जो लोग कारोबार करते हैं वह अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन लेते ही लेते है। कारोबारियों की चाहत होती हैं कि उन्हें कम ब्याज दर पर यानी कम इंटरेस्ट रेट पर कारोबार के लिए लोन मिले। वर्तमान समय में सरकारी बैंकों के अलावा NBFC कंपनियां हैं, जो बिजनेस ले लिए लोन देने का काम करती हैं।

सभी संस्थाओं का इंटरेस्ट रेट अपना अलग – अलग होता है। भरत सरकार द्वारा MSME बिजनेस के लिए मुद्रा लोन जैसी योजना चलाई जा रही है। मुद्रा लोन योजना  के अंतगर्त कारोबार लोन का इंटरेस्ट रेट बाकि कारोबार लोन के तुलना में जरा कम होता है। आइए जानते हैं कि कम या न्यूनतम इंटरेस्ट रेट पर कहा से कारोबार लोन मिल सकता है।

बिजनेस लोन

बिजनेस लोन का अर्थ उस रकम से है जिसके द्वारा कारोबार में बढ़ोतरी की जाती है। कारोबार के जरूरत के अनुसार इस रकम को खर्च किया जाता है। इस तरह की रकम प्रमुख रूप से दो जगहों से मिलती हैं। पहला सरकारी बैंक और दूसरा NBFC कंपनियां।

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मुद्रा योजना लोन पर इंटरेस्ट रेट

2015 से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चलाई जा रही है। मुद्रा योजना के द्वारा MSME क्षेत्र के व्यवसायों को कम इंटरेस्ट रेट यानी कम ब्याज दरों पर कारोबार के लिए लोन मिलता है।

इस योजना के जरिए कारोबार लोन पाने के लिए कारोबारियों को अपने कारोबार का पूरा इस्टीमेट तैयार करके बैंक में प्रस्तुत किया जाता है। इस्टीमेट में यह भी बताया जाता है की उन्हें कितने धन की जरूरत है। अगर बैंक व्यापारी से सहमत हुआ तो उसे मुद्रा योजना के जरिए बिजनेस लोन प्रदान कर दिया जाता है।

मुद्रा योजना में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं:

  • शिशु लोन योजना – 50 हजार तक के लोन
  • किशोर लोन योजना – 50 हजार 5 लाख लोन
  • तरुण लोन योजना – 5 लाख से 10 लाख लोन

turant business loan

NBFC कंपनियों से बिजनेस लोन

भारत में सरकारी बैंको के अलावा प्राइवेट सेक्टर की NBFC कंपनियों के जरिए भी कारोबार के लिए लोन बहुत बड़ी संख्या में दिए जा रहे हैं। NBFC कंपनी यानी जो पूरी तरह से बैंक नही हैं लेकिन करोबार के लिए लोन देने का कार्य करतीं हैं। इस तरह की कंपनियां टोटली टेक संचालित होती हैं जिसके वजह से इनके काम करने का तरीका बहुत तेज होता हैं। इस तरह की कंपनियों के बिजनेस लोन के इंटरेस्ट रेट सरकारी बैंक के अपेक्षा थोड़े अधिक जरुर होते हैं लेकिन लोन प्रदान करने की प्रक्रिया इतनी तेजी से पूरी होती हैं कि 3 दिन से लेकर 1 महीने के अधिकतम समय में लोन प्रदान कर देती हैं।

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इंटरेस्ट रेट का हिसाब

अगर कारोबार के लिए लोन के इंटरेस्ट रेट यानी ब्याज दर की बात करें तो मुद्रा योजना के जरिए लिए गए कारोबार लोन पर सरकारी बैंक 11 प्रतिशत के लेकर 21 प्रतिशत के बीच इंटरेस्ट रेट लगाते है। वहीँ प्राइवेट के यानी NBFC कंपनियां 10 प्रतिशत से लेकर 12.5 प्रतिशत के बीच लगाती है। इस तरह देखें तो कम इंटरेस्ट रेट या अधिक ब्याज दर जैसी कोई बात नही है, बल्कि सरकारी या प्राइवेट कंपनियों के बिजनेस लोन पर कुछ अधिक, कुछ कम वाला फार्मूला लागू होता है।

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