बिजनेस करना एक कला है। और कला के लिए साधना चाहिए होता है तभी कला निखरकर लोगों के सामने आ पाती है। कहने का मतलब यह है कि बिजनेस करने के लिए पेशेंस रखना बहुत जरूरी होता है। अगर सही समय पर सही डिसीजन हो तो कोई भी बिजनेस सफल हो सकता है।

यह पूर्ण रुप से सत्य है कि बिजनेस करने के लिए धन की आवश्यकता होती है। लेकिन ऐसा भी नही है कि एक बार में बहुत अधिक धन उपलब्ध हो तभी कोई बिजनेस किया जा सकता है। बिजनेस कम धन धन से भी शुरु किया जा सकता है। समय के साथ बिजनेस को बढ़ाया जा सकता है।

अगर मैं कहूं कि आज जो इन्फोसिस कंपनी है। इस कंपनी की शुरुवात मात्र 10 हजार रुपये से हुई थी तो क्या आप विश्वास करेंगे? जी हां यह बिल्कुल सत्य है कि नारायण मूर्ति जी ने अपनी पत्नी सुधा मूर्ति जी से 10 हजार रुपये उधार लेकर इन्फोसिस कंपनी शुरु किया।

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आज इन्फोसिस कंपनी दुनिया में सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है। वर्तमान में इंफोसिस की मार्केट वैल्यू 660,95 हजार करोड़ रुपये की है। तो सोचिए सिर्फ 10 हजार रुपये से शुरु होने वाली कंपनी आज 660.95 हजार करोड़ की हो गई है।

ठीक इसी तरह अंबानी फैमली की कहानी है। आज आप जिस विश्व धनियों में मुकेश अंबानी का नाम सुनते हैं, उनके पिता धीरुभाई अंबानी बहुत ही छोटे स्तर पर कारोबार करना शुरु किये थे। धीरुभाई अंबानी शुरुवात में एयरलाइन्स के फ्यूल पंप पर नौकरी करते थे।

धीरुभाई अंबानी ने एक सपना देखा और उस सपने को सच करने के लिए दिन – रात मेहनत किया। अब उनके पुत्र मुकेश अंबानी ने सही समय पर सही निर्णय लेकर अपने कारोबारी साम्राज्य को पूरे विश्व में फैला दिया है और विश्व के अमीरों में उनका नाम आता है।

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ठीक इसी तरह की कहानी गौतम अडानी जी की भी है। गौतम अडानी अपने गृह प्रदेश से मुंबई पढ़ाई करने के लिए गये थे लेकिन उन्होंने पढ़ाई अधूरी छोड़कर वापस गुजरात लौट गये और अपने भाइयों के साथ कारोबार शुरु किया। आज अडानी ग्रुप भारत के घर – घर में पहचाना जाने वाला नाम बन गया है।

इन सभी सफलतम लोगों की कहानी बताने के पीछे मेरा सिर्फ एक मकसद था कि मैं आपके सामने उस उदाहरण को रख सकूं जिससे यह पत चल सके कि बिजनेस तभी किया जा सकता है जब इक्कठा बहुत अधिक रकम हो।

ऐसा नही है। यह गलत अवधारणा है। हां बिजनेस करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ सिर्फ धन के भरोसे ही बिजनेस चल जायेगा। बिजनेस चलाने के लिए जिस चीज की जरूरत होती है, वह है – बिजनेस का एक शानदार आइडिया।

जी हां। अगर किसी व्यक्ति के पास एक शानदार बिजनेस का आइडिया हो तो कम पैसों में भी बिजनेस की शुरुवात की जा सकती है और समय के साथ बिजनेस आगे बढ़ाया जा सकता है। वैसे भी आज का दौर इन्वेस्टर्स का दौर है।

इन्वेस्टर्स का मतलब है – वह व्यक्ति को किसी के बिजनेस आइडिया पर पैसा लगाता है और बदले में बिजनेस में हिस्सेदारी चाहता है। अगर किसी व्यक्ति के पास कोई शानदार बिजनेस आइडिया है तो वह पैसों का इंतजाम करने के लिए किसी इन्वेस्टर्स से मिल सकते हैं।

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इन्वेस्टर्स को अगर बिजनेस आइडिया पसंद आया तो वह खुद बिजनेस बिजनेस करने के लिए धन उपलब्ध करा सकते हैं। वैसे अगर किसी व्यक्ति को कम पैसों पैसों में बिजनेस शुरु करना हो तो उन्हें हम कुछ ऐसे बिजनेस के बारें में जानकरी दे रहे हैं, जिन्हें कम पैसों में शुरु किया जा सकता है और जब बिजनेस चल जाए तो बिजनेस लोन लेकर बिजनेस का विस्तार किया जा सकता है।

अगरबत्ती बनाने का बिजनेस

लोग जब भी पूजा करते हैं तो अगरबत्ती जरुर जलाते हैं। बिना अगरबत्ती जलाये पूजा पूरी नहीं होती है। बहुत से लोग घर में सुगंध के लिए भी अगरबत्ती जलाते हैं। ऐसे में अगरबत्ती की मांग हमेशा बनी रहती है।

अगरबत्ती का बिजनेस मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में आता है। यह कभी मंदा नहीं पड़ने वाला बिजनेस है। अगरबत्ती के बिजनेस में सबसे बेहतरीन बात यह है की यह पूर्ण रुप से स्वदेशी उद्यम है। इसे कम पैसों में शुरु किया जा सकता है।

अगर किसी के पास उद्यम शुरु करने के लिए अलग से जगह नहीं भी है तो वह अगरबत्ती का बिजनेस घर में भी शुरु आकर सकते हैं। अगरबत्ती बनाने में जो बड़ा खर्च है वह है अगरबत्ती बनाने की मशीन खरीदने में और अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चे माल खरीदने में।

अगरबत्ती बनाने की मशीन की लागत अधिकतम 50 हजार से 60 हजार के बीच होती है। वहीं अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चे माल की कीमत 10 हजार रुपये के करीब होती है। अगरबत्ती बनाने के बिजनेस में एक तीसरा बड़ा खर्च अगरबत्ती की पैंकिंग में आता है। पैंकिंग का सामान भी करीब 10 हजार रुपये में आ जाता है।

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ऐसे में देखा जाये तो 70 से 80 हजार रुपये में एक अगरबत्ती का बिजनेस शुरु किया जा सकता है। वहीं कमाई की अगर बात करें तो 1 रुपये में 1 अगरबत्ती की स्टिक बिकती है। जिसकी लागत 25 पैसे आती है। ऐसे में एक अगरबत्ती स्टिक पर 75 पैसे की बचत होती है। इस लिहाज से अगरबत्ती का बिजनेस काफी मुनाफा वाला बिजनेस है।

ट्रेवेल सर्विस एजेंसी का बिजनेस

लोगों के इनकम में बढ़ोतरी हो रही है। जब लोगों के इनकम में बढ़ोतरी हो रही है तो उनके सामने खर्च करने का विकल्प भी बढ़ता जा रहा है।

आज की डेट में किसी दूसरी जगह पर छुट्टियां मनाने का चलन हो गया है। इनमें युवा अधिक शामिल हैं। नौकरी कर रहे युवा वीकेंड पर किसी दूसरी जगह जाने के लिए गाडियां बुक करते हैं। ऐसे में ट्रेवेल एंड टूरिज्म का बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

ट्रेवेल एजेंसी चलाने के लिए व्यक्ति को खुद की गाड़ियाँ नहीं खरीदना होता है बल्कि अलग – अलग वाहन मालिकों से संपर्क करना होता है। गाड़ियों को अपने यहां लिस्टेड करना होता है।

जब कोई कस्टमर किसी कार्य के गाड़ी बुक करता है तो मैनेज करके कस्टमर को गाड़ी मुहैया कराना होता है। इसके एवज में आपको कमीशन मिल जाता है। यानी आपका खर्च न्यूनतम लेकिन इनकम अधिकतम।

ट्रेवेल बिजनेस शुरु करने के लिए आपको सिर्फ ऑफिसनुमा कमरे की जरूरत होती है गाड़ियों के मालिकों से संपर्क करना होता है। इसके बाद सभी चीजों को मैनेज करना होता है।

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