पिछले 15 – 20 वर्षों के दौरान भारत में बिजनेस करना काफी आसान हुआ है. कारोबार करने में सहूलियत मिलने में केंद्र और राज्य सरकारों का काफी योगदान है. देश में बढ़ रहे उद्यमिता को इसी से आंका जा सकता है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत कार्यरत हैं.

देश में बड़ी कंपनियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ ही लघु उद्योग यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) कि संख्या में भी बहुत बढ़ोतरी हुई है. एमएसएमई उद्योग क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विस्तार हो रहा है.

कारोबारियों को प्रोत्साहन के लिए सरकार की तरफ से एसएमई लोन और अन्य लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे छोटे एवं मध्यम कारोबारियों की आर्थिक जरूरतें बिना किसी कठिनाई के पूरा हो रही हैं.

MSME लोन के लिए अप्लाई करें

बहुत से लोगों का यह सवाल हो सकता है कि एसएमई लोन क्या होता है? दरअसल एसएमई लोन अन्य लोन से अलग नहीं है, यह भी एक प्रकार का लोन ही है. लेकिन, एसएमई लोन का उपयोग कारोबार का  विस्तार करने के लिए किया जाता है. कारोबारियों को जब अपने कारोबार का विस्तार करना हो तो वह एसएमई लोन के लिए अप्लाई करते हैं.

केंद्र सरकार द्वारा देश में लघु उद्योग की आवश्यकता और महत्व को समझते हुए केंद्र सरकार द्वारा उद्योग आधार योजना के जरिए एसएमई लोन यानी बिजनेस लोन देना शुरू किया गया. ताकि लघु उद्योग अपना व्यापार बढ़ा सके और भारतीय अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान कर सके.

एसएमई बिजनेस लोन किसी कारोबारी को क्या करना होगा? यह सवाल भी बहुत से कारोबारियों के हो सकते हैं. आइए इस सवाल का उत्तर जान लेते हैं. किसी कारोबारी को 5 स्टेप्स में एसएमई लोन मिल सकता है. आइये जानते हैं वह 5 स्टेप्स क्या हैं?

एसएमई लोन के लिए पात्रता की जांच करना

पात्रता की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण होता है. जैसे किसी नौकरी के लिए अप्लाई करने से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि उस नौकरी के लिए योग्यता क्या रखी है? ठीक इसी तरह बिजनेस लोन है. लघु उद्योग लोन लेने के लिए भी कुछ पात्रता होती है. लघु उद्योग चाहने वाले उद्योग को इन उद्योग को इन पात्रता को पूरा करना होता है. आइए देखते हैं कि लघु उद्योग पाने की पात्रता क्या होती है:

  • लघु उद्योग भारत में स्थापित होना चाहिए
  • उद्योग का मालिकाना हक किसी एक मालिक या फिर पार्टनरशिप फर्म, निजी लिमिटेड कंपनी, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी में से कोई एक होना चाहिए
  • मैनुफैक्चरिंग बिजनेस (उद्योग मैनुफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में से कोई एक होना चाहिए
  • उद्योग कम से कम 2 साल पुराना होना चाहिए
  • भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गाइड लाइन के अनुसार पिछले उद्योग में पिछले वर्षों के दौरान कम से कम 10 लाख तक टर्नओवर होना चाहिए
  • उद्योग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विकास अधिनियम 2006 के तहत एमएसएमई में रजिस्टर्ड होना चाहिए (यह अनिवार्य शर्त नहीं है लेकिन रजिस्टर्ड होने पर लाभ देने में प्रमुखता दी जाती है)

सही कागजी दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन अप्लाई करें

किसी भी एप्लीकेशन की  सत्यता और पास होना इस बात पर निर्भर करता है कि उसको अप्लाई किस तरह किया गया है और मांगे गए जरूरी दस्तावेज अपलोड किये गए हैं या नहीं. ठीक यही नियम एसएमई लोन के एप्लीकेशन पर भी लागू होता है.

बिना कोलैटरल बिजनेस लोन्स

उद्योग आधार योजना में बिजनेस लोन पाने के लिए कुछ जरूरी सरकार के कुछ दिशा – निर्देश होते हैं. इन दिशा – निर्देशों का पालन करना होता है. एसएमई लोन के लिए मांगे जाने वाले कागजी दस्तावेज निम्न होते हैं:

  • लघु उद्योग रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट)
  • लघु उद्योग में हुए पिछले 3 वर्षों के दौरान कारोबार का लेखा जोखा (यह बैंक स्टेटमेंट के रुप होना चाहिए)
  • अगर लघु उद्योग के कई शेयरधारक हैं तो उन सभी शेयर धारकों के प्रतिशत का विवरण.
  • पिछले 3 वर्षों के दौरान दाखिल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का विवरण.
  • अगर लघु उद्योग के कई पार्टनर हैं तो सभी के आधार कार्ड और पासपोर्ट सेज फोटो.
  • जहां पर लघु उद्योग स्थापित है यानी उस जगह का पता जहां पर उद्योग चलता है. उस जगह की भूमि माप. जगह के मालिकाना हक

    का प्रमाण पत्र. अगर उद्योग की जगह किराया पर है तो मकान मालिक या जगह के मालिक का शपथ पत्र. शपथ पत्र पर यह लिखा होना चाहिए कि उद्योग चलाने से मकान मालिक या जगह मालिक को कोई एतराज नहीं है.

  • मार्केटिंग प्लान का विवरण.
  • लघु उद्योग में लगने वाली मशीनरी और उपकरण की सूची और उनकी लागत मूल्य.
  • अगर वर्तमान में लघु उद्योग पर कोई बिजनेस लोन चल रहा हो तो उसका विवरण.
  • एसएसआई विभाग का प्रमाण पत्र.
  • प्रदूषण विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी.
  • बिजली बिल की कॉपी.
  • विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट.
  • लघु उद्योग में काम कार्यरत कार्मिकों की सूची और उनके वेतन का विवरण.

सरकार द्वारा चलाई जा रही उद्योग आधार योजना से या एसएमई लोन लेने के लिए आपको ऊपर बताएं गए सभी कागजातों को पूरा करना होगा. अगर आपको बहुत कम कागजी दस्तावेज़ों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन चाहते हैं तो ZipLoan आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है.

ZipLoan फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख एनबीएफसी है. ZipLoan द्वारा लघु उद्यमियों को 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन 3 दिन में प्रदान किया जाता है. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ZipLoan द्वारा मिलने वाला बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी होता है और बेहद कम ब्याज दरों पर होता है.

 जानिए ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के फायदे

शर्त और ब्याज दरों को समझने के बाद लोन एग्रीमेंट पर साइन करें

वित्तीय मामलों में सबसे महत्वपूर्ण होता है शर्तों को समझना शर्तों पर एक बार साइन करने के बाद वह शर्ते बाध्यकारी हो जाती हैं. बिजनेस लोन में इसका विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. शर्तों के संबंध में अगर कोई चीज समझ ना आए तो उसके बारे में तुरंत संबंधित अधिकारी से पूछ लेना चाहिए.

बिजनेस लोन के संबंध में देखा जाता है की अधिकतर लोन प्री पेमेंट चार्ज के साथ होते हैं यानी निश्चित समय से पहले लोन की रकम वापस करने पर प्री पेमेंट के रुप में चार्ज देना पड़ता है . दूसरी महत्वपूर्ण बात ब्याज दरों को लेकर होती है.

कुछ बैंकों और लोन देने वाली कंपनियों की ब्याज दरें महीने के हिसाब से बदलती रहती हैं. इस स्थिति में अगर कारोबार चलाने वले व्यक्ति को जानकारी नहीं होती तो वह बाद में परेशान होता है. मानसिक रुप से और आर्थिक रुप से भी. इसीलिए शर्तों को और ब्याज दरों के बारे में पहले ही बेहतर तरीके से समझ लेना बेहतर होता है.

कारोबारियों को भी सलाह है की उतनी ही धनराशि बिजनेस लोन के रुप में लें जितनी कि उनकी बिजनेस में जरूरत हो. अधिक रकम लेने से उसे वापस करने में परेशानी होती है और कारोबारी का सिबिल स्कोर यानी क्रेडिट स्कोर खराब होने की संभावना बनी रहती है.

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