आधार कार्ड वर्तमान एक जरूरी दस्तावेज बन गया है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने के आधार कार्ड की उपलब्धता अनिवार्य है। साथ ही आधार कार्ड का उपयोग खुद की पहचान साबित करने में किया जाता है।

यहां एक बात स्पष्ट करना है कि आधार कार्ड का उपयोग व्यक्ति खुद की पहचान साबित करने के लिए कर सकता है, लेकिन व्यक्ति अपनी नागरिकता साबित करने के लिए आधार कार्ड का उपयोग नहीं कर सकता है। पहचान साबित करना और नागरिकता साबित करना दो अलग – अगल चीजें हैं।

आधार कार्ड कब से बनना शुरू हुआ?

अगर बिना किसी लाग – लपेट के कहें तो तो आधार कार्ड 28 जनवरी 2009 को अस्तिव में आया। लेकिन 28 जनवरी 2009 से बहुत पहले ही आधार कार्ड की अवधारणा को लेकर सरकार और कोर्ट में बहस चल रही थी।

सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि आधार कार्ड से लोगों की प्राइवेसी यानी निजता भंग होगी। आधार कार्ड के संचालन जिम्मेदारी किसको दिया जाए यह एक बड़ा प्रश्न था। लेकिन उस समय वर्तमान केन्द्रीय सरकार में स्थापित कांग्रेस पार्टी की सरकार ने इन दोनों ही प्रश्नों का उत्तर बहुत तथ्य के साथ दिया।

तत्कालीन केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आधार कार्ड किसी भी नागरिक का एक सिर्फ राष्ट्रीय स्तर का पहचान पत्र होगा। इसका इस्तेमाल सरकार सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में इस्तेमाल करेगी। इससे किसी भी भारतीय नागरिक की किसी भी तरह की कोई निजता नहीं भंग होगी।

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इसी के साथ आधार कार्ड संचालन करने के लिए भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) का गठन किया गया। भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण का गठन 2009 में ही किया गया है। आधार कार्ड बनवाने से लेकर समय – समय उसमे बदलाव और नागरिकों के प्राइवेट डाटा की सुरक्षा करना इस प्राधिकरण जिम्मेदारी है।

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) के प्रथम चेयरमैन नंदन नीलकेणी (सह संस्थापक: इन्फोसिस) बनाया गया। हालांकि नंदन नीलकेणी ने 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया।

नंदन नीलकेणी के इस्तीफा के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री विजय एस। मदान को आधार प्राधिकरण का प्रमुख बनाया गया। विजय एस,मदान वर्तमान में भी आधार प्राधिकरण के मुखिया बने हुए हैं।

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) का मुख्यालय तीसरा तल, टावर – II, जीवन भारती भवन, कनाट सर्कस, नई दिल्ली, 110001 नई दिल्ली में स्थित है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि आधार प्राधिकरण का वार्षिक बजट 1,615।34 करोड़ रूपए (2014-15 के अनुसार) है।

आधार कार्ड के बारें में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां   

  • आधार 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या है जिसे भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) सभी नागरिकों के लिये जारी करता है।
  • आधार नंबर (आधार संख्या) भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा।
  • भारतीय डाक द्वारा प्राप्त और UIDAI (भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार दोनों ही समान रूप से मान्य हैं।
  • कोई भी व्यक्ति आधार के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकता है बशर्ते वह भारत का निवासी हो और UIDAI (भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India) द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता हो, चाहे उसकी उम्र और लिंग कुछ भी हो।
  • प्रत्येक व्यक्ति केवल एक बार नामांकन करवा सकता है। नामांकन निशुल्क है।
  • आधार संख्या प्रत्येक व्यक्ति की जीवनभर की पहचान है।
  • आधार संख्या से आपको बैंकिंग, मोबाईल फोन कनेक्शन और सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं की सुविधाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी।
  • किफायती तरीके व सरलता से आनॅलाईन विधि से सत्यापन योग्य।
  • सरकारी एवं निजी डाटाबेस में से डुप्लिकेट एवं नकली पहचान को बड़ी संख्या में समाप्त करने में अनूठा एव ठोस प्रयास।
  • एक क्रम-रहित स्वचालित तरीके से उत्पन्न संख्या जो किसी भी जाति, पंथ, मजहब एवं भौगोलिक क्षेत्र आदि के वर्गीकरण पर आधारित नहीं हैं।
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आधार कार्ड: UIDAI ने बदले नियम

समय – समय पर आधार प्राधिकरण द्वारा आधार कार्ड बनवाने संबंधित या उसमे करेक्शन करने से संबंधित बदलाव होता रहता है। अब आधार प्राधिकरण द्वारा आधार कार्ड (Aadhar कार्ड) में नाम-पता-जन्मतिथि बदलने से संबंधित नियमों में बदलाव किया है।

जब शुरुवात में आधार कार्ड बनना शुरु हुआ था तब आधार कार्ड के लिए किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। मतलब यह पूरी तरह से नि:शुल्क था। हालांकि समय के साथ आधार कार्ड में बहुत सारे बदलाव हुआ। अभी तत्काल में नया नियम आया है।

आधार प्राधिकरण का नया नियम आधार कार्ड में नाम, पता और जन्मिथि में बदलाव करने से संबंधित है। पहले यह सुविधा नि:शुल्क थी लेकिन कुछ समय बाद करेक्शन करने के लिए कुछ शुल्क लगा दिया गया। अब इस शुल्क को बढ़ा दिया गया है। जानिए क्या है नया नियम।

आधार कार्ड में करेक्शन के लिए देना होगा इतना चार्ज

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India – UIDAI) के द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को अपने आधार कार्ड में पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक्स में कोई बदलाव कराना है तो उसे नया शुल्क देना होगा।

यूआईडीएआई के सर्कुलर के मुताबिक, नाम, पता, ईमेल आईडी, जेंडर, मोबाइल नंबर में बदलाव कराने पर 50 रुपये देने होंगे। पहले इसके लिए 25 रुपये चार्ज लगता था। इसमें सभी तरह के टैक्स शामिल हैं।

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फोटो और फिंगरप्रिंट बदलवाने के लिए इतना चार्ज देना होगा

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India – UIDAI) के द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार अगर कोई व्यक्ति फोटोग्राफ, फिंगरप्रिंट्स और आईरिस में बदलाव कराना चाहते हैं तो उनको बदलाव करने पर भी 50 रुपये चार्ज देना होगा।

अगर व्यक्ति खुद से करेक्शन करता है तो कितना चार्ज देना होगा?

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India – UIDAI) के द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति UIDAI – यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड में कोई बदलाव करते हैं तो इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होता। लेकिन अगर आप आधार सेंटर जाकर अपडेट करते हैं तो आपको शुल्क देना होगा।

आधार कार्ड रिप्रिंट करने पर इतना चार्ज देना होगा

अगर कोई व्यक्ति भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई (Unique Identification Authority of India – UIDAI) की वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड रीप्रिंट करते हैं तो उन्हें 50 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें कार्ड का प्रिंट, स्पीड पोस्ट का खर्च और जीएसटी भी शामिल है। ये चार्ज ऑनलाइन भी भर सकते हैं। ये पेमेंट नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के जरिये ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

क्या बच्चों के आधार कार्ड में भी करेक्शन के लिए चार्ज देना होगा?

नहीं। अगर किसी बच्चे की उम्र 5 साल से 15 साल के बीच होती है और उसका बायोमेट्रिक अपडेट होता है तो पर चार्ज नहीं लगेगा।

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