वार्षिक वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी रिटर्न दाखिल करने से अगर आप चूक गए है तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. वित्त मंत्रालय द्वारा ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 3 महीने आगे बढ़ा दिया गया है. 

 

पहले वार्षिक माल एवं सेवाकर (GST) के रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2019 थी. वित्त मंत्रालय ने अंतिम तिथि को 3 महीने आगे बढ़ाते हुए 31 नवंबर कर दिया है.

 

आगे बढ़ी हुई तिथि की घोषणा करते हुए वित्त मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में आ रही दिक़्क़तों की वजह से अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया है. इससे पहले वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी.

 

केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा एक बयान जारी कर कहा गया है कि आकलन वित्त वर्ष 2017- 18 के लिए फॉर्म जीएसटीआर- 9 /जीएसटीआर-9ए में वार्षिक रिटर्न और फॉर्म जीएसटीआर-9सी में समाधान विवरण दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 अगस्त 2019 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2019 कर दिया गया है।

 

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टैक्स माफ़ी योजना 1 सितम्बर से होगी लागू

 

सर्विस टैक्स और प्रोडक्शन चार्ज (सेवा कर और उत्पाद शुल्क) माफ़ी स्कीम के तहत करदाता को दी जाने वाली राहत पर अधिकृत समिति अगले 2 महीनों में फैसला करेगी. राजस्व विभाग द्वारा यह बातें कही गई.

 

राजस्व विभाग की तरफ से चलाई जाने वालीसबका विश्वास- विरासत विवाद निपटान योजना, 1 सितम्बर 2019 से 4 महीने के लिए शुरु होगी. विदित है कि इस योजना का मकसद विरासत वाले सर्विस टैक्स और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क के मामलों में कमी लाना है.

 

जीएसटीआर: गलती करना पड़ सकता है भारी

 

भारत में 1 जुलाई 2017 को सभी तरह के टैक्स को मिलकर जीएसटी नामक एकीकृत टैक्स व्यवस्था लाई गई है. केन्द्रीय कर प्रणाली की विशेषता यह है कि इसे केंद्रीकृत पोर्टलजीएसटी काउंसिलके जरिए संचालित किया जाता है.

 

ऐसे में मामूली गलती भी टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस दिलाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.

अगर रिटर्न फाइल करते समय किसी तरह की गड़बड़ी होती है या आंकड़ों का हेरफेर होता है तो कारोबारी फँस सकते हैं. इसलिए जब भी जीएसटी रिटर्न फाइल करें तो इत्मीनान और सभी संबंधित कागज़ी दस्तावेज़ों को सामने रखकर ही फाइल करें.

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सोर्स- हिंदुस्तान

https://www.livehindustan.com/business/story-gst-return-date-three-month-extend-2712023.html

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