मोदी 2.0 सरकार देश भर में एंटरप्राइज फसिलिटेशन यानी कारोबारियों के लिए सुविधा केंद्र खोलने का विचार कर रही है। इस तरह के केन्द्रों (सुविधा केन्द्रों) से MSME यानी सूक्ष्म और लघु उद्यमों तक सूचनाएं पहुंचाने में बहुत मदद मिलेगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) सूक्ष्म, लघु और उद्योगों में कम्पटीशन बढ़ाने और उन्हें बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ने पर विचार बना रहा है।

यह इस इसलिए भी जरूरी बताया जा रहा है कि मध्यम और सूक्ष्म उद्योग (कारोबार) को सही सूचना नही मिल पाती और वह पिछड़ने लगते है। इस विषय पर एमएसएमई मिनिस्ट्री के अतिरिक्त सचिव राम मोहन मिश्र ने सोमवार को कहा कि इन केन्द्रों (सुविधा केन्द्रों) को ब्लॉक स्तर पर खोलने का विचार है।

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श्री मोहन मिश्र आगे कहते है कि, “एमएसएमई मंत्रालय मांग की आपूर्ति सिक्वेंस के निचले स्तर पर मैजूद उद्यमों की क्षमता सुधारने पर काम कर रहा है, ताकि वे (बिजनेस) मांग और आपूर्ति सिक्वेंस से जुड़ सके। मंत्रालय का जोर कारोबार के गुणवत्ता को सुधारकर और कीमतों को एक समान रखकर अपने प्रोडक्ट्स के मांग को पूरा कर सके।

मंत्रालय के सचिव श्री मोहन के अनुसार, “हम सूचना के प्रचार और मुद्दों की पहचान के लिए ब्लॉक स्तर पर MSME सुविधा केन्द्रों का विकास कर रहे है और हमारा मुख्य ध्यान क्लस्टरिंग पर है।मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मोहन मिश्र सामाजिक उद्यमिता (सोशल इंटरप्राइजेज) पर आयोजित एक मीटिंग को संबोधित करते हुए मंत्रालय के विचारों को प्रकट कर रहे थे।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का ध्यान अधिक से अधिक कारोबारियों की सुविधा प्रदान करना है। नरेन्द्र मोदी की पिछली सरकार जब बनी थी तभी से एमएसएमई क्षेत्र के कारोबारियों के दिन अच्छे होने लगे थे, क्योंकि सरकार हर तरीके के मदद के लिए तैयार है। MSME मंत्रालय लघु उद्यमों को सात मामलों में चुस्त बनने में मदद कर रहा है। ये हैं- मानव क्षमता विकास, ज्ञान सेवाएं, वित्त की पहुंच, टेक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, बाजार की पहुंच और कारोबारी सहूलियत।

Source – Jagran.com