बिजनेस के शुरू करने के लिए और बिजनेस चलाते रहने के लिए धन की बहुत अधिक जरूरत पड़ती है। Working Capital Loan कारोबार को आगे बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कारोबार कोई भी हो चाहे वह बड़ा हो या छोटा उसे बिना प्राब्लम इ आगे बढ़ाने के लिए जब धन की जरूरत होती है तब वह बिजनेस लोन लेने लिए अप्लाई करते हैं।

वर्तमान समय में बिजनेस लोन भी कई तरह के उपलब्ध हैं जैसे कि स्टैंड अप लोन और मुद्रा लोन। कारोबार के सभी सेगमेंट में दिए जा रहे बिजनेस लोन का लाभ उठाकर कारोबार का  विस्तार किया जा सकता है।

चलते हुए कारोबार के लिए जब डेली की जरूरतों को पूरा करने के लिए बजट से बाहर के धन की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए Working Capital Loan उपयोग में लाया जाता हैं। वर्किंग कैपिटल लोन की विशेषता होती हैं कि लोन वाली रकम से कारोबार के डेली वाली जरूरतों में लगने वाले पैसों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस ब्लॉग में यह जानेंगे कि वर्किंग कैपिटल लोन के जरिए कैसे अपने बिजनेस का कैश फलो ठीक रखा जा सकता है।

वर्किंग कैपिटल लोन (working Capital Loan)

कैसे मिलता है वर्किंग कैपिटल लोन

इस तरह के लोन भारतीय NBFC यानी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां प्रदान करती हैं। भारत में पिछले कुछ सालों से बहुत बड़ी संख्या में NBFC कंपनियों का विस्तार हुआ है। एक सर्वे के मुताबिक सिर्फ दिल्ली में ही देखें तो करीब 100 से अधिक की संख्या में मौजूद है। लोन मार्केट में इस तरह की कंपनियों के आ जाने से बहुत बड़ा सुधार यह हुआ है कि बिजनेस लोन मिलने में तेजी आई हैं। इस तरह की कंपनियों के आ जाने जाने से भारत की अर्थव्यवस्था में भी काफी तेजी आई है।

बिना कोलैटरल बिजनेस लोन्स

वर्किंग कैपिटल लोन का उपयोग

वर्किंग कैपिटल लोन का प्रमुख रूप से उपयोग कारोबार में डेली के खर्चों को पूरा करने के लिए करते हैं। कारोबार के फण्ड प्लानिंग के लिए भी वर्किंग कैपिटल लोन का उपयोग किया जाता है। फण्ड प्लानिंग में 3 महीने से 24 महीने की बीच होने वाले खर्च का हिसाब लगाया जाता है, इसके बाद जितनी रकम कम पड़ती है, उतनी ही रकम लोन के रूप में लिया जाता है। जब व्यापार में मुनाफा हो होना शुरू हो जाता हैं तो कर्ज की रकम वापस हो जाती है।

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Working Capital Loan का कैश फ्लो को ठीक रखने में उपयोग

अगर किसी कारोबारी को अपने कारोबार में कैश फ्लो नही बन पा रहा है। कारोबार ठीक से नही चल पा रहा है, जरूरत से कम कैश कम हो रहा है, और भी इस तरह की दिक्कतों की सामना करना पड़ता हैं तो इसके लिए Working Capital Loan का उपयोग किया जा सकता है।

वर्किंग कैपिटल लोन के जरिए बहुत ही आसान तरीके से कारोबार के कैश फ्लो को ठीक किया जा सकता हैं। इसे एक उदाहारण के रूप में समझते हैं; अगर किसी कारोबारी का ट्रेडिंग का बिजनेस है, जैसा कि सभी को पता है ट्रेडिंग के बिजनेस में हर-रोज पैसों का लेन देन होता रहता हैं। कभी – कभी ऐसा भी हो सकत है कि कैश न उपलब्ध हो, तो इस कंडीशन में बिजनेस तो रोका तो नही जा सकता तो इस कंडीशन में Working Capital Loan का ऑप्शन सबसे सही होता है। इस तरह के लोन से बहुत समय में धन प्राप्त कर कारोबार की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।