इनपुट सेवा वितरक की अवधारणा धारा 2 (61) “इनपुट सेवा वितरक (आईएसडी)” के अनुसार

  • सामान या सेवाओं या दोनों के सप्लायर का एक कार्यालय
  • यह इनपुट सेवाओं की ओर धारा 31 के तहत जारी टैक्स चालान प्राप्त करता है।
  • यह सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी या यूटीजीएसटी के क्रेडिट को वितरित या डिस्ट्रीब्यूट करने कि सेवाओं के लिए निर्धारित दस्तावेजों का इशू करता है।
  • ऐसा दस्तावेज या डॉक्यूमेंट कर योग्य वस्तुओं या सेवाओं या दोनों के सप्लायर को जारी किया जाता है जिसके पास वही पैन नंबर या स्थायी खाता संख्या है जो कि कार्यालय के अनुसार होता है।

आगे,

  1. कंपनियों का मुख्य कार्यालय या हेड ऑफिस एक जगह पर और इकाइयां या यूनिट्स अलग जगह पर हो सकती हैं जिन्हें अलग से पंजीकृत करवाया जा सकता है।

2.   यह देखते हुए कि सेवाएं अस्पृश्य या इंटनजिबल हैं, हर सेवा के अंतिम उपभोगता को ट्रेस करना व्यावहारिक नहीं है, लेकिन माल या गुड्स के मामले में ऐसा नहीं है,  इसलिए सेवाओं के लिए एक वितरक या डिस्ट्रीब्यूटर की आवश्यकता न्यायसंगत है।

  1. आम तौर पर, व्यक्ति का प्रधान कार्यालय या हेड ऑफिस, या कॉरपोरेट कार्यालय, जिस भी नाम से जाना जाएगा, उसी जगह पर सेवाओं का बिल भेजा जाएगा।
  2. हालांकि, कानून द्वारा कोई ऐसा आदेश नहीं है कि आईएसडी का मुख्य कार्यालय होना ही चाहिए।
  3. इसके अलावा, कानून ने भी आईएसडी के रूप में पंजीकृत करने के लिए कार्यालयों की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी है। इसलिए, एक कंपनी अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर कई क्षेत्रीय कार्यालय (रीजनल ऑफिस)खोल सकती है।
  4. यह सुनिश्चित करने की ओर ध्यान देना चाहिए कि सेवाओं की अंतर-शाखा आपूर्ति या सप्लाई आईएसडी द्वारा वितरण या डिस्ट्रीब्यूशन के रूप में गलत तरीके से ना ली जाये।
  5. कृपया याद रखें कि आईएसडी एक ऐसा कार्यालय नहीं हो सकता जो अपने आप कोई सप्लाई या आपूर्ति करता है, बल्कि आईएसडी सेवाओं के लिए चालान एकत्र करता है और इसके वितरण या डिस्ट्रीब्यूशन के लिए निर्धारित दस्तावेज़ जारी करता है।

क्रेडिट का वितरण इनपुट सेवाओं का क्रेडिट वितरित करने के लिए, आईएसडी को नियमों द्वारा निर्धारित निम्नलिखित तरीके का पालन करना होगा:

  1. प्रत्येक प्राप्तकर्ता को हर वितरण पर आईएसडी चालान जारी करना।
  2. क्रेडिट प्राप्तकर्ताओं वे कर योग्य व्यक्ति हैं, जिनके कारण यह विशेष रूप से है (चाहे वे पंजीकृत हैं या नहीं), समान पैन वाले व्यक्ति (आयकर या इनकम टैक्स कानून के तहत जारी किए गए) आईएसडी के रूप में हैं।
  3. एकीकृत कर का क्रेडिट एकीकृत कर के रूप में वितरित किया जाना चाहिए, बिना आईएसडी के स्थान का ध्यान रखे, इसके अलावा:
    जहां आईएसडी क्रेडिटऔर प्राप्तकर्ता अलग अलग राज्यों में स्थित हैं,  तो कुल केंद्रीय कर, राज्य कर और केंद्र शासित प्रदेश करएकीकृत कर के रूप में लिया जाना चाहिए।
    जहां आईएसडी और प्राप्तकर्ता एक ही राज्य में स्थित है, केन्द्रीय कर और राज्य कर (या केंद्र शासित प्रदेश कर) को क्रमशः केंद्रीय कर और राज्य कर (या केंद्र शासित प्रदेश कर) के रूप में वितरित किया जाना चाहिए।
  1. हर प्रकार का टैक्स एक अलग आईएसडी चालान के माध्यम से वितरित किया जाना चाहिए। हालांकि, इनवॉइस स्तर(सेवा के सप्लायर से प्राप्त) पर आईएसडी चालान जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  2. वितरण के लिए वितरित क्रेडिट उपलब्ध क्रेडिट से अधिक नहीं होना चाहिए।
  3. किसी विशेष स्थान (आपूर्तिकर्ता या सप्लायर के रूप में पंजीकृत) द्वारा उपयोग की गई इनपुट सेवाओं पर कर का भुगतान, केवल उस स्थान पर वितरित किया जाता है।
  4. एक से अधिक स्थानों पर उपयोग की गई इनपुट सेवाओं जोकि संचालन में हैं पर दिये गए टैक्स का क्रेडिट, उन सब में वितरित किया जाता है, जो राज्य में प्रत्येक स्थन के टर्नओवर के समर्थक या प्रो राटा आधार पर आधारित होता है।
  5. उस स्थान के पिछला वित्तीय वर्ष गणना के लिए विचार किये जाने वाली अवधि होता है। यदि पिछले वित्तीय वर्ष में इसका कोई कारोबार या टर्नओवर नहीं है, तो उस माह की पिछली तिमाही में क्रेडिट वितरित किया जा सकता है।
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आईएसडी के रूप में पंजीकरण

सीजीएसटी अधिनियम की धारा 24 (सीजीएसटी नियमों, 2017 के नियम 8के साथ पढ़ें),जो भी इनपुट सेवा वितरक (आईएसडी) के रूप में कम करना चाहते हैं उन्हें अलग से आईएसडी के रूप में पंजीकरण करवाना पड़ेगा। और इनका कार्यालय भी होना चाहिए। दूसरे शब्दों में,एक प्रतिष्ठान की पंजीकरण संख्याआईएसडी के रूप में अलग होती है और अधिनियम की धारा 22 के तहत अलग होती है।

  • एक आईएसडी को अनिवार्य रूप से एक अलग पंजीकरण करना होगा जैसे कि आईएसडी और जीएसटी आरईजी-1 के रूप में उसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • आईएसडी के पंजीकरण के लिए कोई प्रारंभिक सीमानहीं है।
  • अन्य स्थानों को अलग से पंजीकृत किया जा सकता है।

आईएसडी के रूप में पंजीकरण

1. सीजीएसटी अधिनियम की धारा 24 (सीजीएसटी नियमों, 2017 के नियम 8 के साथ पढ़ें) के अनुसार आईएसडी पर निर्धारित दस्तावेजों या डाक्यूमेंट्स के सप्लायर का कार्यालय जरुर होना चाहिए।

  1. आईएसडी द्वारा जारी किए जाने वाले कर या टैक्स चालान के डाक्यूमेंट्स नीचे दिए गए हैं:
  • नाम, पता और इनपुट सेवा वितरक की माल या गुड्स और सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन)
  • एक या एक से अधिक श्रृंखला में, सोलह अक्षरों तक का एक लगातार सीरियल नंबर, जिसमें अक्षरों या अंकों या विशेष वर्ण (स्पेशल करैक्टर) क्रमशः हाइफ़न या डैश और स्लेश (“-“, “/” ) का संयोजन होता है। इसलिए किसी वित्तीय वर्ष के लिए यह एकदम अलग या यूनिक होना चाहिए (बैंकिंग कंपनी और वित्तीय संस्थानों को इस मामले में छूट दी गई है)
  • प्राप्तकर्ता जिसे क्रेडिट और क्रेडिट की राशिवितरित की जाती है उसके आईएसडी इशू होने की तारीख; नाम, पता और सामान और सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन)
  • इनपुट सेवा वितरक (आईएसडी) या उसके अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर।
  1. चलन यह इंगित करता है कि यह केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट के वितरण के लिए जारी किया गया है।
  2. आपूर्तिकर्ता द्वारा इनपुट सेवा वितरक को क्रेडिट नोट जारी करने की वजह से किसी भी इनपुट टैक्स क्रेडिट को कम करने की आवश्यकता होती है, प्रत्येक प्राप्तकर्ता को उसी अनुपात में विभाजित किया जाएगा जिसमें असली चालान में निहित इनपुट टैक्स क्रेडिट वितरित किया गया था। इस उद्देश्य के लिए, आईएसडी को अन्य प्रतिष्ठानों को “आईएसडी क्रेडिट नोट” जारी करने की आवश्यकता होगी, उसी महीने में किसी भी सप्लायर द्वारा आईएसडी को जारी क्रेडिट नोट आईएसडी के जीएसटी -6 रिटर्न में शामिल किया गया है। जहां राशि को इस प्रकार विभाजित किया जाता है, अगर वितरण के आधार पर क्रेडिट एडजस्टेड राशी से कम है तो, यह राशी प्राप्तकर्ता की आउटपुट टैक्स लायबिलिटी में जोड़ दी जाती है।
  3. एक महीने में वितरण के लिए उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट उसी महीने में वितरित किया जाएगा और फॉर्म जीएसटी -6 में विवरण या डिटेल्स प्रस्तुत कि जाएंगी।
  4. इसके अलावा, एक आईएसडी अयोग्य और योग्य दोनों ही इनपुट टैक्स क्रेडिट राशियों को अलग-अलगवितरित करेगा।
  5. आईएसडी ऐसे किसी भी चालान को स्वीकार नहीं कर सकता है, जिस पर रिवर्स चार्ज तंत्र के तहत कर का वितरण किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आईएसडी तंत्र केवल भुगतान किए गए करों के क्रेडिट को वितरित करने में सहायता करता है। आईएसडी खुद ही किसी भी टैक्स दायित्व का निर्वहन नहीं कर सकता है (जैसकि व्यक्ति कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है) और नाही सरकार के खाते में टैक्स प्रेषित या रेमिट कर सकता है।
  6. अगर आईएसडी रिवर्स चार्ज आपूर्ति या सप्लाई लेना चाहता है, तो उस मामले में आईएसडी को अलग से सामान्य करदाता के रूप में पंजीकरण करना होगा।
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इनपुट टैक्सक्रेडिट (आईटीसी) का वितरण कैसे होगा

  1. एक आईएसडी नियम 39 के अनुसार एलिजिबल आईटीसी को वितरित करेगा।
  2. आईजीएसटी का क्रेडिट हमेशा उन सभी इकाइयों को आईजीएसटीक्रेडिट के रूप में वितरित किया जाना चाहिए, जहां सेवा स्थित है, चाहे वह किसी भी स्थान पर स्थित हों।
  3. सीजीएसटी / एसजीएसटी का क्रेडिटएक ही राज्यके मामले में सीजीएसटी / एसजीएसटी और अलग राज्य के मामले में आईजीएसटी के रूप में वितरित किया जा सकता है।
  4. क्रेडिट केवल उन्हीं इकाइयों या यूनिट्स को वितरित किया जाना चाहिए जिनके लिए सेवा प्रो राटा बेसिस पर ‘राज्य में टर्नओवर’ और उन यूनिट्स के’राज्य में टर्नओवर’के अनुपात में निर्धारित की जाती है।
  5. इसके अलावा, यूनिट पंजीकृत है या नहीं, इसके लिए कोई भिन्नता नहीं रखी गई है और इसलिए, अपंजीकृत यूनिट के कारण क्रेडिट उस इकाई को वितरित किया जाता है, हालांकि यह पंजीकृत नहीं है, जिसका अर्थ है, यह क्रेडिट का नुकसान है।
  6. ‘राज्य में कारोबार’ ‘उचित अवधि’ के लिए एक मूल्य पर आ गया है

आईएसडी के लिए रिटर्न

  1. सीजीएसटी नियमों 2017, के नियम 65 के अनुसार, प्रत्येक आईएसडी जीएसटी 6 ए फॉर्ममें दी गई डिटेल्स के आधार पर और जहां आवश्यक हो, विवरण जोड़ने, संशोधित करने या हटाने के बाद, जीआरटी -6फॉर्म में रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत करेगा, टैक्स चालान का विवरण जिस पर क्रेडिट प्राप्त हुआ है और धारा 20 के तहत जारी किए गए हैं।
  2. आईएसडी द्वारा उसके रिटर्न में फार्म जीएसटी-6 दिए गए चालानों का ब्योरा या डिटेलसामान्य पोर्टल के माध्यम से फॉर्म जीएसटीआर-2 ए के भाग बी में क्रेडिट के प्राप्तकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा और प्राप्तकर्ता इसे फॉर्म जीएसटीआर-2 में शामिल कर सकता है।
  3. आई. एस. डी रिटर्न की गणना और फाइल करने के लिए आवश्यक जानकारी संकलित या कम्पाइल करने के लिए निम्नलिखित फोर्मट्सउचित होंगे। – महीने के दौरान वितरित करने के लिए कुल इनपुट टैक्स क्रेडिट का सारांश या समरी (सप्लायर द्वारा आईएसडी कोजारी डेबिट नोट्स सहित)।
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