जिन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) – छोटे और मध्यम बिजनेस में 20 से अधिक लोग काम करते हैं। वहां पर कमर्चारियों का पीएफ अकाउंट रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। यह सरकार के गाइड लाइन में है। ईपीएफओ (EPFO) की गाइडलाइन का पालन सभी उद्यमियों (कारोबारियों) को करना अनिवार्य होता है।

कर्मचारी भविष्य निधि संघठन को इंग्लिश में Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) कहते हैं। EPFO का फुल फॉर्म Employees’ Provident Fund Organisation है।

कर्मचारी भविष्य निधि संघठन की स्थपाना भारत सरकार द्वारा पारित विविध प्रावधान अधिनियम 1952 के तहत 15 नवंबर 1991 को हुई है। यह संघठन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करता है।

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) भारत के कर्मचारियों के लिए सबसे लाभदायक और बेहतरीन इन्वेस्टमेंट में से एक हैं। यहां कर्मचारियों के द्वारा जमा रकम पर बेहतर ब्याज मिलता है। साथ ही, कर्मचारियों भविष्य के लिए भी यह बेहतरीन व्यवस्था है।

इस सरकारी योजना के अंतर्गत संस्थागत सेक्टर यानी ऑर्गेनाइज्ड कंपनियों के कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा संबंधी लाभ प्रदान किये जाते हैं। जिन कारोबार में 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं उस कंपनी के सभी कर्मचारियों का भविष्य निधि खाता (प्रोविडेंट फंड अकाउंट) रखना आवश्यक है।

प्रोविडेंट फंड का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

सबसे पहले मुख्य फैक्ट बता देना आवश्यक है कि प्रोविडेंट फंड का रजिस्ट्रेशन कोई व्यक्ति खुद अकेले का यानी व्यक्तिगत पंजीकरण नही कर सकता है। प्रोविडेंट फंड का रजिस्ट्रेशन जब भी होता है तब वह संस्था/कंपनी/सरकारी कार्यालय द्वारा ही होता है।

जिन कारोबारियों के यहां 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं वहां सभी कर्मचारियों का पीएफ अकाउंट ओपन कराना जरूरी होता है। हालांकि जिस कारोबार में 20 से कम कर्मचारी हैं वहां के बिजनेसमैंन चाहे तो तब वह भी खुद से कंपनी की जानकारी देकर प्रोविडेंट फंड (पीएफ अकाउंट) अकाउंट के लिए अपना बिजनेस रजिस्टर करवा सकता है। आइये समझते हैं कि प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का अकाउंट कैसे खुलता है:

जानिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) क्या है?

प्रोविडेंट फंड (पीएफअकाउंट ) में रजिस्ट्रेशन के लिए ये डोक्युमेन्ट्स होना चाहिए

  • कारोबार/कंपनी का नाम और पता, हेड ऑफिस और बाकी ब्रांच की जानकारी, कंपनी के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारियां।
  • संस्थान में काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या और उनसे जुड़ी जानकारियां।
  • कारोबार/कंपनी में किस तरह का काम होता है उसकी जानकारी।
  • कंपनी के मालिक, डायरेक्टर और मालिक के बारे में डीटेल।
  • कंपनी का किस बैंक से टाइअप है, पैन कार्ड की डीटेल।

इन सभी जानकरियों को Proforma for Coverage नाम के एक फॉर्म में भरना होगा। को Proforma for Coverage फॉर्म के साथ ही फॉर्म 5A भी जमा करवाना होगा।

कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) के लिए ऑफलाइन आवेदन करने के साथ ही ऑनलाइन भी अप्लाई किया जा सकता है। ऑनलाइन अप्लाई करते समय जिन कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी, वह इस तरह है:

  • अगर कंपनी पार्टनरशिप फर्म के तहत रजिस्टर है तो पार्टनरशिप संबंधी कागजात की कॉपी।
  • इनकम टैक्स ऐक्ट के अंतर्गत आनेवाले सभी कागजात।
  • निगमन संबंधी कागजात, पहली सेल्स की रसीद की कॉपी आदि भी।
  • कर्मचारियों की सैलरी डीटेल्स और कंपनी की बैलेंस शीट।

कर्मचारी प्रोविडेंट फंड – पीएफ अकाउंट (EPF) का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इस तरह करें

सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि ऊपर बताई गई सभी चीजें आपके पास मौजूद हो, अगर इनमे से कोई एक भी नही है तो पहले उस मिसिंग डोक्युमेंट को इक्कठा करें। फिर इस प्रोसेस को फ़ॉलो करें:

  • सबसे पहले ई-सेवा पोर्टल epfindia.gov.in पर जाएं।
  • वहां लेफ्ट साइड पर अवर सर्विस पर जाएं और फॉर एंप्लॉयर्स पर क्लिक करें वहां नीचे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन दिखेगा।
  • वहां नया अकाउंट बनाने के लिए साइनअप के ऑप्शन पर क्लिक करें,
  • मांगी गई सभी जानकारी भरकर फॉर्म को सब्मिट कर दें।
  • फिर दिखाए गए CAPTCHA कोड को भरकर पिन मांगे।
  • वह सीक्रेट पिन आपके उस फोन पर आएगा जो आपने दिया होगा।
  • फिर फॉर्म सब्मिट करके पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर लें, इस पीडीएफ को बाद में ईपीएफ के ऑफिस में जाकर जमा करवाना होगा।

इस तरह आप बहुत आसानी से अपने कारोबार/कंपनी का कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (पीएफ अकाउंट) का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।