भारत सहित समूचे विश्व में सभी बिजनेस शुरु करने वाले लोग इस बात को लेकर हमेशा विचार करते हैं कि कम लागत में अधिक इनकम कैसे प्राप्त हो सकती है। हालाँकि सभी लोगों का लागत को लेकर अपना हिसाब अलग – अलग होता है।

कई ऐसे बिजनेस हैं जिसमे कम लागत में भी अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। कम लागत में अधिक मुनाफा वाले बिजनेस इस प्रकार हैं:

अगरबत्ती बनाने का बिजनेस

लोग जब भी पूजा करते हैं तो अगरबत्ती जरुर जलाते हैं। बिना अगरबत्ती जलाये पूजा पूरी नहीं होती है। बहुत से लोग घर में सुगंध के लिए भी अगरबत्ती जलाते हैं। ऐसे में अगरबत्ती की मांग हमेशा बनी रहती है।

अगरबत्ती का बिजनेस मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में आता है। यह कभी मंदा नहीं पड़ने वाला बिजनेस है। अगरबत्ती के बिजनेस में सबसे बेहतरीन बात यह है की यह पूर्ण रुप से स्वदेशी उद्यम है। इसे कम पैसों में शुरु किया जा सकता है।

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अगर किसी के पास उद्यम शुरु करने के लिए अलग से जगह नहीं भी है तो वह अगरबत्ती का बिजनेस घर में भी शुरु आकर सकते हैं। अगरबत्ती बनाने में जो बड़ा खर्च है वह है अगरबत्ती बनाने की मशीन खरीदने में और अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चे माल खरीदने में।

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अगरबत्ती बनाने की मशीन की लागत अधिकतम 50 हजार से 60 हजार के बीच होती है। वहीं अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चे माल की कीमत 10 हजार रुपये के करीब होती है। अगरबत्ती बनाने के बिजनेस में एक तीसरा बड़ा खर्च अगरबत्ती की पैंकिंग में आता है। पैंकिंग का सामान भी करीब 10 हजार रुपये में आ जाता है।

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ऐसे में देखा जाये तो 70 से 80 हजार रुपये में एक अगरबत्ती का बिजनेस शुरु किया जा सकता है। वहीं कमाई की अगर बात करें तो 1 रुपये में 1 अगरबत्ती की स्टिक बिकती है। जिसकी लागत 25 पैसे आती है। ऐसे में एक अगरबत्ती स्टिक पर 75 पैसे की बचत होती है। इस लिहाज से अगरबत्ती का बिजनेस काफी मुनाफा वाला बिजनेस है।

ट्रेवेल सर्विस एजेंसी का बिजनेस

लोगों के इनकम में बढ़ोतरी हो रही है। जब लोगों के इनकम में बढ़ोतरी हो रही है तो उनके सामने खर्च करने का विकल्प भी बढ़ता जा रहा है।

आज की डेट में किसी दूसरी जगह पर छुट्टियां मनाने का चलन हो गया है। इनमें युवा अधिक शामिल हैं। नौकरी कर रहे युवा वीकेंड पर किसी दूसरी जगह जाने के लिए गाडियां बुक करते हैं। ऐसे में ट्रेवेल एंड टूरिज्म का बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

ट्रेवेल एजेंसी चलाने के लिए व्यक्ति को खुद की गाड़ियाँ नहीं खरीदना होता है बल्कि अलग – अलग वाहन मालिकों से संपर्क करना होता है। गाड़ियों को अपने यहां लिस्टेड करना होता है।

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जब कोई कस्टमर किसी कार्य के गाड़ी बुक करता है तो मैनेज करके कस्टमर को गाड़ी मुहैया कराना होता है। इसके एवज में आपको कमीशन मिल जाता है। यानी आपका खर्च न्यूनतम लेकिन इनकम अधिकतम।

ट्रेवेल बिजनेस शुरु करने के लिए आपको सिर्फ ऑफिसनुमा कमरे की जरूरत होती है गाड़ियों के मालिकों से संपर्क करना होता है। इसके बाद सभी चीजों को मैनेज करना होता है।

ट्रेवेल सर्विस बिजनेस में कितना खर्च होता है?

कारोबार में कितना फंड लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बिजनेस कितना बड़ा है। ट्रेवेल सर्विस बिजनेस में मुख्य खर्च वाहन की खरीद, दुकान का किराया देने में और कुछ उपकरण की खरीद करने में होता है। कारोबारी चाहें तो गाड़ी का खर्च बचा सकते हैं। इसके लिए किराया पर चलने वाली गाड़ियों को अपने बिजनेस से जोड़ना होगा।

सभी खर्चो को मिलाकर देखें तो ट्रेवेल सर्विस का बिजनेस शुरु करने में 50 हजार से एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। हालांकि इसमेें गाड़ी का खर्च शामिल नहीं किया गया है। अगर खुद की गाड़ी रखना हो तो यह खर्च कई लाख रुपये बढ़ सकता है। लेकिन शुरुआती दौर में किराये की गाड़ियों को जोड़कर बिजनेस करना सही रहता है।

ट्रेवेल के बिजनेस में कितना मुनाफा होता है?

ऐसा कहा जाता है कि टूर एंड ट्रेवेल का बिजनेस एक दुधारु की गाय की तरह होता है। इसमे पैसा हमेशा होता है। क्योंकि लोगों के बीच इस बिजनेस की मांग हर वक्त बनी रहती है। अगर ट्रेवेल बिजनेस में कमाई की बात करें तो 10 किलोमीटर के लिए 2000 रुपये कोई भी ट्रेवेल बिजनेस मालिक चार्ज करता है।

10 किलोमीटर में अधिक से अधिक खर्च 400 रुपये होता है। इस तरह देखा जाय तो सीधे तौर पर 1600 रुपये की बचत हो रही है। लेकिन  इसमे 600 रुपये चालक का निकाल दे तो 1000 हजार रुपये की बचत आराम से हो जाती है। इस प्रकार से देखा जाए तो ट्रेवेल के बिजनेस में कमाई शानदार है। अगर एक गाड़ी 10 किलोमीटर भी रोज चलती है तो महीने में 30 हजार रुपये तक कमाई हो सकती है।

नाश्ते की दूकान स्टार्ट करना

भारत सहित अगर पुरे विश्व में देखा जाये तो सबसे अधिक चलने वाला बिजनेस है नाश्ते और खाने की दुकान। इसके पीछे कोई बहुत बड़ा लाजिक नहीं है क्योंकि कोई भी इंसान नाश्ता तो करता ही है और खाना भी खाता है।

ऐसे में चाय नाश्ता की दुकान करना एक फायदेमंद सौदा साबित होता है। नाश्ते की दुकान चलाने के लिए जरा मेहनत की जरूरत होती है। कारीगरी भी आना चाहिए। हालाँकि ऐसा नहीं है कि जिसको कारीगरी नहीं आती है चाय नाश्ता की दुकान नहीं चला सकता है। बिल्कुल चला सकता है।

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अब तो चाय को लेकर स्टार्ट-अप भी हो रहे हैं। चायोस एक ऐसा ही स्टार्ट-अप है। चायोस शुरु करने वाले उच्च शिक्षित हैं। आईआईटी से स्नातक हैं। वह चाहते तो आराम से कहीं पर भी एक अच्छी नौकरी कर सकते थे। लेकिन उन्होंने चायोस शुरु करने का निर्णय किया। चायोस की आज की डेट में एक सफल स्टार्ट-अप है।

कितना खर्च आता है?

नाश्ते का बिजनेस शुरु करने में 30 से 50 हजार रुपये तक का खर्च आता है।

कितनी कमाई होती है?

चाय – नाश्ते के बिजनेस में अगर कमाई की बात करें तो यह अनलिमटेड होती है। कमाई इस बात पर निर्भर होती है कि दुकान कितना चलती है और दुकान पर कितने प्रकार का प्रोडक्ट बेचा जा रहा है। जितनी अधिक वैराइटी होगी, उतना ही अधिक कमाई होती है।

टिफिन सर्विस का बिजनेस

मध्यम शहर और बड़े शहरों में दूसरे प्रदेश के लोग पढ़ाई करने जाते हैं या नौकरी करने जाते हैं। चूँकि बड़े शहरों में जब लोग नौकरी करने जाते हैं या पढ़ाई करने जाते हैं तो वह खाना बनाना नहीं चाहते हैं या यूँ कह लें कि उनकों खाना बनाने का समय नहीं मितला है।

लेकिन खाने की जरूरत तो हर रक इंसान को होती है। बिना खाना खाए जीवन नहीं चल सकता है। इस स्थिति में एक ही ऑप्शन बचता है वह कहीं बाहर जाकर खाना खाना। बाहर खाना का मतलब है कि किसी रेस्टुरेंट में जाना होगा या सड़क पर खाना होगा।

कितना पैसा लगेगा?

टिफिन का बिजनेस शुरु करने के लिए जिस चीज की आवश्यकता होती है, वह है खाना तैयार करने के लिए गैस सिलेंडर और गैस चुल्हा, भोजन बनाने के लिए सामान और टिफिन। गैस का सेट 5000 का आता है। सिलेंडर 900 रुपये का होता है। टिफिन पर एक बार खर्च होता है। एक टिफिन 100 रुपये की मिलती है। भोजन बनाने के लिए लगने वाले सामान का खर्च अलग – अलग होता है। सामान्य तौर पर देखा जाय तो 50 लोगो का भोजन तैयार करने के लिए 5 हजार रुपये का सामान लगता है। कुल मिलाकर देखें तो 20 हजार रुपये में टिफिन का बिजनेस आराम से शुरु हो सकता है।

टिफिन के बिजनेस में कितना कमाई होती है?

सामान्य तौर पर एक टिफिन 50 रुपये की बेची जाती है। एक दिन में अगर 50 टिफिन का ऑर्डर होता होता है तो एक दिन की कमाई 2500 रुपये हो जाती है।

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ऐसे में कोई व्यक्ति टिफिन सुविधा शुरु कर दें तो खाना खाने वालों की चाहत पूरी हो जाएगी। बस इसके लिए टिफिन की खाने की क्वालिटी ठीक होना चाहिए। अगर खाना की क्वालिटी ठीक नहीं रहेगा तो भोजन का बिजनेस चलना मुश्किल हो जाता है।

इवेंट मैनेजमेंट का बिजनेस

आज की भागमभाग जीवनशैली में किसी के पास इतना समय नहीं होता है कि वह अपने यहां किसी फंक्शन की तैयारी कर सके। आज की तारीख में सभी को चीजें तैयार चाहिए होता है। ऐसे में इन्वेंट प्लानिंग का बिजनेस बहुत तेजी से फल- फुल रहा है।

इवेंट के बिजनेस में मुख्य तौर से किसी की शादी की प्लानिंग करना, किसी के जन्मदिन की प्लानिंग करना, किसी के दूसरे तरह के समारोह को ठीक तरीके से संपन्न कराना शामिल होता है।

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इवेंट मैनेजमेंट का बिजनेस शुरु करने में बहुत अधिक पैसों की जरूरत नहीं होती है। यह बिजनेस 1 लाख रुपये से शुरु किया जा सकता है। कुछ समय बाद जब बिजनेस चला जाये तो बिजनेस का विस्तार भी किया जा सकता है। बिजनेस का विस्तार करने के लिए बिजनेस लोन की सहायता ली जा सकती है।

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