के ऊपर टूटे मुसीबतों के पहाड़ को समझता है। यही कारण है कि Ziploan जब बिजनेस लोन प्रदान करता है, तब उसी वक्त उस लोन का इन्श्योरेन्स कवर करा देता है। जिसके लिए कारोबारी को मात्र 1000 से 1500 रुपये ही देने पड़ते हैं। ऐसे में केस में अगर बिजनेस लोन लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो Ziploan उस लोन का बचा हुआ पैसा इन्श्योरेन्स कंपनी से वसूलती है। जिससे कि कारोबारी के परिवार को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो।

See also  ऑटो से लेकर टेक्सटाइल तक आर्थिक मंदी: जानिए कारण और बचने के उपाय

यह भी पढ़ें:- दिल्ली में आसानी से बिजनेस लोन पाने के लिए यहां क्लिक करें

Related Posts

MSME Full FormMSME RegistrationCGTMSE
MSME LoanVAT RegistrationUdyog Aadhaar
GST RegistrationStand Up India SchemeCGTMSE Fee
Shop LoanWhat is CGSTDownload GST Certificate
PM SVAnidhi SchemeCancelled ChequeUPI Full Form
Business Loan EligibilityGST Full FormE-Way Bill Unblocking
CIN NumberGST LoginUAN Number