बिजनेस में सफलता पाना इस बात पर निर्भर करता है की बिजनेस मैनेजमेंट कैसे किया जा रहा है? कारोबार को आगे बढ़ाने में सशक्त प्रबंधन का होना बेहद ही जरुरी होता है। अगर मुनाफा देने वाले कारोबार का भी प्रबंधन ठीक से नहीं किया जाता है तो वह एक समय के बाद सफेद हाथी यानी घाटे का सौदा बन जाता है। आइए समझते हैं बिजनेस मैनेजमेंट कैसे किया जाता है और इसकी अहमियत क्या है?

क्या होता है बिजनेस मैनेजमेंट

मैनेजमेंट अंग्रेजी का शब्द है। मैनेजमेंट शब्द का हिंदी में अर्थ ‘प्रबंधन’ होता है। जैसे की नाम से स्पष्ट है की यहां प्रबंधन यानी देखरेख के संबंध में बात हो रही है। बिजनेस मैनेजमेंट का मतलब होता है- एंटरप्राइजेज या बिजनेस को चलाने के लिए आवश्यक मैनेजमेंट स्किल्स के बारे में संपूर्ण जानकारी और स्पष्ट दृष्टिकोण जैसे- प्लानिंग, ऑर्गनाइजिंग, एग्जीक्यूशन, डायरेक्शन से लेकर इम्प्लीमेंटेशन तक सारे कार्यों का संचालन कर सकें और विभिन्न डिपार्टमेंट्स के बीच तालमेल भी स्थापित करना।

घर बैठे कैसे प्राप्त करें बिजनेस लोन?

घर हो या कारोबार या फिर कोई कार्यालय ही क्यों न हो, बिना किसी रुकावट के संचालित करने के लिए बेहतर तरीके से देखरेख की जरूरत पड़ती है। अगर इसमें लापरवाही की गई तो फिर परिवार में टूटन, कारोबार में घाटा और कार्यालय में कुछ भी ठीक से न चलने जैसी शिकायतें आती हैं।

बिजनेस मैनेजमेंट अगर ठीक से किया जाए तो घाटे में चल रहे कारोबार को भी मुनाफा में लाया जा सकता है। कर्मचारियों को भरोसे में लिया जा सकता है, ग्राहकों का प्रोडक्ट के ऊपर विश्वास जीता जा सकता है। लेकिन मैनेजमेंट किया कैसे जाता है? यह महत्वपूर्ण सवाल है। बिजनेस मैनेजमेंट का ज्ञान मैनेजमेंट का कोर्स करके भी हासिल किया जा सकता है। लेकिन, कुछ चीजों के बारे में जानकारी रखकर इसे अनुभव के जरिए भी विकसित किया जा सकता है। आइए जानते हैं कारोबार का प्रबंधन बेहतर तरीके से कैसे किया जा सकता है:

बिजनेस मैनेजमेंट में धन का प्रबंधन है महत्वपूर्ण

यह सार्वभौमिक सत्य है की आज की तारीख में बिना धन के कुछ भी संभव नहीं है। बिजनेस में तो बिलकुल भी नहीं। धन से ही चूंकि हर चीज ऑपरेट होती है इसलिए धन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। एक बिजनेस मालिक के तौर पर कारोबारी का सबसे पहले यह प्रयास होना चाहिए की धन का एक मजबूत सोर्स बने। वर्किंग कैपिटल और इक्विटी इस हालत में होनी चाहिए की कुछ बिजनेस में कुछ ऊपर- नीचे होने पर भी मामला सँभाला जा सके। अगर जरूरत पड़े बिजनेस लोन लेने ले लेना चाहिए।

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समय से भुगतान करना है बिजनेस मैनेजमेंट का अहम हिस्सा

कल्पना कीजिए आप पूरे महीने पूरी मेहनत और लगन से काम करते हैं लेकिन सैलरी अगले महीने देने के लिए बोल दिया जाता है। कैसा महसूस होगा आपको? इसी तरह आप अपने बिजनेस में जहां से माल उठाते है वहां पर समय से पेमेंट करना अनिवार्य हो जाता है। अगर आप अपने कारोबार में अपने साथ ही कोई साथी कर्मचारी भी रखे हैं तो उसे समय सैलरी देना भी जरूरी होता है। ऐसा करने से किसी के मन में कोई काम के प्रति नेगेटिव विचार नहीं बनेंगे और आपका कारोबार बेहतर गति से आगे बढ़ता रहेगा।

बिजनेस प्रबंधन में मार्केटिंग होनी चाहिए मजबूत

कारोबार में बेहतर मार्केटिंग का होना कारोबार की सफलता की बुनियाद होता है। मार्केटिंग से कारोबार को लोगों के बीच ले जाने में मदद मिलती है। सोशल नेटवर्क बढ़ता है। ब्रांड बनता है। पहचान बनती है। लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है की मार्केटिंग में उन्हीं संवाद (Communication) का उपयोग करना चाहिए जो संभव हो यानी आपके कारोबार में होती हो। अगर मार्केटिंग कुछ ऐसी बातों का जिक्र हो जाता है जो आपके यहां संभव नहीं हैं तो आपके बिजनेस पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।

खुद के बिजनेस का मूल्यांकन करना होता है सहायता

लंबे समय तक एक ही रणनीति के तहत कार्य करने से चीजें कब प्रतिकूल हो जाती हैं पता नहीं चलता। इसीलिए, अपने बिजनेस का खुद से मूल्यांकन करना बेहतर तरीका होता है। इस तरीके से यह पता करने में मदद मिलती है की आपके कारोबार की स्थिति क्या है और कमी या मजबूती क्या है। इससे सुधार करने में मदद मिलती है। कारोबार का विस्तार करने के लिए बिजनेस मैनेजमेंट का यह तरीका बेहद कामयाब माना जाता है।

लंबे समय की प्लानिंग करना

प्लानिंग यानी योजना बनाना। किसी भी कार्य को प्लान के तहत किया जाए तो एक समय बाद बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। बिजनेस मैनेजमेंट में प्लानिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि प्लानिंग के जरिए ही कारोबारी यह अंदाजा लगा सकता है की एक निश्चित समय बाद उसका कारोबार कहा पर खड़ा होगा और उसके लिए उसको किस- किस रिसोर्स या रकम की जरूरत पड़ने वाली है। उसी के हिसाब से कारोबारी तैयारी भी करता है।

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ZipLoan से लीजिए बिजनेस लोन

ZipLoan’ फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को लोन दिया जाता है। कारोबार बढ़ाने के लिए बेहद कम शर्तों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं 

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे हैं 

  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 12 से लेकर 24 महीने के बीच वापस कर सकते है।