GST काउंसिल ने शनिवार को सर्वाधिक रोजगार पैदा करने वाले सूक्ष्म लघु और मझौले उद्यमों (MSME) को राहत देने के लिए राज्यों से प्राप्त डेढ़ सौ से ज्यादा सुझावों पर विचार के लिए मंत्रिसमूह का गठन किया है। इस मंत्रीसमूह की अध्यक्षता वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल करेगें।

GST काउंसिल MSME सेक्टर को देगी राहत

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GST काउंसिल की अगली बैठक 28-29 सितंबर को-

GST काउंसिल के इस मंत्रिसमूह में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पंजाब व केरल के वित्त मंत्री भी शामिल हैं। इसी तरह MSME सेक्टर में कानूनी और प्रक्रिया से जुड़े मसलों की देखभाल के लिए लॉ कमिटी गठित की गई है, जिसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स ऑफिसर होंगे। टैक्स रेट से जुड़े मसलों को टैक्स ऑफिसर्स की फिटमेंट कमिटी देखेगी। जो GST काउंसिल के सामने रखी जाएगी। GST काउंसिल की अगली बैठक 28-29 सितंबर को गोवा में होगी।

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MSME सेक्टर की समस्याओं पर सरकार गंभीर-

GST काउंसिल की बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में पिछले 13 महीने से MSME पर जोर है। इस बैठक में MSME सेक्टर के प्रति सहानुभूति दिखी और उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साछ ही पीयूष गोयल ने बताया कि GST काउंसिल ‘Rupay’ कार्ड और ‘BHIM’ एप रखने वालों को सौगात देने जा रही है. ‘Rupay’ कार्ड और ‘BHIM’ एप से भुगतान करने वाले ग्राहकों को जीएसटी में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी।

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क्या है योजना-

डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कैशबैक की इस योजना की शुरुआत फिलहाल पूरे देश में एक साथ नहीं होगी बल्कि पायलट प्रोजेक्ट पर शुरू की जाएगी। इसके लागू होने के बाद ‘Rupay’ कार्ड और ‘BHIM’ एप के जरिए पेमेंट करने वाले ग्राहकों को कुल जीएसटी अमाउंट का 20 प्रतिशत या 100 रुपये (अधिकतम) कैश बैक मिलेगा। हालांकि पिछले महीने सुशील मोदी ने कहा था कि पहले GST रेवेन्यू स्थाई हो जाए फिर डिजिटल पेमेंट पर छूट के बारे में फैसला किया जाएगा।