ऐसा कहा जाता है कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। भारत की अर्थव्यवस्था में भी कृषि क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि सबसे अधिक बेरोजगारी और बेकारी ग्रामीण इलाकों में ही व्याप्त है। जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 एक सरकारी योजना है।

पिछले 20 – 25 वर्षों में ग्रामीण युवाओं का पलायन शहरों की तरफ बड़ी संख्या में हुआ है। ग्रामीण युवाओं के पलायन करने का एकमात्र कारण है- रोजगार की चाहत। ऐसा नहीं है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार की संभावना नहीं है। बिल्कुल है। लेकिन उचित संसाधन और मार्गदर्शन की कमी व्याप्त है। जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 के बारे में जानकारी मिलाेगी।

इसी कमी के चलते ग्रामीण इलाकों में रोजगार का विकल्प मुहैया नहीं हो पाता है। इसी कमी को दूर करने के लिए और ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार का सृजन करने के लिए केन्द्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उधम मंत्रालय द्वारा जिला उद्योग केन्द्र कार्यक्रम की शुरुवात की गई है।

जिला उद्योग कार्यक्रम के तहत कारोबारियों को सहायता दी जाती है, युवाओं को ग्रामीण स्वरोजगार अपनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है, कारोबारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ जिला उद्योग केन्द्र द्वारा दी जाती है। Jila Udhog Kendr Me loan Milta hai.

इसके अतिरिक्त कारोबारियों को अपने माल बेचने के लिए मार्केटिंग के गुण सिखाए जाते हैं, कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है और जिला उद्योग कार्यालय की सहायता से कारोबारियों को बिजनेस लोन उपलब्ध कराने में मदद की जाती है।

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आइये आपको इस आर्टिकल में जिला उद्योग केन्द्र के बारें में और जिला उद्योग केन्द्र योजना के बारें में विस्तार से जानकारी देते हैं।

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जिला उद्योग केन्द्र क्या है?

जिला उद्योग केन्द्र सरकार का एक कल्याणकारी कार्यक्रम है। जिला उद्योग क्रेंद कार्यक्रम की शुरुवात 1978 में की गई है। यह कार्यक्रम केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के आपसी सहयोग से चलाया जाता है।

जिला उद्योग केन्द्र कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (कुटीर, छोटे और मझोले उद्योग) के साथ ग्रामोद्योग का विकास और सतत संचालन में सहयोग करना है। जिला उद्योग केन्द्र एक संगठन की तर्ज पर कार्य करता है।

इसका मुख्यालय जिला स्तर, मंडल स्तर, राज्य स्तर और केन्द्रीय स्तर पर है। हर जिले में एक जिला उद्योग केन्द्र होता है। इस केन्द्र का नाम जिला उद्योग कार्यालय होता है।

हर जिले में जिला उद्योग चलाने के लिए एक जनरल मैनेजर, 4 कार्यकारी मैनेजर और 3 प्रोजेक्ट मैनेजर होते हैं। इन्हीं अधिकारयों के नेतृव में तमाम कर्मचारी कार्य करते हैं।

जिला उद्योग कार्यालय का जनरल मैनेजर संबंधित जिलाधिकारी को रिपोर्ट करते हैं। जिलाधिकारी संबंधित मंडलायुक्त को रिपोर्ट करते हैं और मंडलायुक्त राज्य के मुख्य सचिव को रिपोर्ट करते हैं।

राज्य स्तर से रिपोर्ट केन्द्र सरकार के कार्यालय में जाती है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि जिला उद्योग केन्द्र कार्यक्रम केन्द्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उधम मंत्रालय यानी एमएसएमई मिनिस्ट्री के तहत काम करता हैं।

जिला उद्योग केन्द्र का प्रमुख कार्य क्या – क्या है?

जैसा कि आर्टिकल के शुरुवात में ही जिला उद्योग केन्द्र के कार्यों का विवरण जानकारी के लिए दिया गया है। आइये अब आपको जिला उद्योग केन्द्र के कार्यों का विवरण विस्तार देते हैं।

  • कारोबारियों के लिए बिजनेस लोन उपलब्ध कराने में मदद करना।
  • युवाओं के लिए स्वरोजगार की स्वरोजगार की ट्रेनिंग कराना।
  • जिले में अधिक धन का निवेश हो, इसके लिए विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी लगवाना, स्थानीय प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग हो सके, इसके लिए जिला स्तर पर कारोबारी मेले का आयोजन कराना।
  • कारोबारियों और युवाओं के लिए विभिन्न तरह के सेमिनार इत्यादि का आयोजन कराना।
  • स्थानीय कारोबारियों के बिजनेस में हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उन्हें तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना।
  • सरकारी द्वारा जारी की गई योजनाओं का लाभ कारोबारियों को सहज तरीके से उपलब्ध कराना।
  • जिले में जितने उद्योग स्थापित हैं, सभी उद्योगों की आर्थिक जाँच करना।
  • उद्योगों के विकास के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग की व्यवस्था करना।
  • उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की जरूरत को पूरा करवाना।
  • नये उद्योग को स्थापित करने के लिए परमिशन, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी दिलाने में मदद करना।
  • युवाओं को सरकार की योजनाओं से परिचित कराना और उन्हें सरकारी सहायता पर स्वरोजगार शुरु करने के लिए प्रेरित करना।
  • जिले में औधोगिक विकास के लिए सतत और समग्र प्रयास करना।

इस तरह से आपने जाना कि जिला उद्योग केन्द्र कार्यक्रम क्या है और जिला उद्योग केन्द्र का मुख्य कार्य क्या – क्या है। जिला उद्योग केन्द्र से फायदा कैसे मिलता है इत्यादि।

जैसा कि इस आर्टिकल के शुरुवात में ही हमने आपको बताया है कि जिला उद्योग केन्द्र, सरकार द्वारा कारोबारियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर कारोबारियों को प्राप्त करने में मदद करते हैं।

तो, अभी केन्द्र सरकार के सहयोग से जिला उद्योग केन्द्र लोन योजना – Jila Udyog Kendra Loan Scheme चल रही है। इस स्कीम के तहत कारोबारियों को सरल तरीके से कारोबार के लिए लोन उपलब्ध कराया जाता है। जिला उद्योग केन्द्र लोन योजना -Jila Udyog Kendra Loan Scheme के बारें में जानते हैं।

जिला उद्योग केन्द्र लोन योजना – Jila Udyog Kendra Loan Scheme

देश में अधिक से अधिक स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2019 में शुरु की गई है। यह स्कीम 2020 में भी जारी है। जिला उद्योग केन्द्र लोन योजना -Jila Udyog Kendra Loan Scheme के तहत नया कारोबार शुरु करने के लिए और पुराने कारोबार का विस्तार करने के लिए कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

जैसा कि हमने आपको बताया है कि जिला उद्योग केंद्र का प्रमुख लक्ष्य स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी को दूर करना या कम है। और बेरोजगारी की समस्या को दूर करके स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

इसी लक्ष्य को लेकर जिला उद्योग केन्द्र लोन योजना -Jila Udyog Kendra Loan Scheme 2020 शुरु की गई है। इस स्कीम के तहत युवाओं को कम ब्याज पर लोन दिलाने में जिला उद्योग केन्द्र मदद करता है। ताकि युवा लोन के जरिये स्वरोजगार शुरु सकें और आर्थिक रुप से सक्षम बन सकें।

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम – Jila Udyog Kendra Loan Scheme का लक्ष्य

Jila Udyog Kendra Loan Scheme – जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 का प्रमुख लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। ताकि वह बेरोजगारी के दलदल से बाहर निकल सकें।

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 – Jila Udyog Kendra Loan Scheme के जरिए जरूरतमंद युवा इस स्कीम का लाभ उठाकर खुद का कोई कारोबार शुरू कर सकते हैं। और आर्थिक रुप से संभल बन सकते हैं।

जैसा हम सभी को मालूम है कि हमारे देश की जनसँख्या 130 करोड़ से भी अधिक है। सरकार का भी मानना है की सवा सौ करोड़ की जनसंख्या वाले देश में सभी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना किसी भी दशा में मुमकिन नहीं हो सकता है। इसलिए बेहतर यह होगा की सरकार की मदद से लोग खुद का कारोबार यानी स्वरोजगार शुरु करें।

कारोबार करने से वह अपने तो सक्षम बनेंगे साथ ही दूसरे लोगों को भी रोजगार मुहैया कराने में सहायता प्रदान करेंगे। इसी लक्ष्य को लेकर जिला उद्योग केंद्र योजना शुरु की गई है। जिला उद्योग केंद्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ऑफलाइन दोनों तरह से करने की सुविधा दी गई है।

Jila Udyog Kendra Loan Scheme का लाभ कैसे मिलता है?


जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 – Jila Udyog Kendra Loan Scheme का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले खुद को जिला उद्योग विभाग में रजिस्टर्ड करना होता है। जिला उद्योग केंद्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन यानी जिला उद्योग केंद्र योजना का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन ही होता है।

जिला उद्योग केंद्र लोन ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरा जाता है और जिला उद्योग केंद्र लोन फॉर्म कहाँ मिलता है, कैसे आवेदन किया जाता है, जिला उद्योग केंद्र रजिस्ट्रेशन कैसे होता है? बीपीएल कार्ड पर लोन मिलता है या नहीं? जिला उद्योग लोन की पात्रता क्या है? आइये अब इन सभी सवालों का उत्तर जानतें हैं।

Jila Udyog Kendra Loan Scheme – जिला उद्योग केंद्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

जिला उद्योग केंद्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए लाभार्थी को उद्योग आधार की वेबसाइट पर जाना होता है। वेबसाइट खोलने के बाद जिला उद्योग केंद्र रजिस्ट्रेशन का विकल्प सलेक्ट करना होता है। वहां मांगी गई जानकरियों को भलीभांति भरकर सबमिट करना होता है।

आगे बढ़ने से पहले जिला उद्योग केंद्र के कार्य और जिला उद्योग केंद्र स्कीम के बारे में विस्तार से जान लेते हैं। क्या है जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2019-20 jila udyog kendra loan scheme

  • जिला उद्योग लोन स्कीम: 2019-20 लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरु किया गया है।
  • जिला उद्योग केंद्र योजना को शार्ट फॉर्म में DIC लोन योजना भी कहते हैं।
  • इस योजना यानी जिला उद्योग केंद्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होता है।
  • जिला उद्योग केंद्र लोन फॉर्म उद्योग आधार की वेबसाइट पर उपलब्ध होता है।
  • योजना का लाभ ऑनलाइन प्रदान किया जाता है।
  • जिला उद्योग लोन स्कीम 2019-20 का युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य रखा गया है।
  • स्कीम के तहत प्रदान किये जाने वाले लोन पर सिर्फ 4 प्रतिशत ब्याज दर रखने की बात कही गई है।
  • लोन स्कीम के तहत 7 साल के लिए लोन प्रदान किया जायेगा।

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मोदी सरकार विशेष रुप से पिछड़े इलाके, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) को बढ़ावा देना चाहती है। इसी के लिए जिला उद्योग योजना शुरू किया गया है। जिला उद्योग केंद्र के कार्यक्रम के जरिये देश में स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

योजना के माध्यम से हर वह युवा आर्थिक रुप से सक्षम बन सकेगा जो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।जिला उद्योग केंद्र रजिस्ट्रेशन कैसे होता है यह जान लेने के बाद यह जानना आवश्यक है कि जिला उद्योग केंद्र योजना की पात्रता क्या है?

  • अप्लाई करने वाले व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
  • व्यक्ति कम से कम 8वीं कक्षा पास होना चाहिए।
  • नजदीकी बैंक में खाता होना चाहिए। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
  • अगर अप्लाई करने वाला व्यक्ति बीपीएल कार्ड धारक है यानी गरीबी रेखा से नीचे है तो यह सुनिश्चित करना होगा की उसे किसी और सरकारी योजना का लाभ नहीं उठाया है।
  • आप जिसे भी कारोबार के लिए लोन लेना चाहते हो उसे उद्योग बोर्ड, ग्रामीण उद्योग बोर्ड, हस्तशिल्प, हैंडलूम, रेशम और कॉयर उद्योग के अंतर्गत पंजीकृत यानी रजिस्टर्ड होना चाहिए।

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2019-20 के लिए जरुरी कागजी दस्तावेज

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक पासबुक
  • आवास प्रमाण पत्र
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट

कृपया ध्यान दीजिये: jila udyog kendra loan scheme में केवल ऑनलाइन ही अप्लाई किया जा सकता है। जरुरी कागजी दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड होते हैं। इसलिए, अपने सभी जरुरी दस्तावेजों को स्कैन करवाकर किसी पैन ड्राइव में रख लीजिए। अप्लाई करते समय दस्तावेज़ों को अपलोड करने में आसानी होगी।

इस तरह MSME लोन के लिए अप्लाई करें

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2019-20 के लिए अप्लाई कैसे करते हैं

  • लोन योजना के लिए सिर्फ ऑनलाइन अप्लाई- jila udyog kendra online form किया जा सकता है।
  • अप्लाई करने के लिए उद्योग आधार की वेबसाइट- jila udyog kendra website (https://udyogaadhaar.gov.in) पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। (jila udyog kendra loan scheme) रजिस्ट्रेशन के लिए नाम और मोबाइल नंबर की जरूरत होगी।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आपका नंबर जांचने के लिए आपने नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उस ओटीपी को आपको फिर से वेबसाइट पर एंटर करना होगा।
  • ओटीपी के बाद जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2019-20 का फॉर्म खुल जायेगा। इसमें जितनी भी जानकारियां मांगी गई हो उसे आप भरने के बाद
  • कागजात अपलोड करने के बाद सबमिट कर दीजिये।

कारोबार बढ़ाने के लिए ZipLoan से मिलता बेहद कम शर्तों पर बिजनेस लोन

फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी ‘ZipLoan’ द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए लोन बेहद कम शर्तों पर 1 से 7.5 लाख तक का बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

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उदयम (एमएसएमई) रजिस्ट्रेशन पोर्टल की जानकारी

भारत सरकार और राज्य सरकार की सिंगल विंडो प्रणाली पोर्टल को छोड़कर, कोई अन्य प्राइवेट ऑनलाइन या ऑफ़लाइन प्रणाली, सेवा, एजेंसी या व्यक्ति एमएसएमई रजिस्ट्रेशन करने या प्रक्रिया से संबंधित किसी भी गतिविधि को करने के लिए अधिकृत नहीं है।

एक उद्यम को निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर एक सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा: –

  • एक सूक्ष्म उद्यम, जहां संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होता है और कारोबार पांच करोड़ रुपये से अधिक नहीं होता है;
  • एक छोटा उद्यम, जहां संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश दस करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और कारोबार पचास करोड़ रुपये से अधिक नहीं है; तथा
  • एक मध्यम उद्यम, जहां संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश पचास करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और कारोबार दो सौ पचास करोड़ रुपये से अधिक नहीं है।

सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए सुविधा की एक पूर्ण प्रणाली का आयोजन किया है। इस प्रक्रिया के उद्देश्य के लिए एक उद्यम को उद्योगम के रूप में जाना जाएगा और इसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ‘उद्योग रजिस्ट्रेशन’ के रूप में जाना जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद एक स्थायी रजिस्ट्रेशन संख्या दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एक प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किया जाएगा। इस प्रमाणपत्र में एक गतिशील QR कोड होगा जिससे हमारे पोर्टल पर वेब पेज और उद्यम के बारे में विवरण प्राप्त किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है। किसी को कोई लागत या शुल्क नहीं देना है।

  • MSME रजिस्ट्रेशन निःशुल्क, कागज रहित और स्व-घोषणा पर आधारित है
  • MSME रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, पेपरलेस और स्व-घोषणा पर आधारित है।
  • MSME को पंजीकृत करने के लिए कोई दस्तावेज़ या प्रमाण अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए केवल आधार संख्या ही पर्याप्त होगी।

उद्यमों के निवेश और टर्नओवर पर पैन और जीएसटी से जुड़े विवरण स्वचालित रूप से सरकारी डेटा बेस से लिए जाएंगे। हमारी ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह से आयकर और जीएसटीआईएन सिस्टम के साथ एकीकृत होगी। पैन और जीएसटी नंबर 01.04.2021 से अनिवार्य है। जिन लोगों के पास EMME-II या UAM रजिस्ट्रेशन या MSME मंत्रालय के तहत किसी भी प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया कोई अन्य रजिस्ट्रेशन है, उन्हें खुद को फिर से पंजीकृत करना होगा। कोई भी उद्योग एक से अधिक उद्योग रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा। हालाँकि, विनिर्माण या सेवा या दोनों सहित कोई भी गतिविधियाँ एक रजिस्ट्रेशन में निर्दिष्ट या जोड़ी जा सकती हैं।

jilha udyog kendra business list

जिला उद्योग केंद्र बिजनेस लिस्ट निम्नलिखित है-

  1. मूर्गी पालन
  2. मछली पालन
  3. आटा चक्की
  4. दूकान
  5. रबड़ बनाने की फैक्ट्री
  6. लकड़ी से चीजे बनाने की फैक्ट्री
  7. लोहे से चीजे बनाने की फैक्ट्री
  8. पौधा नर्सरी
  9. चावल मिल
  10. दाल मिल
  11. दुग्ध डेयरी
  12. अगरबत्ती बनाना
  13. पेपर कप बनाना
  14. बेकरी
  15. केला वेफर बनाना
  16. पिलो कोव के साथ बेडशीट
  17. बायोडीजल उत्पादन
  18. दुल्हन की दुकान
  19. नारियल आधारित व्यवसाय
  20. अदरक लहसुन का पेस्ट बनाना
  21. हेयर बैंड बनाना
  22. पापड़ बनाना
  23. पेपर बैग बनाना

MSME (Udyam) रजिस्ट्रेशन

एक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पंजीकृत करें

कोई भी व्यक्ति, जो सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम स्थापित करने का इरादा रखता है, वह दस्तावेज़, कागजात, प्रमाण पत्र या प्रमाण अपलोड करने की आवश्यकता के साथ स्व-घोषणा के आधार पर, उदयम रजिस्ट्रेशन पोर्टल में उदयम रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

रजिस्ट्रेशन पर, एक उद्यम (उदयम रजिस्ट्रेशन पोर्टल में “उदयम” के रूप में संदर्भित) को “known उदयम रजिस्ट्रेशन संख्या” के रूप में जाना जाने वाला एक स्थायी पहचान संख्या सौंपा जाएगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के पूरा होने पर एक ई-प्रमाण पत्र, जिसका नाम “उद्योग रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र” होगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 

  • रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म उदयम रजिस्ट्रेशन पोर्टल में उपलब्ध कराया जाएगा।
  • उदयम रजिस्ट्रेशन दर्ज करने के लिए कोई शुल्क नहीं होगा।
  • उद्योग रजिस्ट्रेशन के लिए आधार संख्या आवश्यक होगी।
  • आधार संख्या मालिकाना फर्म के मामले में मालिकाना हक की होगी, साझेदारी फर्म के मामले में और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के मामले में एक कर्ता के रूप में।
  • एक कंपनी या एक सीमित देयता भागीदारी या एक सहकारी समिति या एक सोसायटी या एक ट्रस्ट के मामले में, संगठन या उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता अपने आधार नंबर के साथ अपना जीएसटीआईएन और पैन प्रदान करेंगे।
  • यदि कोई उद्यम पैन के साथ यूडीएम के रूप में विधिवत पंजीकृत है, तो पिछले वर्षों की किसी भी जानकारी की कमी, जब उसके पास पैन नहीं था, स्व-घोषणा के आधार पर भरा जाएगा।
  • कोई भी उद्योग एक से अधिक उदयम रजिस्ट्रेशन दर्ज नहीं करेगा: बशर्ते कि किसी भी संख्या में विनिर्माण या सेवा या दोनों गतिविधियों को निर्दिष्ट किया जा सकता है या एक उद्योग रजिस्ट्रेशन में जोड़ा जा सकता है।

जो कोई जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत करता है या उदयम रजिस्ट्रेशन या अपडेशन प्रक्रिया में दिखाई देने वाले स्व-घोषित तथ्यों और आंकड़ों को दबाने का प्रयास करता है, वह अधिनियम की धारा 27 के तहत निर्दिष्ट ऐसे दंड के लिए उत्तरदायी होगा।

 

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं:

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 10 लाख तक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे हैं

  • बिजनेस लोन  की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन के घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 6 महीने से लेकर 36 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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FAQs

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 का लाभ क्या है?

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 के तहत बिजनेस करने के लिए सस्ता बिजनेस लोन मिलता है। जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम के तहत मिलने वालेे लोन पर सरकारी सब्सिडी भी होती है।

jila udyog kendra का लाभ कैसे मिलता है?

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना का लाभ उठाने के लिए अपने जिला के जिला उद्योग कार्यालय पर जाना होता है और आवेदन करना होता है।

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम में कुल कितनाी सब्सिडी मिलती है?

jila udyog kendra लोन योजना में कुल लागत का 20 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है।

जिला उद्योग केंद्र से लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आधार कार्ड
पैन कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो
आवास प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक
बिजनेस प्रोजेक्ट प्लान (अगर कोई छोटा उद्योग लगाना हो)

जिला उद्योग केंद्र (DIC) ऋण योजना के लिए योग्यता क्या है?

न्यूनतम आयु 18 साल हो
आवेदक 8 वीं कक्षा पास होना चाहिए
यदि आप बीपीएल कार्ड धारक हैं और किसी अन्य योजना का लाभ नहीं लिया है तो इस योजना में लोन ले सकते हैं.
अगर आप DIC से लोन लेना चाहते हैं तो यह कारोबार उद्योग बोर्ड, गांव उद्योग बोर्ड, हस्तशिल्प, हैंडलूम, रेशम और कॉयर उद्योग के अंतर्गत आना चाहिए.

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 क्या अभी चल रही है?

हां। जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम 2020 क्या अभी चल रही है।

jila udyog kendra official website क्या है?

jila udyog kendra official website- http://updi.in/hi है।

jila udyog kendra loan online form भरा जा सकता है?

हां, jila udyog kendra loan online form भरा जा सकता है।

jila udyog kendra

सभी जिलों में एक जिला उद्योग केंद्र होता है। जिसका प्रमुख कार्य जिले में व्यवसायिक गतिविधियों की देखरेख करना और व्यवसायियों की जानकारी के स्तर पर आर्थिक स्तर पर सहायता प्रदान करना है।