बिजनेस का आइडिया कितना भी शानदार क्यों न हो वह तब तक वर्क नही कर सकता है जब तक उस बिजनेस आइडिया को इम्प्लीमेंट करने के लिए पर्याप्त धन न हो. इनफैक्ट हम यह भी कह सकते हैं कि बिना पर्याप्त धन के किसी भी बिजनेस की उन्नति नही हो सकती है.

बिजनेस में कई तरह की जरूरत होती है. दैनिक खर्च करने के लिए धन की आवश्यकता होती है, मशीनरी खरीदने के लिए धन चाहिए होता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि कर्मचारियों को सैलरी इत्यादि देने के लिए हर महीने इक्कठे रकम की आवश्यकता होती है.

ऐसे में अगर किसी कारोबारी के पास किसी काम के लिए पैसे कम पड़ रहे हो तो वह क्या करेगा? हो सकता है वह कुछ दिन अपने किसी रिश्तेदार से पैसा उधार मांग ले! लेकिन, ऐसा भी संभव है कि उसके रिश्तेदार के पास भी पैसे न हो फिर ऐसे में वह क्या करेगा?

बिजनेस लोन! जी हां किसी भी कारोबारी के लिए बिजनेस लोन सबसे बेहतरीन ऑप्शन होता है. बिजनेस लोन से कारोबारी अपने बिजनेस की जरूरत को पूरा करता है, जरूरी उपकरण खरीदता है, कर्मचारियों को सैलरी इत्यादि देता है.

बिजनेस लोन के तहत ली गई रकम को चुकाने के लिए हर महीने एक निश्चित रकम EMI के रुप में जमा करना होता है. यहां पर ध्यान रखने वाली बात है कि अगर EMI समय पर जमा नही की गई तो सिबिल क्रेडिट स्कोर खराब होने की संभवना रहती है.

जब सिबिल क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है तो फिर आगे बिजनेस लोन या किसी भी तरह का लोन मिलने में परेशानी होती है या लोन नही भी मिलता है. अब सवाल आता है कि अगर EMI जमा करने की समय पर कारोबारी के पैसा न हो तो ऐसी स्थिति में क्या होगा ?

कुछ कारोबारियों का यह सवाल हो सकता है कि क्या वह अपने क्रेडिट कार्ड से अपने मंथली EMI का भुगतान कर सकते हैं? आइये इस लेख में समझते हैं कि सिबिल क्रेडिट स्कोर ठीक रखने में क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना सही रहेगा या नही?

सिबिल क्रेडिट स्कोर क्या होता है?

बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी से जब भी बिजनेस लोन के लिए अप्लाई किया जाता है तो बैंक या एनबीएफसी कंपनी द्वारा बेहतर सिबिल स्कोर की मांग की जाती है.

सिबिल क्रेडिट स्कोर 3 अंकों एक संख्या होती है. यह संख्या 300 से 900 के बीच होती है. 500 से कम सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर बिजनेस लोन मिलने की संभवना लगभग नही होती है.

बिजनेस लोन पाने के लिए बेहतर सिबिल क्रेडिट स्कोर कितना होता है? इस सवाल का उत्तर है कि 700 से अधिक सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर बिजनेस बहुत आसानी से मिल जाता है.

800 से 900 के सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर बिना कोई सवाल किये बिजनेस लोन मिल जाता है. साथ ही, मार्केट रेट से आकर्षक ब्याज दर लागु होती है.

सिबिल स्कोर की कैलुलेट कैसे होता ह

क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करने के लिए निम्न तरीका अपनाया जाता है:

क्रेडिट हिस्ट्री

कस्टमर की क्रेडिट हिस्ट्री सिबिल स्कोर निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाती है. सिबिल स्कोर तय करने में क्रेडिट हिस्ट्री का 30 प्रतिशत वेटेज लिया जाता है.

फाइनेंशियल कंपनियां क्रेडिट ब्यूरो को क्रेडिट-संबंधित जानकारी भेजती हैं। फिर ब्यूरो स्कोर की गणना करने के लिए आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में उस हिस्ट्री को दर्ज करता है. क्रेडिट रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि व्यक्ति ने जो पहले लोन लिया था उसका भुगतान कैसे किया है?

क्रेडिट यूटिलाइजेशन

क्रेडिट यूटिलाइजेशन से यह पता चलता है कि पिछले लोन की कितनी धनराशी अभी तक बकाया है. सिबिल क्रेडिट स्कोर तय करने में क्रेडिट यूटिलाइजेशन 25 प्रतिशत वेटेज लिया जाता है.

क्रेडिट कार्ड से EMI भरना

क्या EMI भरने के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग हो सकता है? इस सवाल का उत्तर है कि जी हां आप अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये अपनी लोन की मंथली EMI भर सकते हैं.

यहां यह बात ध्यान देने वाली है कि क्रेडिट कार्ड से लिमिटेड रकम की सीमा तक ही मंथली EMI जमा कर सकते हैं. चूँकि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल खरीदारी करने के लिए होता है तो यह क्रेडिट कार्ड के मालिक पर निर्भर करता है कि वह अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कितना उपयोग कर चुका है और कितनी लिमिट बची हुई है.

क्या क्रेडिट कार्ड से EMI भरना सही तरीका है?

यह अंतिम विकल्प है तो सही है. मतलब, अगर आपके पास EMI भरने की लास्ट डेट है लेकिन पर्याप्त पैसे नही हैं तो आप क्रेडिट कार्ड उपयोग कर सकते हैं. यहां यह स्पष्ट रुप से ध्यान रखना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड से मंथली EMI भरने की आदत नही बनाना चाहिए.

 क्या क्रेडिट कार्ड से EMI भरने पर सिबिल स्कोर पर असर पड़ेगा?

सिबिल क्रेडिट स्कोर पर असर तब पड़ता है जब क्रेडिट कार्ड की या लोन की EMI ठीक समय पर जमा नही होती है. ऐसे जब आप क्रेडिट कार्ड से EMI जमा कर रहे हैं तो फिर क्रेडिट कार्ड की EMI ठीक समय से जमा करना होगा. अन्यथा सिबिल क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है.