छोटे या मझोले व्यापारियों को यह सवाल हमेशा परेशान करता है की क्या Turnover 20 Lac से कम होने पर भी GST Number लेना पड़ेगा? तो अब परेशान होने जैसी कोई बात नही है, क्योंकि हम आज इसी टॉपिक पर विस्तार से जानेंगे की कितने Turnover तक के बिजनेस पर GST नंबर की जरुरत पड़ती हैं और कितने तक पर नहीं।

क्या है GST?

GST का फुल फॉर्म गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स है (वस्तु एवं सेवा कर)। जिसे वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगाया जाता है। इसे भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया। इससे पहले भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा कई अलग – अलग तरह के टैक्स लगाया जाता था। भारत सरकार तथा राज्य सरकारों के टैक्सों की मिलाकर GST बना दिया गया। GST लागू होने के साथ ही एक देश एक कर (टैक्स) कर दिया गया। GST की दरें 5 प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत के बीच है।

कितने Turnover तक के बिजनेस को GST रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त है?

10 जनवरी 2019 को GST काउंसिल बैठक हुई जिसमे GST रजिस्ट्रेशन से छूट, कंपोजिशन स्कीम जैसे कई बड़े फैसले किए गए। GST काउंसिल ने इस बैठक में छोटे एवं मझोले व्यापारियों/कारोबारियों को तोहफा देते हुए यह फैलसा किया की 40 लाख के कारोबार को GST रजिस्ट्रेशन से छूट दी जाएगी। यह छूट सीमा पहले 20 लाख के कारोबार के लिए थी। यानी 20 लाख सालाना के टर्नओवर वाले कारोबार को पहले से ही GST रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त थी, अब वह सीमा बढ़कर 40 लाख सालाना टर्नओवर के कारोबार के लिए हो गई है। यानी अब आपका कारोबार अगर 40 लाख रूपये का टर्नओवर देता है तो भी आपको जी.एस.टी रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नही है। यानी किसी भी 20 लाख के बिजनेस के लिए GST नंबर लेने की जरुरत नहीं है.

जी.एस.टी काउन्सिल फैसलों के हाइलाइट्स

  • 40 लाख रूपये तक के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से मुक्ति मिल गई है
  • काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम की सीमा भी बढ़ा दिया है। अब यह सीमा 1 करोड़ 50 लाख हो गई है
  • जो कारोबार कंपोजिशन स्कीम चुनता है उसे साल में सिर्फ एक बार ही रिटर्न भरना होगा
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वित्त मंत्री अरुण जेटली के वक्तव्य

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा “पहले से ही 20 लाख के टर्नओवर वाले उद्यमों को छूट मिली थी। हालांकि, उत्तर-पूर्वी एवं पहाड़ी राज्यों के लिए छूट सीमा 10 लाख रूपये थी। लेकिन, कुछ राज्यों ने अपना कानून बना लिया और यह सीमा 20 लाख रूपये कर दिया था। अब हमने इस सीमा को दोगुना करते हुए क्रमशः 40 लाख और 20 लाख कर दिया है। यानी, शेष भारत में 20 लाख को दोगुना कर 40 लाख कर दिया जबकि उत्तर पूर्वी और पहाड़ी राज्यों के लिए 20 लाख रूपये तक के टर्नओवर वाली कंपनियों को जी.एस.टी से मुक्ति दे दी गई है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उत्तर-पूर्वी एवं पहाड़ी राज्यों को इस लीमिट को अपने सुविधानुसार बढ़ाने – घटाने की भी सुविधा दे दी गई है”।

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एतिहासिक फैसला: छोटे कारोबारियों को राहत

इस फैसले से एक झटके में बड़ी संख्या में छोटे एवं मझोले कारोबारियों को राहत मिल गई।  क्योंकि GST छूट की सीमा बढ़ाने से बहुत सारे उद्योग/कारोबार को क़ानूनी पचड़ों से मुक्ति मिल जाएगी। एक आशंका यह भी जताई जा रही थी की इससे टैक्स चोरी की घटनाएं बढ़ सकती है क्योंकि कई उद्योग टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में ही नहीं आएंगे। हालांकि, इस दलील ख़ारिज कर दिया गया और जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट प्रदान कर दिया गया।

Source- GST COUNCIL, NBT