पिछले दिनों वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण द्वारा संसद में देश की घटती जीडीपी को रोकने के लिए कई घोषणा की गई है। एमएसएमई के लिए की गई- जीएसटी रिटर्न की वापसी- 60 दिनों भीतर। की घोषणा से एमएसएमई क्षेत्र के कारोबार को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। इस व्यवस्था से धड़ाधड़ बंद होते लघु उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की बात कही जा रही  है।

पिछले कई महीने देश में आर्थिक मंदी का माहौल व्याप्त है। कई बड़ी कंपनियों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को निकालने की खबर के बीच वित्त मंत्री का यह निर्णय काफी राहत भरा है। पिछले महीने यानी जुलाई 2019 से ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा कंपनियों से हजारों की तादाद में कर्मचारियों को निकालने और प्रोडक्शन इकाइयों को बंद करने खबर है।

इसी बीच मसहुर बिस्कुट कंपनी ‘पारलेजी’ के तरफ से भी 10 हजार कर्मचारियों की निकालने की खबर आ रही है। उधर टेक्सटाइल सेक्टर अख़बार में विज्ञापन देकर मंदी की वजह से कारोबार ठप होने की सूचना सरकार को दे रहा है तथा सरकार से यह अपेक्षा कर रहा है कि सरकार उनकी समस्याओं की तरफ ध्यान दे और सहूलियत प्रदान करें।

एमएसएमई उद्योग किसे कहते हैं?

एमएसएमई कारोबारियों को सरकार मिली सौगात

लघु उद्योग और स्टार्टअप्स के सामने वित्तीय समावेशन और जीएसटी की मुख्य समस्या है। जीएसटी दाखिल होने के लंबी अवधि तक रिटर्न की रकम वापस नहीं होती। आईटीआर फाइल करने में हुई छोटी सी गलती से भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेजने लगता है। टैक्स अधिकारी कारोबारियों का विभिन्न तरीके से उत्पीड़न करने से बज नहीं आते इत्यादि ऐसी कई समस्याएं थी। जिनके वजह से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

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सरकार से एमएसएमई को मिली सौगात इस तरह की हैं:

  • लघु उद्योगों द्वारा फाइल किये गए जीएसटी का रिफंड में सिर्फ 30 दिनों के भीतर किया जायेगा।
  • Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) में रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप और लघु उद्योगों को अब एंजेल टैक्स नहीं देना होगा।
  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (CBDT) के अधिकारी अब उद्योगों और स्टार्टअप्स की समस्याओं को देखेंगे और उसे सुलझाने का प्रयास करेंगे।
  • जीएसटी की प्रणाली को और अधिक आसान बनाया जायेगा।
  • इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय हुई किसी भी छोटी- बड़ी गलती के लिए उद्यमियों को परेशान नहीं किया जायेगा बल्कि मैसेज के जरिए गलती सुधारने का मौका दिया जायेगा।

अब जीएसटी रिफंड का निपटारा होगा 60 दिन के भीतर

सरकार की तरफ से वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण एमएसएमई क्षेत्र को अधिक से अधिक राहत देने की बात दोहराई और कहा की अभी तक जीएसटी के लंबित मामलों का 30 दिन के भीतर निपटारा कर दिया जायेगा।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग: चुनौती और मौके

आगे से एमएसएमई के रिफंड आवेदन करने के 60 दिन के भीतर उनको भुगतान किया जाएगा। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाने की भी घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि यू। के। सिन्हा समिति की सिफारिशों पर 30 दिन के भीतर फैसला लिया जाएगा।

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एमएसएमई का जीडीपी में है 29 प्रतिशत का योगदान

सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) का अकेले करीब 29 प्रतिशत का योगदान है। यह क्षेत्र देश में रोजगार सृजन करने वाला बड़ा क्षेत्र है। ऐसे में लघु उद्योगों की समस्याओं को समाधान करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। श्रीमती सीतारमण ने अपने भाषण में बताया कि MSME के लंबित पड़े भुगतानों, टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग, बिजनेस लोन की उपलब्धता को आसान बनाया जायेगा। सरकार एकल परिभाषा की ओर बढ़ने के लिए एमएसएमई अधिनियम में संशोधन पर भी विचार करेगी।

स्टार्टअप्स को भी कई मामलों में राहत प्रदान किया गया है

वित्त मंत्रालय द्वारा स्टार्ट-अप (Start-up) की टैक्स संबंधित की दिक्कतों को दूर करने के लिए विशेष सेल बनाने के लिए कहा गया है। जो विशेष सेल बनाई जाएगी उसके प्रमुख केन्द्रीय कर प्रत्यक्षीकरण बोर्ड (Central Board of Direct Taxation – Income Tax) के चेयरमैन होंगे। इसके अलावा भी राहत दी गई है, जिसमे स्टार्ट-अप से एंजेल टैक्स (Angle Tax) हटाने का ऐलान भी शामिल है।

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एंजेल टैक्स क्या होता है?

कारोबारी व्यापार का विस्तार करने के लिए पैसे जुटाते हैं। इसके बदले में पैसे देने वाली कंपनी या संस्था को वे अपने शेयर जारी करते हैं। अधिकतर समय ऐसा होता है कि जो ये शेयर जारी किये जाते है वह वाजिब कीमत के मुकाबले अधिक कीमत पर जारी किये जाते हैं। शेयर की अतिरिक्त कीमत को इनकम माना जाता है। मूल यही है, इस शेयर की अतिरिक्त कीमत, जो इनकम मानी जाती है- इसपर टैक्स लगता है। इसे ही एंजेल टैक्स कहते है। स्टार्ट-अप को इस तरह मिले पैसे को एंजेल फंड कहते हैं। इनकम टैक्स विभाग एंजेल टैक्स वसूलता है।

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MSME loan

एंजेल टैक्स हटाने से क्या फायदा होगा?

वित्तीय प्रबंधन में विशेषता रखने वाले जानकारों का कहना है कि एंजेल टैक्स हटाने से स्टार्टअप्स के लिए मार्केट से पूंजी (कैपिटल) या सरल भाषा में कहें तो पैसा जुटाना आसान हो जायेगा।

एमएसएमई: ZipLone देता है बेहद कम शर्तों पर बिजनेस लोन

ZipLoan’ फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु उद्योग के लिए लोन दिया जाता है। कारोबार बढ़ाने के लिए बेहद कम शर्तों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं 

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे है

  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 12 से लेकर 24 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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