मार्च का महिना वित्तीय वर्ष यानी फाइनेंशियल ईयर का अंतिम महिना होता है। फाइनेंशियल ईयर का अंतिम महीने के चलते इस महीने में आईटीआर फाइल करने की भी अंतिम तिथि होती है।

आईटीआर के अलावा सभी कंपनियों / उद्योगों की बैलेंस शीट मेंटेन करने का भी अंतिम महिना होता है। ऐसे हम मार्च को वित्तीय समावेशन का महीना कह सकते हैं।

वित्तीय समावेशन के चलते ऐसी बहुत सारी सरकारी योजनाएं हैं, जिनकी अंतिम तिथि मार्च का अंतिम दिन ही है। आइये जानते हैं कि मार्च 2020 में 31 तारीख किन – किन कार्यो के लिए अंतिम तिथि है।

बिलेटेड आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि

वित्तीय वर्ष यानी फाइनेंशियल ईयर 2019 – 19 के लिए अभी तक जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल नहीं किया है, उन लोगों को जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 18 – 2019 के लिए 31 मार्च तक बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति 31 मार्च तक बिलेटेड आईटीआर फाइल नहीं करता है, तो उन्हें आयकर विभाग से मिलने वाली नोटिस का सामना करना पड़ सकता है। यहां यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि आयकर विभाग द्वारा नोटिस सिर्फ उन्हीं को मिलता है, जो लोग आईटीआर दाखिल करने की पात्रता रखते हैं।

यहां आपको यह भी जानकारी दे देते कि बिलेट‍ेड आईटीआर फाइल करने के लिए आपको 10 हजार रुपये की लेट फीस देनी होगी। हालांकि, अगर आप इसे 31 दिसंबर 2019 तक फाइल कर देते तो आपको सिर्फ 5 रुपये की लेट फीस देनी पड़ती।

टीडीएस जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च

अगर किसी व्यक्ति की इतनी आमदनी है कि वह जहां रहता है, वहां पर 50 हजार रुपये महिना किराया देता है। तो उस व्यक्ति टीडीएस कटाना अनिवार्य है।

आयकर विभाग के नियमों के अनुसार 50 हजार रुपये महिना से अधिक घर घर का किराया देने वाले लोगों को एक फाइनेंशियल ईयर में खुद आमदनी का 5% टीडीएस के रुप में जमा करना अनिवार्य है।

टैक्स बचाने के लिए इन्वेस्टमेंट

अगर कोई व्यक्ति टैक्स बचाना चाहता है, और टैक्स बचाने का आधार इन्वेस्टमेंट दिखाना चाहता है, तो उन्हें 31 मार्च से पहले – पहल ही इन्वेस्टमेंट कर देना चाहिए।

जो व्यक्ति 31 मार्च से पहले इन्वेस्टमेंट नहीं कर पाएंगे, वह टैक्‍स-सेविंग्‍स डिडक्‍शन क्‍लेम करने के पात्र नहीं होंगे। इसका नतीजा यह होगा की व्यक्ति को अधिक टैक्स जमा करना होगा।

होम लोन पर क्रेडिट सब्सिडी पाने की अंतिम तिथि 31 मार्च

देश में प्रधानमंत्री आवास योजना चल रही है। इस योजना के लिए घर खरीदने वाले लोगों को सरकार से सब्सिडी मिलती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत तीन कैटेगरी में घर खरीदना होता है।

  • हाई इनकम ग्रुप – श्रेणी 1 और श्रेणी 2
  • मिडिल इनकम ग्रुप – श्रेणी 1 और श्रेणी 2
  • लोवर इनकम ग्रुप – श्रेणी 1 और श्रेणी 2

पीएमएवाई के तहत मिडिल इनकम ग्रुप श्रेणी 1 और श्रेणी 2 का घर खरीदने पर 31 मार्च तक ही क्रेडिट सब्सिडी हासिल कर सकते हैं। हालांकि क्रेडिट सब्सिडी हासिल करने के लिए भी कुछ शर्ते हैं।

योजना के अनुसार सालाना हाउसहोल्‍ड इनकम के आधार पर कैटेगरी को बांटा गया है। एमआईजी-I के लिए हाउसहोल्‍ड इनकम 6 लाख से 12 लाख रुपये के बीच रखी गई है। इस कैटेगरी के लिए चार फीसदी क्रेडिट सब्सिडी उपलब्‍ध है।

इसी तरह एमआईजी-II श्रेणी में वो आते हैं जिनकी हाउसहोल्‍ड इनकम 12 लाख से 18 लाख रुपये के बीच है। इन्‍हें तीन फीसदी की क्रेडिट सब्सिडी उपलब्‍ध है।