कारोबारियों को अपनी इनकम पर आयकर रिटर्न यानी इनकम टैक्स रिटर्न भरना पड़ता हैं। बहुत से कारोबारियों की टैक्स देने की नियमित आदत होती है, जिसे वह समय पर चुकाते हैं। कुछ कारोबारी अधिक व्यस्त होने या भूल जाने के चलते समय पर इनकम टैक्स फाइल नही कर पाते।

इस कंडीशन में उन्हें इनकम टैक्स नोटिस और दूसरी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा भरा गया इनकम टैक्स देश के विकास में उपयोग होता है, इसे हर कर-दाता को समय भर देना चाहिए। इस ब्लॉग आइए जानते हैं कि ITR समय पर जमा करने के क्या लाभ हैं? और समय पर न भरने से व्यापार को कितना नुकसान हो सकता है।

कैसे करे इनकम टैक्स रिटर्न E– Filing? जानिए 5 जरूरी बातें

नोटिस मिलना

अगर कोई करदाता यानी टैक्सपेयर समय से ITR जमा नही करता है तो उसे इनकम डिपार्टमेंट से नोटिस मिलती है। यह नोटिस आपको मानसिक रूप से परेशानी में डाल सकती है। नोटिस का जवाब देने के लिए आपको समय लगाना पद सकता है।

दंड मिलना यानी जुर्माना लगना

आयकर अधिनियम यानी इनकम टैक्स के आर्टिकल 234F के अनुसार उन सभी लोगों से जुर्माना यानी दंड के रूप में अधिक पैसा वसूल किया जाता है जो समय से इनकम टैक्स जमा नही करते हैं। यह जुर्माना 5 लाख से अधिक की इनकम वालों से 10  हजार रूपये और 5 लाख से कम इनकम वाले, जो टैक्स भरते हैं, उनसे 1 हजार रूपये वसूले जाते हैं। अगर आप भी इस जुर्माने से बचना चाहते हैं तो समय से टैक्स जमा करना सबसे अच्छा ऑप्शन है।

ब्याज यानी इंटरेस्ट का बोझ

इनकम टैक्स आर्टिकल 234A के अनुसार, करदाता के द्वारा जितनी रकम जमा नही की गई होती है या इसे सीधे शब्दों में कहें तो बचे हुए टैक्स पर हर महीने 1 प्रतिशत इंटरेस्ट यानी ब्याज लिया जाता है। इस ब्याज की गिनती इनकम टैक्स भरने की अंतिम डेट बीत जाने के बाद शुरू हो जाती है। इस तरह करदाता टैक्स भरने में जितनी गलती करेगा उसको उतनी ही अधिक रकम टैक्स के रूप में जमा करना होगा।

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समय से टैक्स जमा करने फायदे

रिफंड वापसी

इनकम टैक्स समय से जमा करने के कई फायदे भी हैं। इन्हीं फायदों में से एक है रिफंड की वापसी। यदि करदाता समय से टैक्स भरता है तो उसे पहले टैक्स के रूप में जमा किये गए पैसों पर भी रिफंड के रूप में कुछ रकम मिल जाती है।

जल्दी से करें गलती सुधार 

किसी कारोबार को अगर लगता है कि उसने आयकर रिटर्न भरते समय कोई मिस्टेक कर दिया हैं, तो कारोबारी को उस मिस्टेक को तुरंत सुधार करने की कोशिश करना चाहिए। अगर गलती गलती सुधार समय के अंदर नही किया गया तो उसके लिए जुर्माना देना पड़ सकता है।

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वर्तमान साल का वर्तमान वर्ष में ही भरे ITR

किसी कारोबारी को किसी वर्ष में बिजनेस में घाटा हो गया हो और तो भी उसे उस साल का ITR भर देना चाहिए। इनकम टैक्स नियमों में एक साल टैक्स दुसरे साल जमा करने की छूट नही दी गई है।

इस तरह से देखा जाए तो निर्धारित समय में आयकर रिटर्न जमा करने के अपने फायदे हैं। समय पर न जमा करने से नुकसान भी है। नुकसान के साथ – साथ कारोबार में भी घाटा हो सकता है, क्योंकि आप जब आयकर रिटर्न की नोटिस और डिपार्टमेंट में भागदौड़ करेंगे तो अपने व्यापार के लिए कम समय दे पाएंगे। कारोबार में नुकसान होने के साथ – साथ मानसिक रूप से भी परेशान होना पड़ सकता है। समय पर ITR जमा करने से रिफंड जल्दी मिल जाता है।

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