कारोबारियों का उस समय हाथ पांव फूल जाते हैं, जब उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से कोई नोटिस मिलता है। Income tax notice मिलने पर क्या करना चाहिए, यह जानना सभी व्यापारियों के लिए बहुत जरूरी है। जुलाई महीने की 31 तारीख आईटीआर दाखिल करने की लास्ट डेट होती है। कोशिश यह करना चाहिए की इससे पहले ही अपनी आईटीआर को भर दिया जाय। इनकम टैक्स जमा करना उन सभी व्यापारियों के लिए जरूरी होता है, जो इसके दायरे में आते है। कुछ मामले में कुछ कारोबारियों को छूट भी मिलती है।

यह समझना बहुत जरूरी है की नोटिस सिर्फ बहुत बड़ी गलती पर ही नही या जुर्माने के लिए ही नही होती है। इनकम टैक्स अपने राजस्व यानी सरकार के एसेट में कमी को देखते हुए टैक्स से जुड़े हुए नियम बहुत कड़े कर दिए हैं। कभी – कभी ऐसा भी होता है कि टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय अगर कोई मामूली सी भी गलती होती है तो टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज देता है।

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किस तरह की होती है नोटिस

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एक नोटिस आईटीआर भरते समय हुई कोई गलती के कारण भेजता है। यह नोटिस इस पर कारण बताना होता है कि ऐसी गलती क्यों हुई है। दूसरी नोटिस बाकी पैसे, ब्याज दर, जुर्माने इत्यादि के लिए भेजी जाती है। इस तरह की नोटिस आमतौर पर इनकम डिपार्टमेंट के द्वारा बाकि पैसों को जमा करने और किसी भी तरह के जुर्माने से बचाने के लिए विभाग जारी करता है। इस दूसरी तरह की नोटिस का सेंस यह होता है कि टेक्सपेयर को पहले से इन्फोर्मेशन मिलती रहे।

इनकम टैक्स नोटिस मिलने के बाद क्या करें

अगर किसी व्यापारी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से कोई नोटिस मिलता है तो सबसे पहली बात यह की ‘घबराये नही’। किसी भी तरह की नोटिस आपको सीधे जेल नही भेज सकती है। अगर किसी व्यापारी को इनकम टैक्स नोटिस मिलता है तो कारोबारी को उस नोटिस का जवाब 15 दिन या 30 दिन के अंदर देना होता है। यानी आपके पास नोटिस का जवाब देने के लिए पर्याप्त समय होता है।

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इनकम टैक्स नोटिस कितनी तरह की होती है

नोटिस 39(9): यह नोटिस यह बताने के लिए होती है कि रिटर्न गलत भरा गया है। यह भी हो सकता है की टैक्स रिटर्न फॉर्म ही गलत भरा गया हो। रिटर्न भरने में हुई गलती के लिए 39(9) नोटिस दी जाती है।

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इसका जवाब कैसे दे

इस नोटिस का जवाब 15 दिनों के अंदर देना होता है। जवाब देने के लिए ‘ई-फाइल’ में ‘e-File in response to Notice u/s 139(9)’ पर जाए और आगे की प्रक्रिया पूरी करें।

नोटिस 148:  यह नोटिस दुबारा एसेसमेंट के लिए होती है। इस नोटिस की जरूरत तब पड़ती है जब आय यानी इनकम के कुछ पार्ट का एसेसमेंट नहीं हो पाता है। इस मामले को 6 साल में फिर से खोला जा सकता है।

इस नोटिस का जवाब देने के लिए, जिस इनकम के बारे में जानकारी मांगी जा रही है, इसका रिटर्न फाइल करना चाहिए। इस प्रकार की नोटिस मिलने पर, नोटिस दिए जाने के कारणों की भी मांग करें।

नोटिस 156: यह नोटिस बकाए टैक्स, जुर्माने इत्यादि देने के लिए जारी की जाती है।

इस नोटिस का जवाब देने के लिए, 30 दिनों के भीतर बकाए को जमा कर दें। इसे भरने के लिए ‘ई-फाइल’ पर जाएं और इसको भरने के लिए ‘Respond To Outstanding Demand’पर क्लिक करें

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अब तक आप यह समझ चुके होंगे की income tax notice मिलने पर क्या करना चाहिए।सामान्य तौर पर अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के तरफ के किसी कारोबारी को नोटिस मिलता है तो उन्हें घबराने या डरने की बिलकुल भी जरूरत नही होती। सबसे पहले नोटिस देखे की किस प्रकार की नोटिस है। किसी भी नोटिस का उत्तर देने के लिए आपको समय दिया जाता है। आप इत्मीनान से और अपने सुविधानुसार नोटिस का उत्तर दे सकते है। अगर कोई नोटिस समझ न आये तो किसी कानून के जानकार से मदद भी ले सकते है।

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